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दिनभर छाई रही धुंध की चादर, एक सप्ताह में 330 की बिगड़ी हालत
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08एमएनपी-10-शहर में छाई धुंध
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में धुंध का कहर कम नहीं हो रहा है। रविवार को भी दिनभर धुंध की चादर छाई रही। चार दिन में एक्यूआई 153 से बढ़कर 212 पर पहुंच गया है। धुंध से दमा और सांस के मरीजों का दम फूल रहा है तो सामान्य लोगों की आंखों में एलर्जी और जलन हो रही है। एक सप्ताह में 330 मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें से दो की मौत भी हो चुकी है।
जिले में धुंध का असर विगत बृहस्पतिवार से बढ़ गया है। रविवार को भी सुबह से ही धुंध छाई रही। बृहस्पतिवार को जिले में एक्यूआई 153 था, जो रविवार को बढ़कर 212 पर पहुंच गया। धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और तो और आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। हवा में प्रदूषण बढ़ने से अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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दमा और सांस के मरीजों की बिगड़ी हालत
धुंध से दमा और सांस के मरीजों की अस्पताल में संख्या बढ़ गई है। दो नवंबर को जिला अस्पताल में दमा और सांस के पांच मरीज भर्ती किए गए। वहीं 25 मरीजों को ओपीडी में उपचार दिया गया। इसी प्रकार तीन नवंबर को नौ मरीज भर्ती किए गए और 32 मरीजों को ओपीडी में उपचार दिया गया। एक मरीज की मौत हो गई।
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चार नवंबर को 11 मरीज भर्ती और 42 मरीजों को ओपीडी में इलाज दिया गया। सात नवंबर को 15 मरीज भर्ती हुए 45 को ओपीडी में उपचार मिला। आठ नवंबर को 15 मरीज भर्ती हुए और 30 मरीजों को ओपीडी में उपचार मिला।
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यह है एक्यूआई
एक्यूआई को एयर क्वालिटी इंडेक्स अथवा वायु गुणवत्ता सूचकांक के नाम से भी जाना जाता है। इससे वातावरण में प्रदूषण की मात्रा का मापन किया जाता है। शून्य से 50 एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101-200 तक प्रदूषित, 201-300 तक अधिक प्रदूषित और 301 से अधिक को बेहतर प्रदूषित माना जाता है।
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एक्यूआई एक नजर में
-153 एक्यूआई था पांच नवंबर को
-163 एक्यूआई था छह नवंबर को
-180 एक्यूआई था सात नवंबर को
-212 एक्यूआई था आठा नवंबर को
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‘मास्क का करें इस्तेमाल’
धुंध से दमा और सांस के मरीजों को परेशानी हो रही है। सभी लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। सुबह घर के बाहर टहलने से बचें। सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
डॉ. जेजेराम, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
आंखों की जलन और खुजली से बचने के लिए लोग दिन में कई बार आंखों को साफ पानी से धोयें।
डॉ. जयनारायण कुशवाहा, चिकित्सक, श्री भजनानंद नेत्र चिकित्सालय
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जिले में धुंध का असर विगत बृहस्पतिवार से बढ़ गया है। रविवार को भी सुबह से ही धुंध छाई रही। बृहस्पतिवार को जिले में एक्यूआई 153 था, जो रविवार को बढ़कर 212 पर पहुंच गया। धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और तो और आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। हवा में प्रदूषण बढ़ने से अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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दमा और सांस के मरीजों की बिगड़ी हालत
धुंध से दमा और सांस के मरीजों की अस्पताल में संख्या बढ़ गई है। दो नवंबर को जिला अस्पताल में दमा और सांस के पांच मरीज भर्ती किए गए। वहीं 25 मरीजों को ओपीडी में उपचार दिया गया। इसी प्रकार तीन नवंबर को नौ मरीज भर्ती किए गए और 32 मरीजों को ओपीडी में उपचार दिया गया। एक मरीज की मौत हो गई।
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चार नवंबर को 11 मरीज भर्ती और 42 मरीजों को ओपीडी में इलाज दिया गया। सात नवंबर को 15 मरीज भर्ती हुए 45 को ओपीडी में उपचार मिला। आठ नवंबर को 15 मरीज भर्ती हुए और 30 मरीजों को ओपीडी में उपचार मिला।
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यह है एक्यूआई
एक्यूआई को एयर क्वालिटी इंडेक्स अथवा वायु गुणवत्ता सूचकांक के नाम से भी जाना जाता है। इससे वातावरण में प्रदूषण की मात्रा का मापन किया जाता है। शून्य से 50 एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101-200 तक प्रदूषित, 201-300 तक अधिक प्रदूषित और 301 से अधिक को बेहतर प्रदूषित माना जाता है।
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एक्यूआई एक नजर में
-153 एक्यूआई था पांच नवंबर को
-163 एक्यूआई था छह नवंबर को
-180 एक्यूआई था सात नवंबर को
-212 एक्यूआई था आठा नवंबर को
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‘मास्क का करें इस्तेमाल’
धुंध से दमा और सांस के मरीजों को परेशानी हो रही है। सभी लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। सुबह घर के बाहर टहलने से बचें। सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
डॉ. जेजेराम, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
आंखों की जलन और खुजली से बचने के लिए लोग दिन में कई बार आंखों को साफ पानी से धोयें।
डॉ. जयनारायण कुशवाहा, चिकित्सक, श्री भजनानंद नेत्र चिकित्सालय