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'हेलमेट लगाएंगे...औरों को भी समझाएंगे', अमर उजाला की मुहिम से जुड़कर लोगों ने लिया यह संकल्प
Fri, 27 Dec 2019 12:19 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 27 Dec 2019 12:19 AM IST
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लोगों ने हेलमेट लगाने की शपथ ली
- फोटो : अमर उजाला
'मैं शपथ लेता हूं कि स्कूटर या बाइक चलाते समय हेलमेट अवश्य लगाऊंगा। अपने परिजनों, रिश्तेदारों को भी इसके लिए प्रेरित करूंगा। हेलमेट सिर का सुरक्षा कवच है, जो दुर्घटना होने पर जीवन की रक्षा करता है। मैं शहरवासियों को भी इसके लिए जागरूक करूंगा...। यह शपथ लोगों ने अमर उजाला की मुहिम से जुड़कर ली।
आगरा को और बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई अमर उजाला की मुहिम संकल्प-2020 के तहत बृहस्पतिवार को ‘हेलमेट लगाने’ की शपथ शाहगंज, रुई की मंडी, मानस नगर, साकेत कॉलोनी, भोगीपुरा और आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने ली। कार्यक्रम का आयोजन कोठी मीना बाजार मैदान के सामने कृष्ण वाटिका में हुआ।
‘मेरी जान हेलमेट ने ही बचाई’
बोदला के भोगीपुरा निवासी युवक मुकेश कुशवाहा ने बताया कि तीन महीने पहले एनएच-2 पर कामायनी के पास मेरा एक्सीडेंट हुआ था। मैं बाइक पर था, ट्रक की चपेट में आया, सड़क पर घिसटता चला गया, हाथ-पैर टूट गए, लेकिन सिर बच गया, क्योंकि हेलमेट लगाए था। अगर हेलमेट न होता, तो शायद मैं आज आप लोगों के सामने नहीं होता।
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मुकेश कुशवाहा ने कहा कि मैं हेलमेट इसलिए नहीं लगाता, क्योंकि चालान से बचना है, बल्कि इसलिए लगाता हूं, क्योंकि यह एक नहीं, कई जान बचाता है। लगाने वाले की ही नहीं, मां, बहन, बेटा, भाई सहित परिवार के उन सभी लोगों की जो आपसे उम्मीद रखते हैं।
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आगरा को और बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई अमर उजाला की मुहिम संकल्प-2020 के तहत बृहस्पतिवार को ‘हेलमेट लगाने’ की शपथ शाहगंज, रुई की मंडी, मानस नगर, साकेत कॉलोनी, भोगीपुरा और आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने ली। कार्यक्रम का आयोजन कोठी मीना बाजार मैदान के सामने कृष्ण वाटिका में हुआ।
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‘मेरी जान हेलमेट ने ही बचाई’
बोदला के भोगीपुरा निवासी युवक मुकेश कुशवाहा ने बताया कि तीन महीने पहले एनएच-2 पर कामायनी के पास मेरा एक्सीडेंट हुआ था। मैं बाइक पर था, ट्रक की चपेट में आया, सड़क पर घिसटता चला गया, हाथ-पैर टूट गए, लेकिन सिर बच गया, क्योंकि हेलमेट लगाए था। अगर हेलमेट न होता, तो शायद मैं आज आप लोगों के सामने नहीं होता।
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मुकेश कुशवाहा ने कहा कि मैं हेलमेट इसलिए नहीं लगाता, क्योंकि चालान से बचना है, बल्कि इसलिए लगाता हूं, क्योंकि यह एक नहीं, कई जान बचाता है। लगाने वाले की ही नहीं, मां, बहन, बेटा, भाई सहित परिवार के उन सभी लोगों की जो आपसे उम्मीद रखते हैं।
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हेलमेट नहीं, तो ट्रॉमा सेंटर जाना पड़ा
नटरांजलि थियेटर आर्ट्स के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समझाया कि बाइकों की टक्कर में दो युवक सड़क पर गिरे। जिसने हेलमेट लगाया था, उसका सिर सुरक्षित रहा, जिसने नहीं लगाया था, उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाना पड़ा।
प्रदेश सिंधी अकादमी के सदस्य हेमंत भोजवानी ने कहा कि अमर उजाला की यह मुहिम बेहद प्रेरणादायी है। लोग हेलमेट लगाने के लिए अवश्य प्रेरित होंगे। समाजसेवी राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि जैसे कपड़े पहनना जरूरी है, वैसे ही दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है, इसमें चूक होनी ही नहीं चाहिए।
समाजवादी सुनील कर्मचंदानी ने कहा कि उन लोगों से पूछिए जिन्होंने अपनों को सिर्फ इसलिए खो दिया, क्योंकि वे हेलमेट नहीं लगाए थे, ऐसी गलती कोई और न करे। जय प्रकाश धर्मानी ने कहा कि नए साल के लिए इससे अच्छा संकल्प कुछ हो ही नहीं सकता कि लोग हेलमेट लगाएं, सिर सुरक्षित है, तो जीवन सुरक्षित है।
प्रदेश सिंधी अकादमी के सदस्य हेमंत भोजवानी ने कहा कि अमर उजाला की यह मुहिम बेहद प्रेरणादायी है। लोग हेलमेट लगाने के लिए अवश्य प्रेरित होंगे। समाजसेवी राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि जैसे कपड़े पहनना जरूरी है, वैसे ही दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है, इसमें चूक होनी ही नहीं चाहिए।
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