डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: 86वें दीक्षांत समारोह में प्रदान किए जाएंगे 108 पदक
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 86वां दीक्षांत समारोह 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे से होगा। इस बार 137 पदकों में से सिर्फ 108 पदक प्रदान किए जाएंगे।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले कुल पदकों की संख्या 137 है। इस दीक्षांत समारोह में 108 पदक ही जाएंगे। बाकी पदक पाठ्यक्रम व विषय के बंद होने, पाठ्यक्रमों के परिणाम जारी न होने आदि वजहों ने नहीं दिए जाएंगे। 14 पदक ऐसे हैं, गत 10 वर्ष से अधिक पाठ्यक्रम बंद होने की वजह से नहीं दिए जा रहे हैं। इन पदकों को किसी और विषय या पाठ्यक्रम के छात्रों को दिए जाने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है।
किसी पाठ्यक्रम के बंद होने पर उसमें दिए जाने वाले पदक को अन्य किसी पाठ्यक्रम व विषय के लिए दिया जा सकता है। गत 10 वर्षों में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस दिशा में प्रयास नहीं किया गया है। यदि कोई पाठ्यक्रम बंद हो जाता है, तो पदक को दूसरे पाठ्यक्रम में बदले जाने के लिए संबंधित प्रस्तावक से सहमति लेकर उसे विद्या परिषद, कार्य परिषद में रखकर प्रस्ताव पास किया जा सकता है।
राजभवन की मुहर के बाद पदक दूसरे विषय या पाठ्यक्रम में परिवर्तित हो सकता है। विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि जो पाठ्यक्रम बंद हो गए हैं, उनको बदलने के लिए प्रस्ताव सामने नहीं आए। इससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
विषय व पाठ्यक्रम संचालित न होने से ये पदक नहीं दिए जा रहे
1- जुगल किशोर अग्रवाल स्मृति (स्वर्ण पदक)- बीएससी (इंजीनियरिंग फाइनल) मेकेनिकल ब्रांच की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले को दिया जाता था।
2- डॉ. एनडी सिंह (स्वर्ण पदक) - एमए हिंदी की परीक्षा के प्रश्नपत्र साहित्यशास्त्र और समालोचना) में उच्चतम अंक पाने वाले को दिया जाता था।
3- बाबू गुलाब राय स्मृति (स्वर्ण पदक) एमएम हिंदी की परीक्षा में निबंध के प्रश्नपत्र में सर्वोच्चतम अंक पाने वाले को दिया जाता था।
4- डॉ. सीपी सिंह स्मृति (स्वर्ण पदक) एमएससी उत्तरार्द्ध परीक्षा में जीव विज्ञान के फिसरीज प्रश्नपत्र में उच्चतम अंक पाने वाले को दिया जाता था।
5- डॉ. केसी अग्रवाल स्मृति (स्वर्ण पदक) एमएससी अकार्बनिक रसायन की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले को दिया जाता था।
6- चंद्रावती कपूर शिख फाउंडेशन (स्वर्ण पदक)- एमएससी औद्योगिक गणित की परीक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले को दिया जाता था।
7- श्रीमती वीरनवती मल्होत्रा स्मृति (स्वर्ण पदक)- गृह विज्ञान संस्थान की बीए उत्तरार्ध की परीक्षा में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले को दिया जाता था।
8- गिरवरलाल प्यारेलाल शिक्षा ट्रस्ट आगरा (स्वर्ण पदक) - एमएससी गृह विज्ञान की परीक्षा के शिक्षा प्रसार विषय में सर्वाधिक अंक पाने वाले को दिया जाता था।
9- सीबी अग्रवाल (स्वर्ण पदक)- विवि के समाज विज्ञान संस्थान व केएमआई में सर्वश्रेष्ठ शोध कार्य करने के लिए दिया जाता था।
10- श्री उदयभान स्मृति (स्वर्ण पदक) - पत्रकारिता पाठ्यक्त्रस्म में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वालों को मिलता था।
11- डॉ. बालेंद्र किशोर त्रिवेदी (स्वर्ण पदक) एमबीबीएस सेकेंड प्रोफेशनल की मुख्य परीक्षा में सामुदायिक औषधि विज्ञान विषय में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले को दिया जाता था।
12- कौशलानंद सहाय (रजत पदक) एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल की परीक्षा में कर्ण, नासिक एवं कंठ (ईएनटी) चिकित्सा विज्ञान में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले को दिया जाता था।
13- डॉ. टुकीराम एल्हेंस (स्वर्ण पदक) एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल की परीक्षा में प्रसूति विज्ञान एवं नेत्र चिकित्सा विज्ञान में मिलाकर सबसे अधिक अंक पाने वाले को दिया जाता था।
14- श्रीमती शिवदेवी स्मृति (स्वर्ण पदक) एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल की परीक्षा में प्रसूति विज्ञान व स्त्री रोग चिकित्सा विज्ञान एवं कर्ण, नासिका व कंठ एवं नेत्र चिकित्सा विषय को मिलाकर दिया जाता था। कर्ण, नासिका व कंठ (ईएनटी विषय पाठ्यक्त्रस्म में नहीं है)।
इन पाठ्यक्रमों के टॉपर्स को पदक देने की व्यवस्था नहीं
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों और आवासीय संस्थानों में संचालित कई पाठ्यक्रमों में पदक नहीं है। इसमें एमएससी स्टेटिस्टिक, एमएससी होम साइंस (महाविद्यालयों में), एमए एजुकेशन, बीएससी और एमएससी एग्रीकल्चर, एमए जियोग्राफी, एमए उर्दू, मिलिट्री स्टडीज, बीएससी जूलॉजी एंड बॉटनी, बीबीए, बीसीए, एमएससी कंप्यूटर साइंस, स्नातक स्तर पर साइकोलॉजी और जियोग्राफी शामिल हैं। इनके टॉपर्स को पदक नहीं मिलता।