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दो अस्पतालों में छापा, अल्ट्रासाउंड मशीनें सील
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 12 Apr 2015 02:03 AM IST
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लखनऊ की चार सदस्यीय टीम ने शनिवार को शहर के दो अस्पतालों में छापा मारा। यहां चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया। मानक नहीं पूरे होने पर अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दीं। कंप्यूटर डिस्क और रिकार्ड जब्त कर लिए हैं। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पीसीपीएनडीटी के संयुक्त निदेशक डा. एके श्रीवास्तव की टीम शहीद नगर स्थित आरजी हास्पिटल पहुंची। यहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। अल्ट्रासाउंड होने वाले मरीजों का विवरण रजिस्टर नहीं मिला। सेंटर में लिंग परीक्षण न होने की चेतावनी का बोर्ड भी नहीं लगा था। यहां बैठे मरीजाें के पर्चे भी नहीं बने थे। कुछ रिपोर्ट डस्टबिन में मिलीं, इनकी एंट्री रजिस्टर में नहीं थी। संचालक जेएस भदौरिया द्वारा ही अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। अनियमितताओं पर मशीन और कंप्यूटर सील कर दिए। इसके बाद टीम यहीं के जग्गी नर्सिंग होम में पहुंची। यहां चार अल्ट्रासाउंड मशीन थीं।
इसमें एक का पंजीकरण नहीं था। मरीजों का विवरण भी आधा-अधूरा था। संचालक डा. अमित जग्गी पूर्व में किए अल्ट्रासाउंड मामलाें का रजिस्टर नहीं दिखा पाए। यहां आईवीएफ सेंटर भी संचालित था, जिसमें संचालक की ओर से बीते आठ सालाें में एक भी मामला न होने की बात कही। चाराें मशीनाें को सील कर रिकार्ड जब्त कर लिए। डिप्टी सीएमओ डा. वीरेंद्र भारती ने बताया कि दोनों सेंटराें पर भारी खामियां मिली हैं। चोरी-छिपे भ्रूण लिंग की जांच की शिकायत भी थी। रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। लखनऊ से आई टीम में डा. मंजू रानी, पंकज भसीन, जगराज थापा आदि शामिल थे।
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पीसीपीएनडीटी के संयुक्त निदेशक डा. एके श्रीवास्तव की टीम शहीद नगर स्थित आरजी हास्पिटल पहुंची। यहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। अल्ट्रासाउंड होने वाले मरीजों का विवरण रजिस्टर नहीं मिला। सेंटर में लिंग परीक्षण न होने की चेतावनी का बोर्ड भी नहीं लगा था। यहां बैठे मरीजाें के पर्चे भी नहीं बने थे। कुछ रिपोर्ट डस्टबिन में मिलीं, इनकी एंट्री रजिस्टर में नहीं थी। संचालक जेएस भदौरिया द्वारा ही अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे। अनियमितताओं पर मशीन और कंप्यूटर सील कर दिए। इसके बाद टीम यहीं के जग्गी नर्सिंग होम में पहुंची। यहां चार अल्ट्रासाउंड मशीन थीं।
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इसमें एक का पंजीकरण नहीं था। मरीजों का विवरण भी आधा-अधूरा था। संचालक डा. अमित जग्गी पूर्व में किए अल्ट्रासाउंड मामलाें का रजिस्टर नहीं दिखा पाए। यहां आईवीएफ सेंटर भी संचालित था, जिसमें संचालक की ओर से बीते आठ सालाें में एक भी मामला न होने की बात कही। चाराें मशीनाें को सील कर रिकार्ड जब्त कर लिए। डिप्टी सीएमओ डा. वीरेंद्र भारती ने बताया कि दोनों सेंटराें पर भारी खामियां मिली हैं। चोरी-छिपे भ्रूण लिंग की जांच की शिकायत भी थी। रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। लखनऊ से आई टीम में डा. मंजू रानी, पंकज भसीन, जगराज थापा आदि शामिल थे।
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