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रोजाना महज 35 यात्री हवाई सफर से आते हैं ताजनगरी, जाने वालों की संख्या इससे भी कम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:18 AM IST
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चार साल में आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर हवाई उड़ानों की अनिश्चितता के बीच हर उड़ान पर 35 हवाई यात्री सफर कर रहे हैं। इनमें आगरा आने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा है, जबकि यहां से जाने वालों की संख्या कम।
हर सप्ताह आगरा में एयर इंडिया की तीन और एलाइंस एयर की चार दिन उड़ानें आ रही हैं। ताजमहल देखने वाले पर्यटकों से तुलना करें तो आगरा में प्रति हजार में केवल दो पर्यटक ही हवाई यात्रा कर रहे हैं।
एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक आगरा से चार सालों में आने-जाने वाले उड़ानों की संख्या 1710 है। यानी यहां केवल 855 हवाई जहाज ही इस अवधि में आए। ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे वर्ल्ड हेरिटेज मान्यूमेंट के शहर में विमानों की कम उड़ान और यात्रियों की संख्या चौंकाती है।
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हर सप्ताह आगरा में एयर इंडिया की तीन और एलाइंस एयर की चार दिन उड़ानें आ रही हैं। ताजमहल देखने वाले पर्यटकों से तुलना करें तो आगरा में प्रति हजार में केवल दो पर्यटक ही हवाई यात्रा कर रहे हैं।
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एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक आगरा से चार सालों में आने-जाने वाले उड़ानों की संख्या 1710 है। यानी यहां केवल 855 हवाई जहाज ही इस अवधि में आए। ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे वर्ल्ड हेरिटेज मान्यूमेंट के शहर में विमानों की कम उड़ान और यात्रियों की संख्या चौंकाती है।
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इस साल अप्रैल से जून तक 103 उड़ान
इस साल अप्रैल से जून तक आगरा से 2190 लोगों ने हवाई यात्रा की। 1620 यात्री हवाई सफर से आगरा पहुंचे। वहीं यहां से जाने वालों की संख्या 570 है। आगरा से आने-जाने वाली उड़ानों की संख्या 103 है।
यही नहीं, दुनिया भर में धाक जमा चुके आगरा के जूता, हस्तशिल्प और कालीन के निर्यातकों के शहर में इतनी कम हवाई उड़ानें अपनी कहानी स्वयं बयां करती हैं कि पर्यटक व उद्यमी हवाई यात्रा का उपयोग नहीं करते।
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने आगरा को चेन्नई, बंगलुरू, गोवा, कोलकाता, हैदराबाद आदि दूर के शहरों से हवाई मार्ग से जोड़ने की मांग की है। नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखे पत्र में एडीएफ ने कहा है कि उड़ान योजना के तहत नई फ्लाइट जोड़ी जाएं।
सिविल एन्क्लेव का काम शुरू होने वाला है। ऐसे में दक्षिण, पश्चिमी और पूर्वी भारत से आगरा को जोड़ने की जरूरत है। मंत्रालय सिविल एविएशन कंपनियों से वार्ता कर इस संबंध में पहल करे।
यही नहीं, दुनिया भर में धाक जमा चुके आगरा के जूता, हस्तशिल्प और कालीन के निर्यातकों के शहर में इतनी कम हवाई उड़ानें अपनी कहानी स्वयं बयां करती हैं कि पर्यटक व उद्यमी हवाई यात्रा का उपयोग नहीं करते।
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने आगरा को चेन्नई, बंगलुरू, गोवा, कोलकाता, हैदराबाद आदि दूर के शहरों से हवाई मार्ग से जोड़ने की मांग की है। नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखे पत्र में एडीएफ ने कहा है कि उड़ान योजना के तहत नई फ्लाइट जोड़ी जाएं।
सिविल एन्क्लेव का काम शुरू होने वाला है। ऐसे में दक्षिण, पश्चिमी और पूर्वी भारत से आगरा को जोड़ने की जरूरत है। मंत्रालय सिविल एविएशन कंपनियों से वार्ता कर इस संबंध में पहल करे।