{"_id":"5d50079c8ebc3e6c961a1bd9","slug":"sawan-2019-van-khandeshwar-mahadev-mandir-soron-in-kasganj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आठ लाख की जमानत पर मिला वन खंडेश्वर महादेव को ठिकाना, अनोखी है इस मंदिर की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ लाख की जमानत पर मिला वन खंडेश्वर महादेव को ठिकाना, अनोखी है इस मंदिर की कहानी
Mon, 12 Aug 2019 04:21 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 12 Aug 2019 04:21 PM IST
विज्ञापन
वन खंडेश्वर महादेव, सोरों
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज जिले के सोरों की भागीरथी गुफा के समीप प्राचीन वन खंडेश्वर महादेव मंदिर के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। वन खंडेश्वर महादेव को इस इलाके का इष्ट देव मानते हैं। वन खंडेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग को आठ लाख की जमानत पर ठिकाना मिला है। इसके पीछे चौंकाने वाली कहानी है।
वन खंडेश्वर मंदिर में स्थापित शिवलिंग बेहद अद्भुत है। 46 वर्ष पहले 1973 में छह चोरों ने शिवलिंग के नीचे खजाना होने की संभावना के चलते इसे चोरी कर लिया था। इससे आसपास के श्रद्धालु काफी आहत हुए। उन्होंने शिवलिंग की बरामदगी के लिए तमाम प्रयास किए। थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
शिवलिंग चोरी करने वाले चोर पड़ोसी जनपद अलीगढ़ के रहने वाले थे। कुछ दिनों बाद इन चोरों को संक्रामक बीमारी लग गई। इससे सभी घबरा गए। चोरों ने थाना पाली मुकीमपुर पुलिस को शिवलिंग सौंप दिया। पुलिस ने चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इसके बाद शिवलिंग को थाने में ही स्थापित करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन खंडेश्वर मंदिर में स्थापित शिवलिंग बेहद अद्भुत है। 46 वर्ष पहले 1973 में छह चोरों ने शिवलिंग के नीचे खजाना होने की संभावना के चलते इसे चोरी कर लिया था। इससे आसपास के श्रद्धालु काफी आहत हुए। उन्होंने शिवलिंग की बरामदगी के लिए तमाम प्रयास किए। थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
शिवलिंग चोरी करने वाले चोर पड़ोसी जनपद अलीगढ़ के रहने वाले थे। कुछ दिनों बाद इन चोरों को संक्रामक बीमारी लग गई। इससे सभी घबरा गए। चोरों ने थाना पाली मुकीमपुर पुलिस को शिवलिंग सौंप दिया। पुलिस ने चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इसके बाद शिवलिंग को थाने में ही स्थापित करा दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने दी आठ लाख रुपये जमानत
20 वर्ष पूर्व गांव श्यामपुरी और शिवपुरी के ग्रामीणों को सूचना मिली कि शिवलिंग के अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर में स्थापित है। इस पर ग्रामीणों ने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने यह शिवलिंग नहीं दिया। 1999 में अलीगढ़ के जुडीशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में शिवलिंग प्राप्त करने के लिए गुहार लगाई गई।
अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। अदालत ने शिवलिंग की कीमत आठ लाख रुपये आंकी और इतने ही रुपये की जमानत देने के निर्देश सोरों के पक्षकारों को दिए। श्यामपुरी और शिवपुरी के मुरारी और सुभाष ने आठ लाख रुपये की जमानत दी। इसके बाद ग्रामीणों ने विधि-विधान से वन खंडेश्वर मंदिर में शिवलिंग की पुन: स्थापना कराई।
अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। अदालत ने शिवलिंग की कीमत आठ लाख रुपये आंकी और इतने ही रुपये की जमानत देने के निर्देश सोरों के पक्षकारों को दिए। श्यामपुरी और शिवपुरी के मुरारी और सुभाष ने आठ लाख रुपये की जमानत दी। इसके बाद ग्रामीणों ने विधि-विधान से वन खंडेश्वर मंदिर में शिवलिंग की पुन: स्थापना कराई।
हर मनोकामना पूर्ण करते हैं महादेव
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह शिवलिंग काफी प्राचीन है। कुछ लोग तो इसे भागीरथ के समय का बताते हैं। शिवलिंग की ऊंचाई पांच फुट से अधिक है। चोरी की घटना के बाद से इसे आरसीसी में काफी मजबूती से चार फुट जमीन में दबाया हुआ है, ताकि कोई फिर से चोरी न कर पाए। मान्यता है कि जो भक्त वन खंडेश्वर महादेव के दर पर पहुंचते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
ग्रामीण जयप्रकाश, अनिल कुमार ने बताया कि वन खंडेश्वर महादेव मंदिर की काफी मान्यता है। यह शिवलिंग सैकड़ों वर्ष पुराना है। हर रोज यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और पूजा अर्चना कर मनोकामना करते हैं। जब यह शिवलिंग चोरी हो गया था, तो ग्रामीण इसे पाने के लिए अदालत तक गए। बाद में जमानत देकर न्यायालय के आदेश पर शिवलिंग मिल सका।
ग्रामीण जयप्रकाश, अनिल कुमार ने बताया कि वन खंडेश्वर महादेव मंदिर की काफी मान्यता है। यह शिवलिंग सैकड़ों वर्ष पुराना है। हर रोज यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और पूजा अर्चना कर मनोकामना करते हैं। जब यह शिवलिंग चोरी हो गया था, तो ग्रामीण इसे पाने के लिए अदालत तक गए। बाद में जमानत देकर न्यायालय के आदेश पर शिवलिंग मिल सका।