{"_id":"5d57b56a8ebc3e89e953ba4a","slug":"rail-dhaba-closed-at-agra-cantt-station","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा कैंट स्टेशन पर अब नहीं मिलेगा 'रेल ढाबे' का जायका, घाटे के कारण हुआ बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा कैंट स्टेशन पर अब नहीं मिलेगा 'रेल ढाबे' का जायका, घाटे के कारण हुआ बंद
Sat, 17 Aug 2019 01:36 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 17 Aug 2019 01:36 PM IST
विज्ञापन
आगरा कैंट स्थित रेल ढाबा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर संचालित रेल ढाबा शुक्रवार को बंद कर दिया गया। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने जुलाई 2017 में ढाबे की शुरुआत की थी। रेल ढाबा लगातार घाटे में चल रहा था। आखिरकार आईआरसीटीसी ने इसके संचालन से हाथ खींच लिए।
आगरा मंडल के ए श्रेणी के आगरा कैंट स्टेशन पर रेल ढाबे की शुरुआत 25 जुलाई 2017 को हुई थी। रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि नई दिल्ली स्टेशन के बाद आगरा कैंट पर खोले जाने वाला यह ढाबा खानपान में नए प्रतिमान स्थापित करेगा। इस ढाबे पर शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन मुहैया कराया जाता था।
यहां चाइनीज फूड, केएफसी का नॉनवेज, 135 रुपये से 185 रुपये तक की थाली समेत कई तरह के व्यंजन रेल यात्रियों को परोसे जाते थे। रेल यात्रियों की शिकायत रहती थी कि जनता खाना रेल ढाबे पर नहीं दिया जा रहा है। आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि रेल ढाबा घाटे के कारण बंद किया गया है। अब नई फर्म को ढाबा संचालित करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा मंडल के ए श्रेणी के आगरा कैंट स्टेशन पर रेल ढाबे की शुरुआत 25 जुलाई 2017 को हुई थी। रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि नई दिल्ली स्टेशन के बाद आगरा कैंट पर खोले जाने वाला यह ढाबा खानपान में नए प्रतिमान स्थापित करेगा। इस ढाबे पर शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का भोजन मुहैया कराया जाता था।
विज्ञापन
यहां चाइनीज फूड, केएफसी का नॉनवेज, 135 रुपये से 185 रुपये तक की थाली समेत कई तरह के व्यंजन रेल यात्रियों को परोसे जाते थे। रेल यात्रियों की शिकायत रहती थी कि जनता खाना रेल ढाबे पर नहीं दिया जा रहा है। आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि रेल ढाबा घाटे के कारण बंद किया गया है। अब नई फर्म को ढाबा संचालित करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा।
विज्ञापन
भारी भरकम खर्च और आमदनी कम
आईआरसीटीसी द्वारा संचालित ढाबे का किराया प्रतिमाह दस लाख रुपये था। सालाना एक करोड़ 20 लाख रुपये देना होता था। आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने बताया कि रखरखाव पर ज्यादा खर्च आ रहा था।
ढाबे पर काउंटर ड्यूटी से लेकर वेटर, शेफ आदि का 70 से ज्यादा का स्टाफ था, जबकि रेल यात्री इतने ज्यादा यहां से खाना नहीं खरीदते थे। घाटे की पूर्ति करने के लिए ढाबे में ही पेठे का स्टाल भी लगाया गया, लेकिन इसके बाद भी खर्च पूरे नहीं हो सके।
आगरा कैंट स्टेशन पर संचालित एग्जिक्यूटिव लाउंज भी काफी समय से घाटे में चल रहा है। इसमें यात्रियों के लिए बैठने के लिए व्यवस्था है। इसके अलावा खानपान का भी इंतजाम है, लेकिन ज्यादातर विदेशी और ए क्लास में सफर करने वाले यात्री ही आते हैं। लाउंज का संचालन भी आईआरसीटीसी द्वारा किया जा रहा है। लाउंज को एक बार पहले बंद किया जा चुका है।
ढाबे पर काउंटर ड्यूटी से लेकर वेटर, शेफ आदि का 70 से ज्यादा का स्टाफ था, जबकि रेल यात्री इतने ज्यादा यहां से खाना नहीं खरीदते थे। घाटे की पूर्ति करने के लिए ढाबे में ही पेठे का स्टाल भी लगाया गया, लेकिन इसके बाद भी खर्च पूरे नहीं हो सके।
आगरा कैंट स्टेशन पर संचालित एग्जिक्यूटिव लाउंज भी काफी समय से घाटे में चल रहा है। इसमें यात्रियों के लिए बैठने के लिए व्यवस्था है। इसके अलावा खानपान का भी इंतजाम है, लेकिन ज्यादातर विदेशी और ए क्लास में सफर करने वाले यात्री ही आते हैं। लाउंज का संचालन भी आईआरसीटीसी द्वारा किया जा रहा है। लाउंज को एक बार पहले बंद किया जा चुका है।