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सड़क हादसों में हर 36 घंटे में जा रही एक जान
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03एमएनपी-31-जेल तिराहे पर डग्गामार में लटकते लोग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। यातायात नियमों का उल्लंघन लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। जिले में प्रत्येक 36 घंटे में एक जिंदगी सड़क हादसे के कारण समाप्त हो रही है। बीते दो माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं।
जिले की सड़कों पर हर दिन के साथ वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन यातायात नियमों की किसी को परवाह नहीं है। नियमों के उल्लंघन के चलते सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासन भी केवल चेकिंग और चालान कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेता है। बीते दो माह की अगर बात करें तो कुल 60 दिन में 40 लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे साफ है कि प्रत्येक 36 घंटे में सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान जा रही है।
लोडर और ट्रैक्टर ढो रहे सवारियां
लोडर और ट्रैक्टर का मुख्य उपयोग सामान लाने और ले जाने के लिए किया जा रहा है लेकिन जिले में लोडर जहां सवारियां ढो रहे हैं तो ट्रैक्टर की ट्रॉली में भी लोग सफर कर रहे हैं। यही लापरवाही हादसों का कारण बनती है। हाल ही में ट्राली पर बैठे एक बालक की आलीपुर खेड़ा क्षेत्र में ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई थी।
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देवेंद्र शंकर पांडेय, यातायात निरीक्षक से दो टूक
सवाल: आए दिन हादसे हो रहे हैं, क्या कारण है।
जवाब: हादसों का कारण तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी रही है।
सवाल: ओवरलोड़ सवारी वाहनों पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
जवाब: हररोज अभियान चलाकर चालान काटे जा रहे हैं, वाहन भी सीज किए जा रहे हैं।
सवाल: हादसे रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
जवाब: जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, चेकिंग भी की जाती है।
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जिले की सड़कों पर हर दिन के साथ वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन यातायात नियमों की किसी को परवाह नहीं है। नियमों के उल्लंघन के चलते सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासन भी केवल चेकिंग और चालान कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेता है। बीते दो माह की अगर बात करें तो कुल 60 दिन में 40 लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे साफ है कि प्रत्येक 36 घंटे में सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान जा रही है।
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लोडर और ट्रैक्टर ढो रहे सवारियां
लोडर और ट्रैक्टर का मुख्य उपयोग सामान लाने और ले जाने के लिए किया जा रहा है लेकिन जिले में लोडर जहां सवारियां ढो रहे हैं तो ट्रैक्टर की ट्रॉली में भी लोग सफर कर रहे हैं। यही लापरवाही हादसों का कारण बनती है। हाल ही में ट्राली पर बैठे एक बालक की आलीपुर खेड़ा क्षेत्र में ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई थी।
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देवेंद्र शंकर पांडेय, यातायात निरीक्षक से दो टूक
सवाल: आए दिन हादसे हो रहे हैं, क्या कारण है।
जवाब: हादसों का कारण तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी रही है।
सवाल: ओवरलोड़ सवारी वाहनों पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
जवाब: हररोज अभियान चलाकर चालान काटे जा रहे हैं, वाहन भी सीज किए जा रहे हैं।
सवाल: हादसे रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
जवाब: जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, चेकिंग भी की जाती है।