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डिपो के पंप से डीजल डलवाकर निकलते ही सीज होती रहीं रोडवेज गाड़ियां, जानिए क्या है मामला
Fri, 23 Aug 2019 12:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 23 Aug 2019 12:45 PM IST
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रोडवेज बस (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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पानी मिला डीजल डाले जाने के कारण बुधवार शाम रोडवेज की 10 बसें रास्ते में बंद हो गईं। बसों के बंद होने की जानकारी मिलने पर ताज डिपो के डीजल पंप को आनन-फानन में बंद कर दिया गया।
डीजल चोरी का हल्ला मचने पर क्षेत्रीय प्रबंधक व सेवा प्रबंधक और आईओसी की टीम ने डिपो में जांच-पड़ताल की। पता लगा कि डीजल टैंक में पानी चला गया। इसी टैंक से 10 रोडवेज बसों में डीजल भरा गया था।
ईदगाह स्थित ताज डिपो की कार्यशाला में रोडवेज बसों में डीजल देने के लिए दो मशीनें लगी हुई हैं। डिपो में पिछले तीन दिन से पाइप लाइन की लीकेज की शिकायत पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की टीम हाइड्रो टेस्ट कर रही थी।
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डीजल चोरी का हल्ला मचने पर क्षेत्रीय प्रबंधक व सेवा प्रबंधक और आईओसी की टीम ने डिपो में जांच-पड़ताल की। पता लगा कि डीजल टैंक में पानी चला गया। इसी टैंक से 10 रोडवेज बसों में डीजल भरा गया था।
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ईदगाह स्थित ताज डिपो की कार्यशाला में रोडवेज बसों में डीजल देने के लिए दो मशीनें लगी हुई हैं। डिपो में पिछले तीन दिन से पाइप लाइन की लीकेज की शिकायत पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की टीम हाइड्रो टेस्ट कर रही थी।
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शाम तकरीबन छह बजे जब रोडवेज बसों में डीजल भरा गया तो कुछ ही घंटे बाद शिकायत आई कि जो बसें ईंधन भरवाकर गई हैं, वह रास्ते में बंद हो गई हैं। इसकी भनक लगने पर रोडवेज एंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारी भी डिपो में पहुंच गए।
उनका आरोप था कि यहां डीजल चोरी करने के लिए पानी मिलाया जा रहा है। इसके बाद आननफानन में डीजल पंप को बंद कर दिया गया। जो बसें बाहर भेजी गई थीं, उन्हें वापस लिया गया लेकिन कई बसों के इंजन पानी के कारण बंद हो गए। अनुबंधित बस के मालिक ने हंगामा कर दिया।
आरएम मनोज त्रिवेदी, सेवा प्रबंधक एसपी सिंह और आईओसी के अधिकारी कार्यशाला में पहुंचे। इसके बाद डीजल टैंक में पानी मिले डीजल को निकालना शुरू किया गया। डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डिपो में लीकेज की जांच का काम कई दिन से चल रहा है।
आईओसी के किसी कर्मचारी ने खाली टैंक में पानी भरने के स्थान पर डीजल वाले टैंक में पानी का पंप लगा दिया, इस कारण डीजल में पानी मिल गया। डीजल में तकरीबन दो हजार लीटर पानी मिला है, जिसे हटाया जा रहा है।
उनका आरोप था कि यहां डीजल चोरी करने के लिए पानी मिलाया जा रहा है। इसके बाद आननफानन में डीजल पंप को बंद कर दिया गया। जो बसें बाहर भेजी गई थीं, उन्हें वापस लिया गया लेकिन कई बसों के इंजन पानी के कारण बंद हो गए। अनुबंधित बस के मालिक ने हंगामा कर दिया।
आरएम मनोज त्रिवेदी, सेवा प्रबंधक एसपी सिंह और आईओसी के अधिकारी कार्यशाला में पहुंचे। इसके बाद डीजल टैंक में पानी मिले डीजल को निकालना शुरू किया गया। डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डिपो में लीकेज की जांच का काम कई दिन से चल रहा है।
आईओसी के किसी कर्मचारी ने खाली टैंक में पानी भरने के स्थान पर डीजल वाले टैंक में पानी का पंप लगा दिया, इस कारण डीजल में पानी मिल गया। डीजल में तकरीबन दो हजार लीटर पानी मिला है, जिसे हटाया जा रहा है।
डिपो में आया था डीजल टैंक
बुधवार की शाम करीब चार बजे आईओसी से एक टैंकर डीजल आया था, जिसे टैंक में भरा गया था। इसके बाद जब टैंक से बसों में डीजल भरा गया तभी से परेशानी सामने आईं। केंद्र प्रभारी ने बताया कि टैंक में तकरीबन दो से ढाई हजार लीटर पानी मिला था। अब आठ बसों से पानी मिला ईंधन निकाला गया है।
हाइड्रो टेस्ट के दौरान ठेकेदार की गलती से डीजल टैंक में पानी चला गया। इस कारण नाइट हॉल्ट की नौ बसों में पानी मिश्रित डीजल भरा गया, जिन्हें बाद में साफ करवाया गया। एक अनुबंधित बस ही रूट पर निकली थी। जांच के बाद आईओसी को नुकसान की भरपाई के लिए पत्र लिखा गया है। एसपी सिंह, सेवा प्रबंधक, आगरा
लीकेज की जांच के दौरान ही किसी तरह टैंक में पानी चला गया है। टैंक के लीकेज को ठीक करने का काम किया जा रहा है। अनुज कुमार, सहायक प्रबंधक, आईओसी
बुधवार की शाम करीब चार बजे आईओसी से एक टैंकर डीजल आया था, जिसे टैंक में भरा गया था। इसके बाद जब टैंक से बसों में डीजल भरा गया तभी से परेशानी सामने आईं। केंद्र प्रभारी ने बताया कि टैंक में तकरीबन दो से ढाई हजार लीटर पानी मिला था। अब आठ बसों से पानी मिला ईंधन निकाला गया है।
हाइड्रो टेस्ट के दौरान ठेकेदार की गलती से डीजल टैंक में पानी चला गया। इस कारण नाइट हॉल्ट की नौ बसों में पानी मिश्रित डीजल भरा गया, जिन्हें बाद में साफ करवाया गया। एक अनुबंधित बस ही रूट पर निकली थी। जांच के बाद आईओसी को नुकसान की भरपाई के लिए पत्र लिखा गया है। एसपी सिंह, सेवा प्रबंधक, आगरा
लीकेज की जांच के दौरान ही किसी तरह टैंक में पानी चला गया है। टैंक के लीकेज को ठीक करने का काम किया जा रहा है। अनुज कुमार, सहायक प्रबंधक, आईओसी