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नोटबंदी: आखिरी दिन नजर न आई कतार
नोटबंदी: आखिरी दिन नजर न आई कतार
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:49 AM IST
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नोटबंदी: आखिरी दिन नजर न आई कतार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के तहत 500/1000 रुपये के पुराने नोट बैंक में जमा कराने का शुक्रवार को आखिरी दिन था। आखिरी दिन न तो शाखाओं में भीड़ नजर आई और न ही एटीएम में। हालांकि कैश की उपलब्धता शुक्रवार को भी कम रही और जिले के 550 से ज्यादा एटीएम के शटर नीचे ही रहे। पुराने बंद हो चुके नोट जमा कराने वाले लोगों की तादात भी कम रही।
शुक्रवार को शहर में बैंक शाखाओं में बंद नोट जमा कराने वाले ग्राहकों की संख्या कम रही। बंद हो चुके 500-1000 रुपये के नोटों को लोग पहले ही अपने एकाउंट में या तो जमा करा चुके या फिर पेट्रोल पंप पर चलाने के साथ एक्सचेंज की सुविधा के दौरान बदल चुके थे। ऐसे में 25 दिसंबर के बाद एकाउंट में जमा कराने वालों की संख्या बेहद कम रही। शुक्रवार को कुछ ब्रांच में महिलाएं बंद हो चुके नोट जमा कराने पहुंचीं, लेकिन वह भी कम संख्या में थे, जो घर की अल्मारी, लॉकर खंगालने के बाद मिले। हर ब्रांच में न तो जमा करने वालों और न ही निकासी वालों की कतार नजर आई। यही हाल एटीएम का भी रहा। एटीएम के आगे हर दिन कतार देखने वालों को कई एटीएम के खाली होने पर कैश होने पर भी यकीन नहीं हुआ।
बैंकों की आडिट भी पूरी
आगरा। नोटबंदी में बंद हो चुके नोटों के एक्सचेंज में घपले और गड़बड़ियों की शिकायतों पर बैंकों ने कई ब्रांच का आडिट कराया, जो शनिवार को पूरा कर लिया जाएगा। अधिकांश ब्रांच में यह आडिट पूरा हो भी चुका है। चार्टर्ड एकांउटेंटों ने बैंकों में एक्सचेंज फार्म में दर्ज पुराने नोटों की संख्या और जमा पर्चियों यानी पे इन स्लिप में दर्ज नोटों की संख्या तथा बैंक के डेली कैशबुक का रिकार्ड खंगाला। शहर की कई बैंक शाखाओं में नोट एक्सचेंज के नाम पर खेल की शिकायतें रिजर्व बैंक तक पहुंची थी, जिसके बाद बैंकों ने सीए से आडिट कराया।
शुक्रवार को शहर में बैंक शाखाओं में बंद नोट जमा कराने वाले ग्राहकों की संख्या कम रही। बंद हो चुके 500-1000 रुपये के नोटों को लोग पहले ही अपने एकाउंट में या तो जमा करा चुके या फिर पेट्रोल पंप पर चलाने के साथ एक्सचेंज की सुविधा के दौरान बदल चुके थे। ऐसे में 25 दिसंबर के बाद एकाउंट में जमा कराने वालों की संख्या बेहद कम रही। शुक्रवार को कुछ ब्रांच में महिलाएं बंद हो चुके नोट जमा कराने पहुंचीं, लेकिन वह भी कम संख्या में थे, जो घर की अल्मारी, लॉकर खंगालने के बाद मिले। हर ब्रांच में न तो जमा करने वालों और न ही निकासी वालों की कतार नजर आई। यही हाल एटीएम का भी रहा। एटीएम के आगे हर दिन कतार देखने वालों को कई एटीएम के खाली होने पर कैश होने पर भी यकीन नहीं हुआ।
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बैंकों की आडिट भी पूरी
आगरा। नोटबंदी में बंद हो चुके नोटों के एक्सचेंज में घपले और गड़बड़ियों की शिकायतों पर बैंकों ने कई ब्रांच का आडिट कराया, जो शनिवार को पूरा कर लिया जाएगा। अधिकांश ब्रांच में यह आडिट पूरा हो भी चुका है। चार्टर्ड एकांउटेंटों ने बैंकों में एक्सचेंज फार्म में दर्ज पुराने नोटों की संख्या और जमा पर्चियों यानी पे इन स्लिप में दर्ज नोटों की संख्या तथा बैंक के डेली कैशबुक का रिकार्ड खंगाला। शहर की कई बैंक शाखाओं में नोट एक्सचेंज के नाम पर खेल की शिकायतें रिजर्व बैंक तक पहुंची थी, जिसके बाद बैंकों ने सीए से आडिट कराया।
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