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आगरा पुलिस ने सपाइयों को किया नजरबंद, नेताओं ने लगाए तानाशाही के आरोप
Tue, 21 Jul 2020 01:22 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 21 Jul 2020 01:22 AM IST
सार
पुलिस ने कार्यालय को घेर लिया और दोनों जिलाध्यक्षों को कार्यालय में ही नजरबंद कर दिया।
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पुलिस ने कार्यालय को घेर लिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में प्रशासन से अनुमति लिए बगैर अहिल्याबाई होल्कर और दुर्गादास राठौर की जयंती मनाने के लिए जा रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं को सोमवार को जिला कार्यालय फतेहाबाद रोड पर पुलिस ने नजरबंद कर दिया। सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक पुलिस फोर्स बाहर तैनात रही। इस दौरान एक भी कार्यकर्ता को बाहर निकलने नहीं दिया। इस मामले की जांच की जा रही है, केस दर्ज किया जा सकता है।
सपा जिलाध्यक्ष राम गोपाल बघेल और शहर अध्यक्ष वाजिद निसार कुछ कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। इस पर तुरंत पुलिस पहुंच गई और सपाइयों से पूछा कि अनुमति किसने दी? इस पर सपा नेताओं ने कहा कि माल्यार्पण के लिए अनुमति की जरूरत कहां हैं?
पुलिस ने कहा कि धारा-144 लगी है। किसी भी कार्यक्रम को अनुमति बगैर नहीं किया जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने सपाइयों को कार्यालय के अंदर ही बंद कर दिया। इस पर शहर अध्यक्ष वाजिद निसार ने कहा सत्ता की हनक में भाजपा विधायक जुलूस निकाल सकते हैं, लेकिन हमें जयंती पर माल्यार्पण का अधिकार नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी नाकामी छिपा रही है। यदि सत्ताधारी विधायक के खिलाफ मुकदमा नहीं लिख सकते, तो लॉकडाउन उल्लंघन में जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं उनसे प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान सौरभ गुप्ता, शिवराम यादव, किशन यादव आदि मौजूद रहे।
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सपा जिलाध्यक्ष राम गोपाल बघेल और शहर अध्यक्ष वाजिद निसार कुछ कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। इस पर तुरंत पुलिस पहुंच गई और सपाइयों से पूछा कि अनुमति किसने दी? इस पर सपा नेताओं ने कहा कि माल्यार्पण के लिए अनुमति की जरूरत कहां हैं?
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पुलिस ने कहा कि धारा-144 लगी है। किसी भी कार्यक्रम को अनुमति बगैर नहीं किया जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने सपाइयों को कार्यालय के अंदर ही बंद कर दिया। इस पर शहर अध्यक्ष वाजिद निसार ने कहा सत्ता की हनक में भाजपा विधायक जुलूस निकाल सकते हैं, लेकिन हमें जयंती पर माल्यार्पण का अधिकार नहीं दिया गया।
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उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी नाकामी छिपा रही है। यदि सत्ताधारी विधायक के खिलाफ मुकदमा नहीं लिख सकते, तो लॉकडाउन उल्लंघन में जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं उनसे प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान सौरभ गुप्ता, शिवराम यादव, किशन यादव आदि मौजूद रहे।
लॉकडाउन में भाजपाइयों के जुलूस मामले में जांच के आदेश
विधायक योगेंद्र उपाध्याय को भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक बनाए जाने पर उनके स्वागत में लॉकडाउन में जुलूस निकाले जाने के मामले की जांच के आदेश एसएसपी बबलू कुमार ने दिए हैं। जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। इसमें उन पुलिसवालों से भी सवाल जवाब किए जाएंगे जो जुलूस के दौरान मौजूद रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
विधायक रविवार को लखनऊ से लौटे थे। इस दौरान फतेहाबाद रोड से जयपुर हाउस तक जुलूस निकाला गया था। इसमें समाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया गया। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। जुलूस के फोटो और वीडियो देखे जा रहे हैं। इसमें मौजूद लोगों से पूछताछ की जाएगी।
नियमों का पालन किया था: योगेंद्र उपाध्याय
विधायक योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि उनके स्वागत के लिए आए कार्यकर्ता गाड़ियों में ही रहे, उन्होंने सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया। सभी लोग मास्क भी लगाए थे। जहां उन्हें लगा कि लोग नजदीक आ रहे हैं, उन्हें सख्ती से मना करके वापस कर दिया था।
संबंधित खबर: लॉकडाउन में भाजपा विधायक का स्वागत, 15 किमी लंबे जुलूस में 40 गाड़ियां, कायदे-कानून की उड़ीं धज्जियां
विधायक रविवार को लखनऊ से लौटे थे। इस दौरान फतेहाबाद रोड से जयपुर हाउस तक जुलूस निकाला गया था। इसमें समाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया गया। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। जुलूस के फोटो और वीडियो देखे जा रहे हैं। इसमें मौजूद लोगों से पूछताछ की जाएगी।
नियमों का पालन किया था: योगेंद्र उपाध्याय
विधायक योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि उनके स्वागत के लिए आए कार्यकर्ता गाड़ियों में ही रहे, उन्होंने सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया। सभी लोग मास्क भी लगाए थे। जहां उन्हें लगा कि लोग नजदीक आ रहे हैं, उन्हें सख्ती से मना करके वापस कर दिया था।
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