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Agra News: तीन हजार साल पुरानी रॉक पेंटिंग, जानें क्या है इनमें खास; संरक्षित करने की तैयारी

Thu, 29 Jun 2023 02:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 29 Jun 2023 02:11 PM IST
सार

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने फतेहपुर सीकरी की पहाड़ियों पर रॉक पेंटिंग को निहारा। इन पेंटिंग को संरक्षित करने की तैयारी है।
 

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Preparation to preserve three thousand year old rock painting
रॉक पेंटिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के फतेहपुर सीकरी में 70 साल से संरक्षण के इंतजार में मिट रहीं तीन हजार साल से अधिक पुरानी रॉक पेंटिंग्स का अब संरक्षण होगा। मंगलवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने रसूलपुर गांव में इन पेंटिग को निहारा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से पेंटिग की जानकारी ली।

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दो दिन के निजी दौरे पर आईं राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने रॉक पेंटिंग को निहारने के बाद कहा तीन हजार साल से अधिक पुरानी यह पेंटिंग मानव इतिहास के रिकार्ड और प्रागैतिहासिक काल का दुर्लभ उदाहरण है। जिनमें मानव और पशु, मूर्तियों, ताड़ की आकृति, सूर्य की आकृति, आड़ी व खड़ी रेखाओं के अलावा ज्यामितीय रचनाएं शामिल हैं। अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल के साथ उन्होंने एक-एक पेंटिंग का बारीकी से जायजा लिया। संरक्षण के बारे में पूछने पर एएसआई ने बताया कि प्रस्ताव अधिसूचना के लिए भेजा जा चुका है। अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. पटेल ने बताया कि रसूलपुर, मदनपुरा, पतसाल और जाजौली गांव की पहाड़ियों पर यह पेंटिग लाल और काले रंग से बनी हैं।
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1950 के दशक में हुई थी खोज

पुरातत्व कार्यकर्ता डॉ. देबाशीष भट्टाचार्य ने बताया कि केंद्रीय राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी को पिछले दौरे पर रॉक पेंटिंग के संरक्षण के लिए ज्ञापन दिया था। 1950 के दशक में इन पेंटिंग की खोज हुई थी। तब इनकी संख्या करीब 500 होगी। 70 साल से इनका संरक्षण नहीं हुआ। अब बमुश्किल 20 से 25 पेंटिंग बची हैं। इन्हें तीन से पांच हजार साल पुराना यानी महाभारत काल का बताया जाता है।

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