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आगरा के छह अपार्टमेंट में छापा: नहीं मिली 618 फ्लैट की रजिस्ट्री, अमर उजाला ने किया था स्टांप चोरी का खुलासा

Wed, 07 Sep 2022 12:03 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 07 Sep 2022 12:03 AM IST
सार

अमर उजाला ने 3983 फ्लैट की बिक्री में 122.55 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का खुलासा किया था। जिसके बाद निबंधन विभाग से लेकर प्रशासन तक खलबली मच गई। मंगलवार को छह अपार्टमेंट में जांच की गई। 

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Registration department raided six apartments registry of 618 flats not found in Agra
जांच करती निबंधन विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में बिना रजिस्ट्री फ्लैट बेचकर स्टांप चोरी के मामले में मंगलवार को सहायक महानिरीक्षक निबंधन के नेतृत्व में निबंधन विभाग की चार टीमों ने कावेरी कौस्तुभ, हेलियोस, गणपति किंग्स काउंटी, पारस पर्ल्स सहित छह अपार्टमेंट में छापा मारा। इनमें 1099 फ्लैट मिले। जिनमें 618 फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं मिली। 

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सहायक महानिरीक्षक स्टांप एसके सिंह ने बताया कि जिन फ्लैटों की खरीद-फरोख्त का ब्योरा और रजिस्ट्री नहीं मिलीं हैं, उनके बिल्डर्स व गृह स्वामियों को 24 घंटे का वक्त दिया है। 24 घंटे में यदि रजिस्ट्री प्रस्तुत नहीं की जाती है तो इनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। स्टांप एक्ट में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। 
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उप निबंधक प्रथम नीतू गोला, उप निबंधक द्वितीय अशोक सिंह, उप निबंधक तृतीय अशोक यादव और चतुर्थ धर्मेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीमों ने स्टांप चोरी की जांच की गई है। एआईजी स्टांप ने बताया कि अपार्टमेंट मालिकों से भी पूछताछ की गई है। उनसे प्रोजेक्ट का ब्योरा, फ्लैट संख्या, बिक्री मूल्य, निवासरत व खरीद-फरोख्त का ब्योरा मांगा है।

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अमर उजाला ने किया था खुलासा 

अमर उजाला ने 3983 फ्लैट की बिक्री में 122.55 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का खुलासा किया था। मंगलवार के अंक में ‘सौ-सौ रुपये के स्टांप पर बेच दिए 25-25 लाख फ्लैट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिसके बाद निबंधन विभाग से लेकर प्रशासन तक खलबली मच गई। जिले में निजी बिल्डर्स व कॉलोनाइजर्स ने बड़े पैमाने पर स्टांप चोरी करते हुए नोटरी एग्रीमेंट, पॉवर ऑफ अटॉर्नी व 100 रुपये स्टांप पर कब्जा पत्र से संपत्तियां बेची हैं।

इन अपार्टमेंट में फ्लैट की जांच

  • लोहामंडी स्थित पारस पर्ल्स अपार्टमेंट : 150 फ्लैट, 80 की रजिस्ट्री नहीं मिली
  • देहली गेट स्थित हेलियोस अपार्टमेंट : 30 फ्लैट, 8 की रजिस्ट्री नहीं मिली
  • बाबरपुर स्थित रघुराम आनंदा फेज-एक : 165 फ्लैट, 85 की रजिस्ट्री नहीं मिली
  • बाबरपुर स्थित रघुराम आनंदा फेज-दो : 468 फ्लैट, 376 की रजिस्ट्री नहीं मिली
  • सिकंदरा स्थित गणपति किंग्स काउंटी : 126 फ्लैट, 31 की रजिस्ट्री नहीं मिली
  • सिकंदरा स्थित कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट : 160 फ्लैट, 38 की रजिस्ट्री नहीं मिली

मौका-मुआयने की आड़ में ‘खेल’

बैनामा व रजिस्ट्री के बाद सब रजिस्ट्रार को संपत्ति का मौका-मुआयना करना होता है। स्टांप शुल्क का भौतिक सत्यापन होता है। कई बार मकान की जगह प्लॉट दिखाकर स्टांप चोरी की जाती है, परंतु रजिस्ट्री दफ्तर में पूरा ‘खेल’ मौका-मुआयने की आड़ में चलता है। मुआयना नहीं करने के बदले सुविधा शुल्क वसूली के आरोप हैं।

जारी रहेगी कार्रवाई

एडीएम वित्त एवं राजस्व के यशवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि सभी प्राइवेट बिल्डर व कॉलोनाइजर्स की जांच कराई जा रही है। कार्रवाई जारी रहेगी। स्टांप शुल्क वसूला जाएगा। मुकदमा दायर के बाद 18% ब्याज भी देना पड़ेगा। बिल्डर के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे। 
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