फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   purane panne se Morarji Desai had banned spying on politicians

पुराने पन्नों से: मोरारजी देसाई ने राजनेताओं की जासूसी पर लगाया था प्रतिबंध, इंदिरा गांधी को चुकानी पड़ी कीमत

Tue, 28 May 2024 11:09 AM IST
अनुज कुमार संजीव सिंह, अमर उजाला, आगरा
संजीव सिंह, अमर उजाला, आगरा Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 28 May 2024 11:09 AM IST
सार

प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने खुफिया एजेंसियों के राजनीतिक दलों की जासूसी पर प्रतिबंध लगवा दिया था। लेकिन इसी जासूसी कांड की वजह से कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी।

विज्ञापन
purane panne se Morarji Desai had banned spying on politicians
पुराने पन्नों से - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी के आरोप लगते रहे हैं। आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार ने विपक्षी दलों के नेताओं की जासूसी कराने में खुफिया एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल किया। इसकी कीमत इंदिरा को छठवीं लोकसभा के चुनाव में सत्ता खोकर चुकानी पड़ी। 1977 में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने खुफिया एजेंसियों के राजनीतिक दलों की जासूसी में इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था।

विज्ञापन


अमर उजाला के 26 नवंबर, 1977 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार, मोरारजी ने इंडियन फॉर डेमोक्रेसी नाम के संगठन के सदस्य नंदी के पत्र के जवाब में लिखे खत में कहा कि जनता पार्टी सरकार ने राजनीतिक और दलीय उद्देश्यों के लिए खुफिया एजेंसियों का प्रयोग औपचारिक रूप से खत्म कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि गुप्तचर कानून का राजनीतिक दलों के खिलाफ प्रयोग पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।
विज्ञापन


भारत में खुफिया एजेंसियों की कार्यप्रणाली के बारे में उन्होंने लिखा कि उन्होंने इसके राजनीतिक इस्तेमाल पर सख्ती से पाबंदी लगा दी है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर इसका गलत इस्तेमाल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंडियन फॉर डेमोक्रेसी नाम का संगठन अमेरिका में प्रवासी भारतीयों का संगठन था, जिसने भारत में लागू इमरजेंसी के विरुद्ध अभियान चलाया था। इस संगठन ने विदेश में रहने वाले अलग-अलग मतावलंबियों का पासपोर्ट रद्द किए जाने का भी कड़ा विरोध किया था।


इंडियन फॉर डेमोक्रेसी ने प्रधानमंत्री देसाई को पत्र लिखकर मीसा, 42वें संविधान संशोधन को रद्द करने और अवसरवादी नेताओं के विरुद्ध कानून बनाने की भी मांग की थी। साथ ही इस संगठन ने आपातकाल के दौरान सत्ता के दुरुपयोग की जांच और विदेश में बसे भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देने की भी अपील की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed