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यूपी: शेरदिल था मेरा बेटा... व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान, ये कहते-कहते बिलख पड़े कैप्टन शुभम के पिता

Fri, 24 Nov 2023 09:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा
देश दीपक तिवारी, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 24 Nov 2023 09:35 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के राजोरी में आतंकियों से लोहा लेते हुए आगरा के लाल शुभम गुप्ता ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। पिता बसंत गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। बहादुर बेटे की यादें साझा करते ही उनकी आंखें भर आती हैं और जुबान लड़खड़ाने लगती है।

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Rajouri encounter martyred Captain Shubham Gupta father basant gupta said Army will punish him
शहीद हुए अमर बलिदानी कैप्टन शुभम के पिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरा बेटा शेरदिल था। निडर और जांबाज था। सबसे बड़ी बात वो हर काम के लिए तैयार रहता था। मुझे उस पर गर्व है। उसका सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जिन आतंकियों ने यह कृत्य किया है, भारतीय सेना उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देगी। ये कहना है राजोरी में बलिदान कैप्टन शुभम के पिता बसंत गुप्ता का।
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आतंकी मुठभेड़ में बलिदान हुए अमर बलिदानी कैप्टन शुभम के पिता आगरा जिला एवं सत्र न्यायालय में जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) फौजदारी पद पर 2017 से तैनात हैं। ताजनगरी फेज-वन स्थित प्रतीक एन्क्लेव में घर पर बृहस्पतिवार को लोगों का तांता लगा रहा। शुभम के पिता ने कहा कि उनके बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उसके साथियों ने संकल्प लिया है कि आतंकवादियों को नेस्तनाबूत कर देंगे।

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उन्होंने शुभम के बारे में कहा कि उनका (शुभम का) लक्ष्य था कि कुछ बड़ा काम करना है। हटकर करना है। जहां भी रहना है टॉप पर रहना है। सेना में जब गया था तब भी उनका यही कहना था कि देश के लिए बहुत कुछ करना है। हम एक साल से कह रहे थे बेटा शादी कर लो। वो कहता था एक बड़ा काम कर लूं। 15 दिनों से मेरी फोन पर उनसे बात हो रही थी। मैंने कहा कुछ दिन की छुट्टियां प्लान कर लो। कहा कि एक काम पेंडिंग है। दो दिन पहले भी मेरी फोन पर बात हुई थी। मैंने घर आने को कहा था, तो बोला एक बड़े मिशन पर हूं। जल्द घर आऊंगा। यह कहते हुए पिता की आंख नम हो गईं। बसंत गुप्ता के दो बेटे हैं। जिनमें शुभम बड़ा और ऋषभ छोटा है।
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आज आ सकता है कैप्टन का पार्थिव शरीर
बुधवार सुबह जम्मू कश्मीर में मुठभेड़ हुई। रात में सैन्यकर्मियों के अमर बलिदान की खबर शहर में दौड़ गई। सुबह तड़के से ही कैप्टन शुभम के घर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। बृहस्पतिवार को शुभम का पार्थिव शरीर आने की सूचना थी, लेकिन शाम तक नहीं आ सका। सेना के अधिकारियों ने परिजन को बताया कि शुक्रवार को कैप्टन का पार्थिव शरीर आगरा लाया जा सकता है।

50 लाख की मदद, स्वजन को नौकरी, बनेगा शहीद मार्ग
आगरा के लाल की शहादत पर शहर में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैप्टन के बलिदान पर परिवार को ढांढस बंधाया। आर्थिक मदद के रूप में 50 लाख रुपये, स्वजन को नौकरी और एक सड़क मार्ग का नामकरण कैप्टन शुभम गुप्ता के नाम पर करने का ऐलान किया है। प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। बृहस्पतिवार को सरकार में कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य, धर्मवीर प्रजापति, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, डॉ. धर्मपाल सिंह, छोटे लाल वर्मा, एमएलसी विजय शिवहरे सहित सभी भाजपा के जनप्रतिनिधि बसंत गुप्ता के आवास पर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने मुख्यमंत्री का संदेश शुभम के घर जाकर पढ़कर सुनाया।
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