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मार्कशीट फर्जीवाड़े पर यूनिवर्सिटी में बवाल
अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 05 May 2016 01:47 AM IST
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अंबेडकर यूनिवर्सिटी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
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डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी की मार्कशीट में किए गए आनलाइन फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने भारी प्रदर्शन किया और परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह को घेरा। तीखी नोकझोंक के बीच उन्हें कुर्सी से उठा दिया। कुर्सी टेबल पर पटक दी। वे बाहर जाने लगे तो धक्का-मुक्की की गई। उनका रास्ता रोककर प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए। बवाल के चलते उन्हें दूसरे विभाग में बैठना पड़ा। बाद में आई पुलिस ने गुस्साए छात्रों को जैसे-तैसे शांत किया।
दोपहर लगभग एक बजे शुरू हुआ प्रदर्शन साढ़े तीन बजे तक चला। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्रसंघ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने मुख्य रूप से दो मांगें रखीं। पहली परीक्षा नियंत्रक इस्तीफा दें। दूसरी, रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। छात्रसंघ महामंत्री ललित शर्मा और संयुक्त सचिव दीपक बघेल ने कहा कि फर्जी मार्कशीट के बाद अब आनलाइन रिजल्ट में भी हेराफेरी होने लगी है। यह छात्रों के साथ धोखा है। परीक्षा नियंत्रक ने उन्हें जांच शुरू करने की बात बताई। प्रदर्शन में एबीवीपी के मोहित सोलंकी, गौरव शर्मा, तरुण राणा, नीरज अग्रवाल, नवदीप आदि रहे।
खुलासे से हड़कंप, कड़ी कार्रवाई होगी
रिजल्ट में फर्जीवाड़े की खबर अमर उजाला के बुधवार के अंक में प्रकाशित होने पर विश्वविद्यालय और रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी में हड़कंप मचा हुआ है। कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक और एजेंसी संचालक से विवरण मांगा है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने कहा है कि जिन गड़बड़ी वाली चिह्नित कर ली हैं। इसकी जांच वह स्वयं कर रहे हैं। दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस ने छात्रों के सुर में सुर मिलाया
गुस्से से भरे छात्रों को शांत करने के लिए पुलिस ने उनके सुर में सुर मिला लिया। विवि अधिकारियों से पुलिसकर्मी बोले, ‘छात्रों का भविष्य क्यों चौपट कर रहे हो? सुधर जाओ, वरना तुम्हारे खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया जाएगा।’ विवि अधिकारी चुप सुनते रहे।
मार्कशीट... मार्कशीट ने छीना चैन
परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का भी धैर्य जवाब दे गया। बोले, यहां कोई अधिकारी सहयोग नहीं करता। कर्मचारियों से लेकर एजेंसी तक उनकी नहीं सुनते। हालत यह है कि रात में भी सोते वक्त कानों में मार्कशीट...मार्कशीट सुनाई देता है। दिन-रात का चैन छिन गया है।
विवि ने माना, आउट हुआ था पेपर
आगरा। फीरोजाबाद में 16 अप्रैल को बीकॉम सेकेंड ईयर का इनकम टैक्स का पेपर आउट हुआ था। विवि की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। जांच में पता चला कि दोपहर तीन बजे शुरू हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र इससे 27 मिनट पहले ही व्हाट्सएप पर वायरल था। जांच कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। पेपर कैसे आउट हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे, इसका पता न लगने पर विश्वविद्यालय एफआईआर कराने की तैयारी में है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने बताया कि कक्ष में परीक्षार्थियों को देने के लिए पांच-दस मिनट पहले पेपर की सील खोली जाती है। लेकिन सोशल मीडिया के जरिये ये बाहर गया। इसके लिए एफआईआर कराई जाएगी।
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दोपहर लगभग एक बजे शुरू हुआ प्रदर्शन साढ़े तीन बजे तक चला। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्रसंघ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने मुख्य रूप से दो मांगें रखीं। पहली परीक्षा नियंत्रक इस्तीफा दें। दूसरी, रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। छात्रसंघ महामंत्री ललित शर्मा और संयुक्त सचिव दीपक बघेल ने कहा कि फर्जी मार्कशीट के बाद अब आनलाइन रिजल्ट में भी हेराफेरी होने लगी है। यह छात्रों के साथ धोखा है। परीक्षा नियंत्रक ने उन्हें जांच शुरू करने की बात बताई। प्रदर्शन में एबीवीपी के मोहित सोलंकी, गौरव शर्मा, तरुण राणा, नीरज अग्रवाल, नवदीप आदि रहे।
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खुलासे से हड़कंप, कड़ी कार्रवाई होगी
रिजल्ट में फर्जीवाड़े की खबर अमर उजाला के बुधवार के अंक में प्रकाशित होने पर विश्वविद्यालय और रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी में हड़कंप मचा हुआ है। कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक और एजेंसी संचालक से विवरण मांगा है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने कहा है कि जिन गड़बड़ी वाली चिह्नित कर ली हैं। इसकी जांच वह स्वयं कर रहे हैं। दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस ने छात्रों के सुर में सुर मिलाया
गुस्से से भरे छात्रों को शांत करने के लिए पुलिस ने उनके सुर में सुर मिला लिया। विवि अधिकारियों से पुलिसकर्मी बोले, ‘छात्रों का भविष्य क्यों चौपट कर रहे हो? सुधर जाओ, वरना तुम्हारे खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया जाएगा।’ विवि अधिकारी चुप सुनते रहे।
मार्कशीट... मार्कशीट ने छीना चैन
परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का भी धैर्य जवाब दे गया। बोले, यहां कोई अधिकारी सहयोग नहीं करता। कर्मचारियों से लेकर एजेंसी तक उनकी नहीं सुनते। हालत यह है कि रात में भी सोते वक्त कानों में मार्कशीट...मार्कशीट सुनाई देता है। दिन-रात का चैन छिन गया है।
विवि ने माना, आउट हुआ था पेपर
आगरा। फीरोजाबाद में 16 अप्रैल को बीकॉम सेकेंड ईयर का इनकम टैक्स का पेपर आउट हुआ था। विवि की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। जांच में पता चला कि दोपहर तीन बजे शुरू हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र इससे 27 मिनट पहले ही व्हाट्सएप पर वायरल था। जांच कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। पेपर कैसे आउट हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे, इसका पता न लगने पर विश्वविद्यालय एफआईआर कराने की तैयारी में है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने बताया कि कक्ष में परीक्षार्थियों को देने के लिए पांच-दस मिनट पहले पेपर की सील खोली जाती है। लेकिन सोशल मीडिया के जरिये ये बाहर गया। इसके लिए एफआईआर कराई जाएगी।