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नाचते, गाते दी माता रानी को विदाई
नाचते, गाते दी माता रानी को विदाई
Updated Wed, 12 Oct 2016 01:11 AM IST
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नाचते, गाते दी माता रानी को विदाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यमुना के किनारों पर मंगलवार को मां दुर्गा को विदाई देने वालों को तांता लगा रहा। सुबह करीब सात बजे से शुरू हुआ विसर्जन कार्यक्रम देर शाम तक चला। भक्तों ने माता रानी का शृंगार किया। अबीर गुलाल उड़ाते हुए घाट पर माता का पूजन किया। फिर उन्हें विदा करते हुए मंगल कामना की। घाटों पर नगर निगम की ओर से बनवाए गए अस्थायी कुंडों में मूर्ति विसर्जित की गई।
प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला सोमवार दोपहर से ही प्रारंभ हो गया था। जिन लोगों ने दुर्गा अष्टमी का पूजन किया था उन्होंने नवमी को माता को विदाई दी। अधिकांश लोगों ने नवमी की पूजा कर रात को जागरण किया और दशमी को माता रानी को विदाई दी। लोग नाचते, गाते हुए घाटों पर पहुंचे। छोटी प्रतिमाओं को लोग सिर पर या गोद में लेकर तो बड़ी प्रतिमाओं को लोडिंग टेंपो, ठेल और ट्रकों में लेकर पहुंचे थे।
कैलाश घाट, बल्केश्वर, हाथी घाट और दशहरा घाट पर बने अस्थायी कुंडों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इतनी बड़ी तादात में प्रतिमा घाटों पर पहुंची कि हाथी घाट पर बना कुंड तो पूरी तरह से भर गया। यहां रात नौ बजे तक विसर्जन कार्यक्रम चला। एक अनुमान के मुताबिक, हाथी घाट पर ही करीब 2000 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कुछ लोग ऐसे थे, जिन्होंने चोरी छुपके यमुना नदी में प्रतिमाओं को विसर्जित किया। दशहरा घाट पर भी जबरदस्त भीड़ रही।
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जाम रहा यमुना किनारा रोड
आगरा। यमुना किनारा रोड पर प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया था। श्मशान घाट की ओर जाने वाले चौराहे से वाहनों को एमजी रोड की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था। बावजूद इसके यमुना किनारा रोड पर दिनभर जाम के हालात रहे। घाट पर पहुंचने वालों को वाहन पार्क करने के लिए भी जगह नहीं मिली। उधर, कैलाश घाट की ओर जाने वाला मार्ग भी जाम रहा। रेणुका धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों का रेला रहा।
विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
आगरा। देवी प्रतिमा विसर्जन यात्रा विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही। दशहरा घाट की ओर जाने वाले लोग गुलाल उड़ाते हुए ढोल की थाप पर नाचते गाते जा रहे थे। विदेशी पर्यटकों ने जमकर फोटोग्राफी की और भक्तों के साथ ठुमके भी लगाए।
पक्के कुंड बनाएगा नगर निगम
आगरा। नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि लोगों ने अस्थायी कुंडों को अपना लिया है। लोग यमुना नदी के प्रति संवेदनशील हैं। इन अस्थायी कुंडों को हर वर्ष खुदवाना पड़ता है, लिहाजा अब नगर निगम यहां बडे़ पक्के कुंडों का निर्माण कराएगा।
ईको फ्रेंडली प्रतिमा विसर्जन
आगरा। सीताराम कालोनी फेस दो के लोगों ने परिसर के पार्क में ही बड़े टब में पानी भरकर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने ढोल की थाप पर नाचते-गाते हर्षोल्लास के साथ माता रानी को विदाई दी। अजय अग्रवाल, देवेंद्र गुप्ता, मुकेश फतेहपुरिया, सुरेंद्र अग्रवाल, ललित मित्तल, सुमित अग्रवाल मौजूद रहे।
रुनकता: रेणुका धाम पर प्रतिमा विसर्जन
रुनकता। जय माता दी के घोष के साथ मंगलवार को रेणुका धाम पर यमुना के पास बनाए गए कुंडों में मूर्ति विसर्जन किया गया। सुबह नौ बजे शुरू हुआ यह सिलसिला देरशाम तक चलता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला सोमवार दोपहर से ही प्रारंभ हो गया था। जिन लोगों ने दुर्गा अष्टमी का पूजन किया था उन्होंने नवमी को माता को विदाई दी। अधिकांश लोगों ने नवमी की पूजा कर रात को जागरण किया और दशमी को माता रानी को विदाई दी। लोग नाचते, गाते हुए घाटों पर पहुंचे। छोटी प्रतिमाओं को लोग सिर पर या गोद में लेकर तो बड़ी प्रतिमाओं को लोडिंग टेंपो, ठेल और ट्रकों में लेकर पहुंचे थे।
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कैलाश घाट, बल्केश्वर, हाथी घाट और दशहरा घाट पर बने अस्थायी कुंडों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इतनी बड़ी तादात में प्रतिमा घाटों पर पहुंची कि हाथी घाट पर बना कुंड तो पूरी तरह से भर गया। यहां रात नौ बजे तक विसर्जन कार्यक्रम चला। एक अनुमान के मुताबिक, हाथी घाट पर ही करीब 2000 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कुछ लोग ऐसे थे, जिन्होंने चोरी छुपके यमुना नदी में प्रतिमाओं को विसर्जित किया। दशहरा घाट पर भी जबरदस्त भीड़ रही।
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जाम रहा यमुना किनारा रोड
आगरा। यमुना किनारा रोड पर प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया था। श्मशान घाट की ओर जाने वाले चौराहे से वाहनों को एमजी रोड की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था। बावजूद इसके यमुना किनारा रोड पर दिनभर जाम के हालात रहे। घाट पर पहुंचने वालों को वाहन पार्क करने के लिए भी जगह नहीं मिली। उधर, कैलाश घाट की ओर जाने वाला मार्ग भी जाम रहा। रेणुका धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों का रेला रहा।
विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
आगरा। देवी प्रतिमा विसर्जन यात्रा विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही। दशहरा घाट की ओर जाने वाले लोग गुलाल उड़ाते हुए ढोल की थाप पर नाचते गाते जा रहे थे। विदेशी पर्यटकों ने जमकर फोटोग्राफी की और भक्तों के साथ ठुमके भी लगाए।
पक्के कुंड बनाएगा नगर निगम
आगरा। नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि लोगों ने अस्थायी कुंडों को अपना लिया है। लोग यमुना नदी के प्रति संवेदनशील हैं। इन अस्थायी कुंडों को हर वर्ष खुदवाना पड़ता है, लिहाजा अब नगर निगम यहां बडे़ पक्के कुंडों का निर्माण कराएगा।
ईको फ्रेंडली प्रतिमा विसर्जन
आगरा। सीताराम कालोनी फेस दो के लोगों ने परिसर के पार्क में ही बड़े टब में पानी भरकर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने ढोल की थाप पर नाचते-गाते हर्षोल्लास के साथ माता रानी को विदाई दी। अजय अग्रवाल, देवेंद्र गुप्ता, मुकेश फतेहपुरिया, सुरेंद्र अग्रवाल, ललित मित्तल, सुमित अग्रवाल मौजूद रहे।
रुनकता: रेणुका धाम पर प्रतिमा विसर्जन
रुनकता। जय माता दी के घोष के साथ मंगलवार को रेणुका धाम पर यमुना के पास बनाए गए कुंडों में मूर्ति विसर्जन किया गया। सुबह नौ बजे शुरू हुआ यह सिलसिला देरशाम तक चलता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।