आगरा: कबाड़ गोदाम की आड़ में चल रहा था नकली शराब का कारखाना, 11 आरोपी गिरफ्तार
- थाना ताजगंज के गांव लकावली में कबाड़ गोदाम की आड़ में हरियाणा और राजस्थान की शराब में अपमिश्रण करके नकली शराब तैयार की जा रही थी। रविवार रात को पुलिस ने छापा मारकर सरगना सहित 11 आरोपियों को पकड़ लिया।
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आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आसपास के जिलों में जहरीली शराब से मौत के मामले सामने आने के बाद पुलिस टीम नकली शराब के कारखाने का पता करने में लगी थी। इस पर गांव लकावली में रविवार रात को एक कबाड़ गोदाम पर छापा मारा। यहां पर नकली शराब तैयार की जा रही थी। 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मूलरूप से कानपुर देहात के थाना गजनेर स्थित गांव रोगांव निवासी अनिरुद्ध गैंग का सरगना है। वह आठ साल से ताजगंज क्षेत्र के गुरु लक्ष्मी नगर में मकान बनाकर रह रहा है। उसने लकावली गांव में एक कबाड़ सामान के गोदाम में नकली और अवैध शराब का कारखाना बनाया हुआ था।
हरियाणा और राजस्थान से सस्ती शराब लाता है। इसमें मिलावट करके नई तैयार करता है। इसके बाद फर्जी रेपर, क्यूआर कोड वाली बोतल में उत्तर प्रदेश का मार्का लगाकर अलग-अलग इलाकों में बिक्री करता है। शराब की सप्लाई ठेकों पर भी होती है।
ये हुए गिरफ्तार
अनिरुद्ध सिंह निवासी गुरू लक्ष्मी नगर, धांधूपुरा, ताजगंज, अनिल कुमार उर्फ अखिलेश कुमार निवासी गुरू लक्ष्मी नगर, ताजगंज, कुश राठौर निवासी तुलसी नगर राठौर मंदिर के पास गोबर चौकी. जितेंद्र निवासी बांस अगरिया, थाना खंदौली. राजकुमार निवासी टपरा, थाना मलपुरा, आसिफ निवासी शहरी मंडी, थाना सदर बाजार, सुखचंद निवासी तोरा, थाना ताजगंज, संदीप तोमर निवासी इंद्रा ज्योति नगर, पीलाखार, थाना एत्माद्दौला, सौरभ निवासी जगराजपुर, थाना फतेहाबाद, श्रीभगवान निवासी हरजूपुरा, मुगल की पुलिया, थाना ताजगंज, ओम यादव उर्फ ओमवीर निवासी डिफेंस कालोनी, थाना सदर।
बोतल, बार कोड और स्प्रिट बरामद
देशी और अंग्रेजी शराब के विभिन्न ब्रांड के 1572 बोतल, 513 पव्वा, 60 हजार विभिन्न ब्रांड के ढक्कन, 20 हजार खाली बोतल, 50 हजार रेपर, 20 हजार नकली बार कोड, 50 लीटर स्प्रिट, एक कटा हुआ ड्रम, छह स्कूटी, 12 मोबाइल और 1.32 लाख रुपये बरामद हुए।
गैंग के सदस्य करते थे अलग-अलग काम
पुलिस की पूछताछ में अनिरुद्ध ने बताया कि हरियाणा और राजस्थान से सस्ती शराब लेकर आते हैं। उत्तर प्रदेश में बिकने वाली शराब की बोतलों, पौव्वो में भरकर विभिन्न मार्का के रेपर लगा देते हैं। इन पर फर्जी बार कोड भी लगाया जाता है। शराब तैयार करने में स्प्रिट और पानी मिलाया जाता है। सील लगाकर विभिन्न स्थानों पर बेचते हैं। कबाड़ गोदाम किराये पर लिया था। कबाड़ी शराब की पुरानी बोतलें भी लेकर आते थे।
तस्कर स्कूटी पर शराब दूसरे राज्यों से लेकर आते हैं। इन पर ही बेचने का काम करते हैं। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त सौरभ और जितेंद्र शराब मंगवाते हैं। अनिरुद्ध और अनिल शराब की पैकिंग करते हैं। संदीप शराब को उत्तर प्रदेश की बनाने का काम करता है। ओम और संदीप बेचने जाते हैं। देहात के छह ठेकों के नाम सामने आए हैं।