{"_id":"59c8be4d4f1c1b29688b650e","slug":"railway-chairman-said-no-compromise-on-security-of-track","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे का पूरा फोकस अब सुरक्षा पर, चेयरमैन बोले इससे कोई समझौता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे का पूरा फोकस अब सुरक्षा पर, चेयरमैन बोले इससे कोई समझौता नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 25 Sep 2017 01:59 PM IST
विज्ञापन
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में रविवार को अपने दौरे में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी का कहना है कि संरक्षा ही रेलवे बोर्ड का मुख्य ध्येय है। समयबद्धता भी इससे जुड़ी हुई है। इस वक्त पूरे देश में 78 फीसदी तक समयबद्धता है। 22 फीसदी ट्रेनें लेटलतीफ चल रही हैं।
उन्होंने माना कि दिल्ली और आगरा के बीच रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग की जरूरत है। रेलवे ट्रैकों के किनारे अस्थायी अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाने की जरूरत है। चेयरमैन ने फोर्ट और कैंट स्टेशनों पर मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व में जहां ट्रेनों का शेड्यूल गड़बड़ाने की वजह से रखरखाब के लिए ब्लाक बहुत मुश्किल से मिलते थे।
अब निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा पहले है। इससे कोई समझौता नहीं होगा। यही कारण है कि ट्रैक के रखरखाब के लिए ब्लाक देने में अब कोई हीलाहवाली नहीं हो रही है। जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां मरम्मत कराएं। स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता, रेल कर्मियों की समस्याएं हल करने पर फोकस है।
विज्ञापन
उनका प्रयास है कि रेलवे कर्मचारियों के हितों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाए। अगर उनके पास कोई समस्या नहीं होगी तो वे नि:संदेह अच्छा काम करेंगे। चेयरमैन के सामने लखनऊ आगरा इंटरसिटी की लेटलतीफी का मुद्दा उठा। इस पर उन्होंने जल्द ही इसका समय ठीक कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने माना कि दिल्ली और आगरा के बीच रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग की जरूरत है। रेलवे ट्रैकों के किनारे अस्थायी अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाने की जरूरत है। चेयरमैन ने फोर्ट और कैंट स्टेशनों पर मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व में जहां ट्रेनों का शेड्यूल गड़बड़ाने की वजह से रखरखाब के लिए ब्लाक बहुत मुश्किल से मिलते थे।
विज्ञापन
अब निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा पहले है। इससे कोई समझौता नहीं होगा। यही कारण है कि ट्रैक के रखरखाब के लिए ब्लाक देने में अब कोई हीलाहवाली नहीं हो रही है। जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां मरम्मत कराएं। स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता, रेल कर्मियों की समस्याएं हल करने पर फोकस है।
विज्ञापन
उनका प्रयास है कि रेलवे कर्मचारियों के हितों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाए। अगर उनके पास कोई समस्या नहीं होगी तो वे नि:संदेह अच्छा काम करेंगे। चेयरमैन के सामने लखनऊ आगरा इंटरसिटी की लेटलतीफी का मुद्दा उठा। इस पर उन्होंने जल्द ही इसका समय ठीक कराने के निर्देश दिए।