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मीट द अचीवर्स: कार्यक्रम में राहत आयुक्त बोले- सही रणनीति, लगातार मेहनत और समर्पण से मिलती है सफलता
Sun, 22 Sep 2024 12:02 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 22 Sep 2024 12:02 AM IST
सार
मीट द अचीवर्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि सही रणनीति, लगातार मेहनत और समर्पण से सफलता मिलती है।
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कार्यक्रम में बोलते राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में सेंटर फॉर एम्बिशन और अमर उजाला के सहयोग से मीट द अचीवर्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सूरसदन प्रेक्षाग्रह में हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इसे पास करना कठिन तो है लेकिन नामुमकिन नहीं। इसमें भविष्य बनाना चाहते हैं तो पहले मुख्य परीक्षा की तैयारी करें फिर प्री की। सही रणनीति, लगातार मेहनत और समर्पण से सफलता मिलती है।
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प्रतियोगी छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए राहत आयुक्त ने कहा कि आप यूपी बोर्ड से पढ़े हों या बिहार बोर्ड से इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। फर्क काबिलियत से पड़ता है। खुद को काबिल बनाने के लिए मेहनत कीजिए। सिविल सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम इतना व्यापक है कि अभ्यर्थी को प्रतिदिन 15 से 16 घंटे पढ़ाई करनी ही पड़ती है।
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सूरसदन प्रेक्षागृह में सेंटर ऑफ एंबीशन और अमर उजाला की ओर से आयोजित मीट द अचीवर्स कार्यक्रम में मौजू
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संस्थान की छात्राओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि अभ्यर्थी को ये पता होना चाहिए कि उसे क्या और कितना पढ़ना है, इसके लिए 10 साल के प्रश्नपत्र से ज्यादा सटीक माध्यम कोई नहीं। उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद किया। राहुल, इंद्रा, अरमान, ललित, किरण राजपूत, ज्योति सोनी, रामलखन सिंह आदि ने सवाल किए। जिनका उन्होंने क्रम से जवाब दिया।
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मीट द अचीवर्स कार्यक्रम में सम्मानित छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
अशरफ जहांगीर ने जीएस ओलंपियाड में पहला स्थान प्राप्त किया। इन्हें 51 हजार रुपये का चेक, प्रमाणपत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई। दूसरे स्थान पर सेंट जोंस कॉलेज दयालबाग निवासी अंशुल कुमार को 21 हजार रुपये का चेक, प्रमाणपत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई। तीसरे स्थान पर दयालबाग के गर्वित रहे। उन्हें 11 हजार रुपये का चेक, प्रमाणपत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई। ये तीनों ही युवा भारतीय प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के प्रति रुझान केवल युवाओं नहीं बल्कि इंटर, हाईस्कूल करने वाले छात्रों में भी है। कई अभिभावक अपने बच्चों के साथ कार्यशाला में शामिल हुए। अभिभावक सुशील शर्मा, राम लखन सिंह अपने बच्चों को लेकर सूरसदन पहुंचे थे। इनका मानना है कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए अभिभावकों को खुद भी जागरूक रहना होगा। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
मीट द अचीवर्स कार्यक्रम को संबोधित करते जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने कहा कि आपने पहले क्या किया, आपका परिणाम क्या रहा? इसका यूपीएससी के परिणाम पर कोई फर्क नहीं पड़ता। आप वर्तमान में क्या, कितना और कैसे पढ़ रहे हैं यही आपकी सफलता को तय करेगी। रणनीति बनाकर पढ़ें और निर्धारित समय में सिलेबस पूरा करें। ऐसा करने से आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। सफलता के लिए समर्पण बेहद जरूरी है।
मीट द अचीवर्स कार्यक्रम को संबोधित करते अपर पुलिस आयुक्त केशव चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
दोस्त ऐसे बनाएं जो प्रेरित करें
आईपीएस अधिकारी एडीसीपी केशव चौधरी ने कहा कि अपनी पढ़ाई को घंटों में न बांधे बल्कि कितनी पढ़ाई रोजाना करनी है, यह तय करें। ऐसे दोस्त बनाएं, जो खुद पढ़ें और आपको भी प्रेरित करें। उपलब्ध संसाधनों का भरपूर प्रयोग करें ताकि राह आसान हो सके।
कार्यक्रम में संस्थान की ओर से आयोजित सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय जीएस ओलंपियाड के विजेता और उपविजेताओं को सम्मानित भी किया गया। सेंटर फॉर एंबीशन के निदेशक अमित सिंह ने संस्थान के 20 सालों के सफर और उत्तर प्रदेश सरकार की अभ्युदय योजना की जानकारी दी। अंत में धन्यवाद प्रो. अरुणोदय वाजपेयी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।