{"_id":"5bb1ebe0867a557ece01efd6","slug":"pmo-order-up-govt-to-action-in-gang-rape-case-after-victims-complaint","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाक के विरोध पर गैंगरेप का मामला, पीएमओ ने सुनी पीड़िता की गुहार, दिया ये आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन तलाक के विरोध पर गैंगरेप का मामला, पीएमओ ने सुनी पीड़िता की गुहार, दिया ये आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 01 Oct 2018 03:11 PM IST
विज्ञापन
gang rape
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के शाहगंज क्षेत्र में एक महिला के साथ गैंगरेप और पिटाई के मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। प्रदेश सचिव को कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया है। इस संबंध में परिजनों ने एक पत्र भेजकर प्रधानमंत्री से कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
शाहगंज क्षेत्र की महिला का कहना है कि उसका पति तीन तलाक पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था। उससे भी प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया। मगर, उसने इंकार कर दिया। इस पर पति और अन्य लोगों ने पिटाई की। रेप का भी आरोप लगाया। तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा। एक दिन घर से भागकर पुलिस को सूचना दी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात पर चार जून 2017 को नौ नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कई महीने बाद पुलिस ने मेडिकल कराया। कोर्ट में बयान कराए। बयान में अज्ञात लोगों का खुलासा किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। आरोपी पक्ष लगातार धमका रहा है। उसने धमकी मिलने पर पुलिस को तहरीर दी। मगर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
विज्ञापन
पीड़िता ने 17 अगस्त को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए एक पत्र भेजा है। प्रदेश सचिव को भी कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि इस मामले में दो मुकदमे दर्ज हैं। जांच की जा रही है।
विज्ञापन
शाहगंज क्षेत्र की महिला का कहना है कि उसका पति तीन तलाक पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था। उससे भी प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया। मगर, उसने इंकार कर दिया। इस पर पति और अन्य लोगों ने पिटाई की। रेप का भी आरोप लगाया। तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा। एक दिन घर से भागकर पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री से मुलाकात पर चार जून 2017 को नौ नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कई महीने बाद पुलिस ने मेडिकल कराया। कोर्ट में बयान कराए। बयान में अज्ञात लोगों का खुलासा किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। आरोपी पक्ष लगातार धमका रहा है। उसने धमकी मिलने पर पुलिस को तहरीर दी। मगर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
विज्ञापन
पीड़िता ने 17 अगस्त को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए एक पत्र भेजा है। प्रदेश सचिव को भी कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि इस मामले में दो मुकदमे दर्ज हैं। जांच की जा रही है।