कासगंज में सड़क हादसा: वाहन की टक्कर से तीन चचेरे भाइयों की मौत, परिवार में मची चीत्कार
पटियाली क्षेत्र में हाईवे पर मोपेड सवार तीन भाइयों को पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। जिससे तीनों की मौत हो गई। तीनों युवक बाजार जा रहे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवारों में चीत्कार मच गई।
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कासगंज के पटियाली क्षेत्र में शुक्रवार शाम को भीषण सड़क हादसा हो गया। गांव लालूपुरा के पास हाईवे पर पिकअप गाड़ी ने मोपेड सवार तीन चचेरे भाइयों को रौंद दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम कराया है।
सिकंदरपुर वैश्य के गांव बंगसनगर निवासी उपेंद्र (35) पुत्र सुरेश सिंह, उसका चचेरा भाई रुकुम सिंह (25) पुत्र एवरन सिंह एवं परिवार का भाई नारायण सिंह (30) पुत्र राजेंद्र मोपेड से बरी बगवास में लगने वाले साप्ताहिक शुक्रवार बाजार से घर के लिए सामान खरीदने को जा रहे थे।
जब तीनों लालूपुरा के निकट पहुंचे तभी पिकअप गाड़ी ने उनकी मोपेड में टक्कर मार दी और तीनों को रौंदती हुई चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। शवों की शिनाख्त हो जाने के बाद परिजनों को सूचना दी गई।
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सूचना मिलने पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हादसा कर भागने वाली पिकअप गाड़ी को पकड़ने के लिए आसपास के क्षेत्रों में पुलिस को सूचना भेज दी गई। जिससे गाड़ी को कुछ ही दूर पर पकड़ लिया गया। समाचार लिखे जाने तक हादसे की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
परिवार में मची चीत्कार
सड़क हादसे में तीन चचेरे भाइयो की मौत से परिवारों में चीत्कार मच गई। हादसे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। पुलिस ने समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। जब ग्रामीणों को पता चला कि तीनों के शव स्वास्थ्य केंद्र पर है तो वहां से ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र की और दौड़ लिए।
ग्रामीणों ने मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाया। मृतकों के शवों को पुलिस ने अपनी गाड़ी से ही स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र पर एकत्रित ग्रामीण पुलिस की गाड़ी के आगे घेरा बनाकर खड़े हो गए और शवों के उतारे जाने का इंतजार करने लगे।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
तीन चचेरे भाइयों की मौत के बाद आठ बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। तीनों भाई मनरेगा के तहत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। मृतक नरायण सिंह के दो बच्चे हैं। जबकि उपेंद्र व रुकुम सिंह के 3-3 बच्चे हैं। नरायण सिंह की पत्नी सुधा, उपेंद्र की पत्नी तुलसा एवं रुकुम की पत्नी बंटी का रो-रोकर बुरा हाल था।