{"_id":"6a8d1e1cc024c1b78f0f5310","slug":"rs-7-06-crore-advanced-technology-centre-to-transform-mankheda-polytechnic-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: 7 करोड़ से बदलेगी मनखेड़ा पॉलिटेक्निक की तस्वीर, अब हाईटेक लैब में होगी रोबोटिक्स और ईवी की पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी: 7 करोड़ से बदलेगी मनखेड़ा पॉलिटेक्निक की तस्वीर, अब हाईटेक लैब में होगी रोबोटिक्स और ईवी की पढ़ाई
Tue, 25 Aug 2026 10:16 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:16 AM IST
सार
आगरा के मनखेड़ा पॉलिटेक्निक में 7.06 करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया जाएगा। इसमें 21 आधुनिक लैब और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित होंगी। छात्रों को इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स, आईओटी, ऑटोमोबाइल और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण मिलेगा। निर्माण फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
मनखेड़ा पॉलिटेक्निक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अब पॉलिटेक्निक के छात्र सिर्फ किताबों में रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की तकनीक नहीं पढ़ेंगे बल्कि इन्हें लैब में खुद साकार होता देखेंगे और सीखेंगे। प्रदेश सरकार और टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से मनखेड़ा पॉलिटेक्निक में 7.06 करोड़ रुपये की लागत से करीब 1,991 वर्ग गज में एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर तैयार होने जा रहा है।
तीन मंजिला इस भवन में आधुनिक तकनीक से जुड़ी 21 अलग-अलग लैब, सेक्शन और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित सेंटर का निर्माण फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं अगले वर्ष से लैब भी शुरू हो जाएगी। एक ही भवन में विद्यार्थियों को ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) लैब और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
प्राचार्य कुलदीप गुप्ता ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर के जरिये विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। इससे छात्रों को अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने का बेहतर अवसर मिलेगा। ग्राउंड फ्लोर पर एफएमएस, ऑटो एमआरओ, दो ईवी सेक्शन, मिलिंग, वीएमसी, सीएनसी, हाइड्रोलिक प्रेस, पेंट बूथ और फैब लैब बनाई जाएगी। यहां विद्यार्थियों को मशीनिंग, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा।
विज्ञापन
पहली मंजिल पर रोबोटिक्स और एआर-वीआर
पहली मंजिल पर इंटीग्रेटेड रोबोटिक्स सेल, लेजर कटर, एआर-वीआर सेटअप, क्वालिटी कंट्रोल लैब, प्लंबिंग सेटअप और एफएमएस एवं प्रोसेस कंट्रोल लैब प्रस्तावित हैं। दूसरी मंजिल पर पीडीडी, पीवीए, पीएलएम और आईओटी लैब के साथ वी-सैट क्लासरूम विकसित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को डिजाइन, प्रोडक्शन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
पॉलिटेक्निक कॉलेज के नोडल अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर पर विद्यार्थियों को दो साल तक टाटा टेक्नोलॉजीज के ट्रेनर्स ही प्रशिक्षण देंगे। इससे विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और उन्हें इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।
विज्ञापन
तीन मंजिला इस भवन में आधुनिक तकनीक से जुड़ी 21 अलग-अलग लैब, सेक्शन और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित सेंटर का निर्माण फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं अगले वर्ष से लैब भी शुरू हो जाएगी। एक ही भवन में विद्यार्थियों को ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) लैब और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
विज्ञापन
प्राचार्य कुलदीप गुप्ता ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर के जरिये विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। इससे छात्रों को अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने का बेहतर अवसर मिलेगा। ग्राउंड फ्लोर पर एफएमएस, ऑटो एमआरओ, दो ईवी सेक्शन, मिलिंग, वीएमसी, सीएनसी, हाइड्रोलिक प्रेस, पेंट बूथ और फैब लैब बनाई जाएगी। यहां विद्यार्थियों को मशीनिंग, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा।
विज्ञापन
पहली मंजिल पर रोबोटिक्स और एआर-वीआर
पहली मंजिल पर इंटीग्रेटेड रोबोटिक्स सेल, लेजर कटर, एआर-वीआर सेटअप, क्वालिटी कंट्रोल लैब, प्लंबिंग सेटअप और एफएमएस एवं प्रोसेस कंट्रोल लैब प्रस्तावित हैं। दूसरी मंजिल पर पीडीडी, पीवीए, पीएलएम और आईओटी लैब के साथ वी-सैट क्लासरूम विकसित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को डिजाइन, प्रोडक्शन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
पॉलिटेक्निक कॉलेज के नोडल अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर पर विद्यार्थियों को दो साल तक टाटा टेक्नोलॉजीज के ट्रेनर्स ही प्रशिक्षण देंगे। इससे विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और उन्हें इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।