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घरों से कूड़ा उठाने के नाम पर धांधली की आशंका, एक महीने में कबाड़ हुए तीन करोड़ के स्कैनर

Mon, 14 Sep 2020 11:13 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 14 Sep 2020 11:13 AM IST
सार

  • घरों से कूड़ा उठाने की निगरानी के लिए खरीदे गए थे आरएफआईडी टैग और स्कैनर
  • 3.25 लाख घर हैं शहर में 
  • 305 आरएफआईडी स्कैनर दिए गए
  • 440 डस्टबिन में लगाये थे चिप 
  • 144 गाड़ियों में था जीपीएस

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Scam In Door To Door Garbage Collection Scaner Nagar Nigam
आरएफआईडी टैग और स्कैनर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घरों से कूड़ा उठाने के नाम पर धांधली का एक और मामला सामने आया है। एक साल पहले स्मार्ट सिटी ने तीन करोड़ रुपये के आरएफआईडी टैग और स्कैनर खरीदे थे ताकि घर घर से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया की निगरानी की जा सके। लेकिन यह स्कैनर केवल 30 दिन ही चल पाए और खराब होकर कबाड़ हो गए। 
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डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में सूखा और गीला कचरा उठाया या नहीं, इसकी निगरानी के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने 305 आरएफआईडी टैग स्कैनर बीते साल नगर निगम को सौंपे थे लेकिन यह केवल 30 दिन ही इस्तेमाल हो सके और रख दिए गए।
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29 जुलाई को नगर नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे के आदेश पर कूड़ा उठाने की निगरानी के लिए कर्मचारियों को फिर से स्कैनर दिए गए लेकिन 90 फीसदी से ज्यादा स्कैनर खराब निकले। ये रखे-रखे कबाड़ हो गए थे। नगर निगम ने इस सभी को वापस स्मार्ट सिटी कंपनी को सौंप दिया। 
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Scam In Door To Door Garbage Collection Scaner Nagar Nigam
आगरा नगर निगम
टैग लगे कम, दावा ज्यादा का 
बीते साल अक्टूबर में नगर निगम सदन कक्ष में नगर आयुक्त ने सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर को आरएफआईडी स्कैनर सौंपे थे। तब इनसे 25 हजार घर स्कैन हो पाए थे। पार्षदों का आरोप है कि स्कैनिंग बंद करने के पीछे वजह थी कि इससे टैग लगाने में हुई धांधली सामने आ जायेगी। टैग लगाने वाली कंपनी का भुगतान करने के लिए स्कैनर खराब किये गए। 

आधे घरों में लगे टैग
मेरे वार्ड में कुछ घरों में ही आरएफआईडी टैग लगाए गए हैं, लेकिन इन्हें कभी स्कैन किया ही नहीं गया। शहर में आधे घरों में टैग लगाए हैं और फर्जी दावा कर रहे हैं कि शहर में तीन लाख से ज्यादा टैग लगे हैं। इनका सत्यापन होना चाहिए। - राहुल चौधरी, पार्षद, आजमपाड़ा

टैग लगाने के काम में धांधली
जिस तरह से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में फर्जी नाम और लिस्ट दी गई थी। ठीक उसी तरह से आरएफआईडी टैग लगाने के काम में धांधली हुई है। जितने टैग लगाने का दावा किया जा रहा है उतने लगाए ही नहीं गए हैं। इसीलिए स्कैनर खराब कर दिए गए जिससे उनकी गिनती ना हो सके। - रवि माथुर, पार्षद, पीपल मंडी

स्कैनर स्मार्ट सिटी को लौटाए
स्कैनर में तकनीकी खराबी आ गई थी। घरों के बाहर लगे आरएफआईडी टैग स्कैन नही हो रहे थे, जिस वजह से इन्हें स्मार्ट सिटी को लौटा दिया गया है। - केबी सिंह, अपर नगर आयुक्त

स्कैनर को ठीक कराने भेजा
लंबे समय से स्कैनर काम नहीं कर रहे थे, इसलिए उनमें सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कतें आ गई हैं। इन सभी को ठीक कराने भेज दिया है, जिसके बाद इन्हें नगर निगम के सुपुर्द कर दिया जाएगा। आनंद मेनन, आगरा स्मार्ट सिटी
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