मथुराः संघ प्रमुख मोहन भागवत संतों के बीच, धारा 370 व 35ए समाप्त करने पर चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संघ प्रमुख मोहन भागवत सोमवार को टिकारी घाट क्षेत्र स्थित हंस देवरहा महाराज से मिले। उनके बीच अध्यात्म, अखंड भारत और भारत के साथ कश्मीर को जोड़ने को लेकर चर्चा हुई।
संघ प्रमुख ने संतों के विचार केंद्र सरकार तक पहुंचाने पर सहमति जताई। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, गुप्पी महाराज ने उन्हें पटुका ओढ़ाकर व बांकेबिहारी महाराज की तस्वीर भेंट की और उनका स्वागत किया।
इसके बाद संघ प्रमुख परिक्रमा मार्ग स्थित कृष्णकृपा धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने संत, महंत और भागवताचार्यों के साथ बैठक की। बैठक में देश में संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया।
वहीं, संतों ने संघ प्रमुख के समक्ष मांग रखी कि जम्मू कश्मीर से धारा 35ए व धारा 370 को हटाकर अखंड भारत बनाया जाए। इस पर मोहन भागवत ने संतों के साथ होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने संतों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद मोहन भागवत ने पुन: बंद कमरे में स्वामी ज्ञानानंद महाराज से वार्ता की।
यहां करीब एक घंटे तक वह संतों के बीच रहे। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानांनद महाराज ने बताया कि संघ प्रमुख के साथ संस्कारयुक्त शिक्षा नीति और हरिद्वार में कुंभ आदि विषयों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर महंत फूलडोल बिहारी दास, महामंडलेश्वर आदित्यानंद, महामंडलेश्वर भास्करानंद, स्वामी नवलगिरि महाराज, महंत चित्त प्रकाशानंद, महंत मोहिनीशरण, भागवत भास्कर कृष्णचंद ठाकुरजी, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, पार्षद राधाकृष्ण पाठक, विनीत शर्मा आदि उपस्थित थे।