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तेहि छन राम मध्य धनु तोरा...
तेहि छन राम मध्य धनु तोरा...
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:23 AM IST
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तेहि छन राम मध्य धनु तोरा...
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रामलीला मैदान बनी जनकपुरी में शनिवार को अद्भुत दृश्य था। लीला में राजा जनक ने अपनी पुत्री जानकी जी का स्वयंवर आयोजित किया। समस्त राजाओं ने शिवजी के धनुष को उठाने का प्रयास किया लेकिन कोई भी राजा उसे उठाना तो दूर हिला भी न सका। राजा जनक काफी विचलित व परेशान हो गए। तभी ऋषि विश्वामित्र श्रीराम व लक्ष्मण सहित राजा जनक के महल में पधारे। मुनि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान राम ने धनुष उठाया और जैसे ही धनुष पर डोरी चढ़ाई धनुष टूट गया।
मां जानकी ने प्रभु श्रीराम के गले में जयमाला डाली। पूरी जनकपुरी में हर्षोउल्लास छा जा गया। सभी रामलीला कमेटी के पदाधिकारी एक-दूसरे को बधाई देते हैं। पूरी मिथिला नगरी में उत्सव आयोजित होता है। भगवान शिवजी के धनुष के टूटने के बाद महर्षि परशुराम का आगमन होता है और सारे राजा भय के मारे कांपते हैं। परशुराम लक्ष्मण संवाद की रोचक लीला हुई। परशुराम का श्रीराम को नारायण रूप में देखना और देखकर स्तुति करना। इसके बाद वह तपस्या करने के लिए वन को चले गए। इससे पूर्व शाम छह बजे लाला चन्नोमल की बाराहदरी से समस्त राजाओं, मां जानकी के रथ पर व भगवान राम व लक्ष्मण की घोड़ों पर सवारी निकाली गई। लीला में अध्यक्ष जगन प्रसाद गर्ग, बाबूलाल अग्रवाल (बब्बू भईया), अनुराग शुक्ला, दिनेश बंसल, भगवानदास बंसल, रवि गोस्वामी, मुकेश अग्रवाल, जगदीश बागला, नवल किशोर, अजय शुक्ला, अतुल बंसल, विष्णु दयाल, राहुल गौतम, प्रेमकिशन, टीएन अग्रवाल, विजय प्रकाश गोयल, अशोक राठी, मनोज पोली, विशन माहेश्वरी, आनंद मंगल, प्रभव पोद्धार आदि सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
मेहंदी उत्सव की होगी धूम
रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि 25 सितंबर को राजा दशरथ (सुनील अग्रवाल) व रानी कौशल्या (प्रतिमा अग्रवाल) के घर पर मेहंदी उत्सव दोपहर 4.00 बजे होगा, जिसमें चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुध्न के हाथों पर विवाह के शगुन की मेहंदी की रस्म होगी।
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रामलीला में आज
रविवार (25 सितंबर) को जनकपुरी से निमंत्रण भेजे जाने की लीला संपन्न होगी।
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मां जानकी ने प्रभु श्रीराम के गले में जयमाला डाली। पूरी जनकपुरी में हर्षोउल्लास छा जा गया। सभी रामलीला कमेटी के पदाधिकारी एक-दूसरे को बधाई देते हैं। पूरी मिथिला नगरी में उत्सव आयोजित होता है। भगवान शिवजी के धनुष के टूटने के बाद महर्षि परशुराम का आगमन होता है और सारे राजा भय के मारे कांपते हैं। परशुराम लक्ष्मण संवाद की रोचक लीला हुई। परशुराम का श्रीराम को नारायण रूप में देखना और देखकर स्तुति करना। इसके बाद वह तपस्या करने के लिए वन को चले गए। इससे पूर्व शाम छह बजे लाला चन्नोमल की बाराहदरी से समस्त राजाओं, मां जानकी के रथ पर व भगवान राम व लक्ष्मण की घोड़ों पर सवारी निकाली गई। लीला में अध्यक्ष जगन प्रसाद गर्ग, बाबूलाल अग्रवाल (बब्बू भईया), अनुराग शुक्ला, दिनेश बंसल, भगवानदास बंसल, रवि गोस्वामी, मुकेश अग्रवाल, जगदीश बागला, नवल किशोर, अजय शुक्ला, अतुल बंसल, विष्णु दयाल, राहुल गौतम, प्रेमकिशन, टीएन अग्रवाल, विजय प्रकाश गोयल, अशोक राठी, मनोज पोली, विशन माहेश्वरी, आनंद मंगल, प्रभव पोद्धार आदि सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
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मेहंदी उत्सव की होगी धूम
रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि 25 सितंबर को राजा दशरथ (सुनील अग्रवाल) व रानी कौशल्या (प्रतिमा अग्रवाल) के घर पर मेहंदी उत्सव दोपहर 4.00 बजे होगा, जिसमें चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुध्न के हाथों पर विवाह के शगुन की मेहंदी की रस्म होगी।
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रामलीला में आज
रविवार (25 सितंबर) को जनकपुरी से निमंत्रण भेजे जाने की लीला संपन्न होगी।