फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Only gas units are allowed GAIL will have to provide 24 hour supply TTZ guidelines issued

Agra: सिर्फ गैस इकाइयों को अनुमति, गेल को 24 घंटे देनी होगी आपूर्ति...TTZ की गाइडलाइन जारी

Tue, 06 May 2025 09:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 06 May 2025 09:59 AM IST
सार

 नीरी ने कांच उद्योग के साथ अन्य उद्योगों के लिए सेक्टोरियल गाइडलाइन में सुझाव दिए हैं। उद्योगों को पीएम कणों, सल्फर, नाइट्रेट के मानकों का पालन करना होगा।
 

विज्ञापन
Only gas units are allowed GAIL will have to provide 24 hour supply TTZ guidelines issued
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) ने ताज ट्रेपेजियम जोन में कांच उद्योग समेत अन्य के लिए गाइडलाइन जारी की है। इन्हें सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है, जिस पर सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी से रिपोर्ट मांगी गई है। सिर्फ गैस इकाइयों को अनुमति दी गई है। गेल को 24 घंटे गैस की आपूर्ति करनी होगी।
विज्ञापन


नीरी ने 800 किलोवाट तक के गैस जनरेटर के इस्तेमाल और प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों के पालन की सिफारिश भी की है। प्रदूषण स्कोर 11 से 20 के बीच वाले उद्योगों के लिए यह गाइडलाइन लागू की जानी है, जिसे कोर्ट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
विज्ञापन




 

ग्लास उद्योग के लिए यह सुझाव
- लकड़ी, कोयला, फर्नेस ऑयल, केरोसिन आधारित भट्ठियों की अनुमति नहीं।
- सीएनजी, पीएनजी, एलएनजी या बिजली आधारित भट्ठियों को ही अनुमति।
- हर उद्योग को उत्सर्जन मानकों का पालन करना होगा, हर 6 माह में निगरानी।
- खतरनाक धातुओं आर्सेनिक, सीसा, कैडमियम, क्रोमियम की लगातार निगरानी।
- 800 किलोवाट तक के गैस आधारित बिजली जनरेटरों को अनुमति दी जाएगी।
- 40,000 एससीएमडी से अधिक गैस खपत वाले उद्योगों के उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी।
- पीएम, एसओटू, एनओटू के मानदंडों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से जोड़ा जाएगा।
- फैक्टरी में ध्वनि प्रदूषण का स्तर 85 डेसिबल से कम रखना होगा, नियंत्रण के उपाय करने होंगे।
- मशीनों पर काम करने वाले कर्मचारियों को ईयर प्लग, ईयर मफ के साथ मास्क देने होंगे।
- कर्मचारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण हर 6 माह में दो साल तक की अवधि के लिए करना होगा।

 

उद्योगों के लिए सुझाव
- कुशल भट्ठी डिजाइन का उपयोग करें, जिसका बर्नर डिजाइन, फायरिंग पैटर्न अच्छा हो।
- भारी धातुओं नाइट्रेट, सल्फेट यौगिकों की जगह पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करें।
- पानी के छिड़काव से सूक्ष्म कण उत्सर्जन को कम करें, कच्चा माल कन्वेयर बेल्ट से भट्ठी तक ले जाएंं।
- फैक्टरी परिसर में हरित पट्टी बनाई जाए, बाउंड्री के चारों ओर देसी प्रजाति के पौधे लगाए जाएं।
- माल का परिवहन तिरपाल या प्लास्टिक शीट से ढककर करें, 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
- राज्य सरकार, गेल उद्योगों के संचालन के लिए 24 घंटे निर्बाध गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

 
विज्ञापन

कम स्कोर वाले ऐसे करेंगे आवेदन
ऐसी इकाई, जिनका वायु प्रदूषण स्कोर 11 से 20 के बीच है। उनके लिए उत्पादन या क्षमता विस्तार की यह प्रक्रिया रहेगी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पोर्टल पर आवेदन जमा करना होगा। टीटीजेड प्राधिकरण पूर्व सहमति मूल्यांकन करेगा।
औद्योगिक क्षेत्र तकनीकी मूल्यांकन समिति (एलएटीईसी) मासिक आधार पर बैठक करेगी। इसमें टीटीजेड चेयरमैन, जिला प्रशासन, ग्लास उद्योग विकास केंद्र, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी, गेल, उपायुक्त उद्योग शामिल होंगे। समिति की रिपोर्ट पर सीटीई प्रदान की जाएगी। फाउंड्री और स्टोन क्रशर के लिए भी यही गाइडलाइन तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed