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एसएन हॉस्पिटल के आईसीयू में नहीं मिला वेंटीलेटर, मरीज ने तोड़ा दम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 09 May 2018 10:37 AM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर न मिलने पर मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने हंगामा किया। उनका आरोप है कि वेंटीलेटर खाली होने के बावजूद भी मरीज को आईसीयू में भर्ती नहीं किया गया।
नरायच निवासी मोहन कुशवाहा पुत्र विनोद कुशवाहा 29 अप्रैल को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। खर्चा अधिक होने पर परिजनों ने उनको एसएन हॉस्पिटल में भर्ती कराने का मन बनाया।
निजी अस्पताल के डॉक्टर्स ने मरीज को आईसीयू में ही रखने की जरूरत बताई। मरीज के भाई ऋषि इमरजेंसी गए और ईएमओ से बात की, तो बताया गया कि वेंटीलेटर खाली है, मरीज को ले आओ।
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नरायच निवासी मोहन कुशवाहा पुत्र विनोद कुशवाहा 29 अप्रैल को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा था। खर्चा अधिक होने पर परिजनों ने उनको एसएन हॉस्पिटल में भर्ती कराने का मन बनाया।
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निजी अस्पताल के डॉक्टर्स ने मरीज को आईसीयू में ही रखने की जरूरत बताई। मरीज के भाई ऋषि इमरजेंसी गए और ईएमओ से बात की, तो बताया गया कि वेंटीलेटर खाली है, मरीज को ले आओ।
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ऋषि मंगलवार की दोपहर तीन बजे मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे, तो बताया कि अब वेंटीलेटर खाली नहीं है, इंतजार करो। दो-तीन घंटे के बाद डॉक्टर की ड्यूटी बदल गई।
इधर, मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो ड्यूटी पर आए नए डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराने को कहा। डॉक्टर ने तीमारदार को आईसीयू में बेड खाली होने के बारे में पता करने को कहा।
तीमारदार आईसीयू में गया तो वहां बताया कि बेड खाली है। लौटकर डॉक्टर को ये जानकारी दी तो उसने बताया कि आपका मरीज बचेगा नहीं, इसे वेंटीलेटर पर रखने से कोई लाभ नहीं।
इधर, मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो ड्यूटी पर आए नए डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराने को कहा। डॉक्टर ने तीमारदार को आईसीयू में बेड खाली होने के बारे में पता करने को कहा।
तीमारदार आईसीयू में गया तो वहां बताया कि बेड खाली है। लौटकर डॉक्टर को ये जानकारी दी तो उसने बताया कि आपका मरीज बचेगा नहीं, इसे वेंटीलेटर पर रखने से कोई लाभ नहीं।
तीमारदार डॉक्टर के आगे खूब गिड़गिड़ाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इलाज के अभाव में मोहन कुशवाहा की मौत हो गई। परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
मृतक के भाई ऋषि का कहना है कि डॉक्टर ने मरीज नहीं बचेगा, ये कहते हुए आईसीयू में भर्ती नहीं किया। एसआईसी डॉ. अजय अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच कराते हुए ईएमओ से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
वेंटीलेटर न होने पर इंटरमीडिएट के छात्र की भी मौत हो चुकी है। जनवरी में मथुरा के छात्र को सड़क हादसे में घायल होने के बाद इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। यहां उसे घंटों वेंटीलेटर नहीं मिला, जिसके चलते उसने दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई ऋषि का कहना है कि डॉक्टर ने मरीज नहीं बचेगा, ये कहते हुए आईसीयू में भर्ती नहीं किया। एसआईसी डॉ. अजय अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच कराते हुए ईएमओ से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
वेंटीलेटर न होने पर इंटरमीडिएट के छात्र की भी मौत हो चुकी है। जनवरी में मथुरा के छात्र को सड़क हादसे में घायल होने के बाद इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। यहां उसे घंटों वेंटीलेटर नहीं मिला, जिसके चलते उसने दम तोड़ दिया।