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आगरा: दो गोदामों से जब्त दवाओं की कीमत निकली 250 करोड़ रुपये, सामने आई यह सच्चाई
Fri, 08 Nov 2019 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 08 Nov 2019 12:09 AM IST
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गोदाम पर कार्रवाई करती टीम (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के फ्रीगंज के दो गोदामों से जब्त की दवाओं की कीमत 250 करोड़ रुपये है। इसमें 10 तरह की दवाएं और इंजेक्शन मिले। केंद्रीय नारकोटिक्स टीम की जब्त दवाओं की रिपोर्ट तैयार हो गई है। इनमें से 80 दवाओं की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स ग्वालियर की टीम ने 20 अक्तूबर को फ्रीगंज स्थित दो अवैध गोदामों पर छापा मारा था। गोदाम से दवाएं एकत्रित करने में टीम को दो दिन लगे। 135-140 कट्टों में दवाएं भरकर टीम यहां से लेकर गई थी।
एक इंजेक्शन की कीमत 85 हजार रुपये
इन दवाओं की रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें सबसे महंगा एक इंजेक्शन है, जिनकी संख्या लगभग 85 हजार है। टीम की पड़ताल में जब्त दवाओं की कीमत 250 करोड़ रुपये है। यह दवाएं 10 कंपनियों की हैं। हर कंपनी की दवाओं के आठ-आठ नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। निर्माता कंपनियों के यहां भी नोटिस भेजा गया है।
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सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स ग्वालियर की टीम ने 20 अक्तूबर को फ्रीगंज स्थित दो अवैध गोदामों पर छापा मारा था। गोदाम से दवाएं एकत्रित करने में टीम को दो दिन लगे। 135-140 कट्टों में दवाएं भरकर टीम यहां से लेकर गई थी।
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एक इंजेक्शन की कीमत 85 हजार रुपये
इन दवाओं की रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें सबसे महंगा एक इंजेक्शन है, जिनकी संख्या लगभग 85 हजार है। टीम की पड़ताल में जब्त दवाओं की कीमत 250 करोड़ रुपये है। यह दवाएं 10 कंपनियों की हैं। हर कंपनी की दवाओं के आठ-आठ नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। निर्माता कंपनियों के यहां भी नोटिस भेजा गया है।
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सहायक आयुक्त नारकोटिक्स अजय कुमार ने बताया कि फ्रीगंज से जब्त की दवाओं की कीमत 250 करोड़ रुपये पाई गई है। यह दवाएं नकली हैं या फिर असली, इसकी जांच के लिए 80 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
नशे के लिए कालाबाजारी
जब्त की गई दवाएं मानसिक रोगों के इलाज में उपयोग की जाती हैं। दर्द निवारक इंजेक्शन भी हैं। इनमें इंजेक्शन की संख्या अधिक है। टीम की जांच में पाया कि इनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है। इसके चलते इनकी कालाबाजारी की जा रही है। आसपास के राज्यों तक इसकी सप्लाई थी।
पांच स्टोर हैं कार्रवाई की जद में
नारकोटिक्स की पड़ताल में पांच दवा विक्रेताओं से भी इसके तार जुड़े हुए हैं। इसमें थोक दवा विक्रेता भी हैं। इनको टीम ने नोटिस दे दिया है, पूछताछ भी की गई है। इस मामले में अभी एक गिरफ्तारी हुई है।
नशे के लिए कालाबाजारी
जब्त की गई दवाएं मानसिक रोगों के इलाज में उपयोग की जाती हैं। दर्द निवारक इंजेक्शन भी हैं। इनमें इंजेक्शन की संख्या अधिक है। टीम की जांच में पाया कि इनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है। इसके चलते इनकी कालाबाजारी की जा रही है। आसपास के राज्यों तक इसकी सप्लाई थी।
पांच स्टोर हैं कार्रवाई की जद में
नारकोटिक्स की पड़ताल में पांच दवा विक्रेताओं से भी इसके तार जुड़े हुए हैं। इसमें थोक दवा विक्रेता भी हैं। इनको टीम ने नोटिस दे दिया है, पूछताछ भी की गई है। इस मामले में अभी एक गिरफ्तारी हुई है।