पतंग के मांझे में फंस कर घायल हुआ उल्लू, वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने किया रेस्क्यू
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आगरा में वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रेस्क्यू यूनिट ने सोमवार को ताज नेचर वॉक में पतंग के मांझे से घायल हुए एक बार्न उल्लू को बचाया। उल्लू के बाएं पंख में चोट है। वाइल्डलाइफ एसओएस फैसिलिटी में उसका उपचार चल रहा है।
आगरा में वन विभाग के अधिकारियों ने संरक्षित वन परिसर ताज नेचर वॉक में एक बार्न उल्लू को मंझे में फंसा देखा। उसके बाएं पंख में चोट लगी थी। इससे वह उड़ने में असमर्थ था। वन अधिकारी ने वाइल्डलाइफ एसओएस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची संस्था की रैपिड रिस्पांस यूनिट घायल उल्लू को उपचार और देखभाल के लिए अपने पशु अस्पताल में ले गई।
वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ. एस. इलियाराजा ने कहा कि उल्लू के बाएं पंख में चोट है। उसे सभी आवश्यक उपचार के साथ लेजर थेरेपी दे रहे हैं। एक बार पूरी तरह से ठीक हो जाने के बाद, उसे वापस प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
संस्था के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि सरकार द्वारा प्रतिबंध के बावजूद मांझे का खतरा जारी है। चूंकि पक्षी सुबह एवं शाम को अधिक सक्रिय होते हैं, हम जनता से इस वक़्त के दौरान पतंग न उड़ाने का अनुरोध करते हैं।
उन्होंने बार्न उल्लू दुनिया में सबसे कॉमन रूप से वितरित प्रजाति है और पक्षियों की सभी प्रजातियों में से सबसे व्यापक है। ये उल्लू आम तौर पर पेड़ की दरार, खोखले या छतों में आराम करते हैं और छोटे जीव जैसे चूहे और छोटे पक्षियों का शिकार करते हैं।