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Agra News: ब्रेन अटैक से हर दो मिनट में हो रही एक मौत, दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

Thu, 08 Dec 2022 12:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 08 Dec 2022 12:01 AM IST
सार

न्यूरो सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर मरीज को साढ़े चार घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच जाना चाहिए। उसका एक दवा से इलाज किया जा सकता है।
 

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One death every two minutes due to brain attack if you see these symptoms then be alert
न्यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अधिवेशन में मौजूद चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हार्ट अटैक की तरह ही ब्रेन अटैक होता है। हार्ट अटैक में 80 से 90 फीसदी मरीजों को सीने में दर्द होता है। ब्रेन अटैक होने पर दर्द नहीं होता। यह कभी भी और किसी को भी हो सकता है। देश में ब्रेन अटैक या स्ट्रोक से हर दो मिनट में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। हर 20 सेकंड में एक व्यक्ति को अटैक होता है। ये बातें एम्स, दिल्ली के न्यूरो सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बुधवार को होटल अमर में कही। 

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डॉ. दीपक न्यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अधिवेशन में आगरा शाखा की ओर से आयोजित जन जागरूकता गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर मरीज को साढ़े चार घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच जाना चाहिए। उसका एक दवा से इलाज किया जा सकता है। देरी होने पर जटिलता बढ़ जाती है। 65 वर्ष से कम आयु के हर चार में से एक व्यक्ति को स्ट्रोक हो सकता है। सेहत का ध्यान, उचित खानपान और व्यायाम से इससे बचा जा सकता है। 
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 अधिवेशन के आयोजन सचिव डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल ने बताया कि अधिवेशन 11 दिसंबर तक चलेगा। देश व दुनिया के चर्चित विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। ब्रेन स्ट्रोक एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। मस्तिष्क को खून की आपूर्ति करने वाली नसों के फटने या ब्लॉकेज की वजह से ऐसा होता है। यह अचानक होता है। जबलपुर के डॉ. वाईआर यादव, न्यूरो सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता व डॉ. अरुण सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।

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बच्चे हैं तो बालकनी व छज्जे का रास्ता बंद करें

डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि इस समय देश भर में बच्चों का जीवन बचाने के लिए ‘सुरक्षित छज्जा, सुरक्षित बच्चा’ अभियान चलाया जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर में 60 फीसदी बच्चे गिरने वाले आते हैं। हर माह 15 से 20 बच्चे बालकनी से गिरने वाले पहुंचते हैं। इसमें से चार से पांच की मौत हो जाती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि घर में बच्चा है तो वह बालकनी व छज्जे का रास्ता बंद रखें। जिससे वह ऊंचाई पर चढ़ न पाएं। डॉ. दीपक गुप्ता ने लोगों ने अंगदान करने की भी अपील की। 

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मामले: डॉ. आरसी मिश्रा

वरिष्ठ न्यूरोसर्जन व अधिवेशन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. आरसी मिश्रा ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक देश में मृत्यु व विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। अध्ययन के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में प्रति एक लाख जनसंख्या पर स्ट्रोक का अनुमानित प्रसार दर 84 से 262 और ग्रामीण क्षेत्र में 334 से 424 है। युवाओं और बच्चों में स्ट्रोक के मामले आ रहे हैं। उनके यहां नौ वर्ष बच्चा भर्ती है। रक्तस्रावी स्ट्रोक खतरनाक है। इसमें नस ब्लॉक हो जाती है। शरीर का महज दो फीसदी हिस्सा ब्रेन होता है, जबकि इसको 20 फीसदी रक्त की आपूर्ति की जरूरत होती है। इसे साफ रक्त मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्यूरो के मरीज जिन अस्पतालों में पहुंचते हैं वहां न्यूरो क्रिटिकल केयर जरूर होना चाहिए। 

स्ट्रोक के लक्षण: 

बोलने व समझने में परेशानी होना, भ्रम का अनुभव करना, बोलने की गति धीमी होना, समझने में कठिनाई महसूस करना, चेहरे, बांह या पैर में सुन्नता, शरीर के एक तरफ के अंग का अचानक सुन्न हो जाना, कमजोरी महसूस करना, अचानक सिर में तेज दर्द, कुछ समय के लिए दृष्टि बाधित होना प्रमुख लक्षण हैं। साथ ही एक ही समय में अपने सिर पर अपने दोनों हाथों को उठाने की कोशिश करें यदि एक हाथ गिरता है तो वह स्ट्रोक हो सकता है। मुस्कराने में यदि एक तरफ का होठ न उठें या झूल जाएं तो यह स्ट्रोक की निशानी हो सकती है।  

बचाव के उपाय: 

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें, आहार में कोलस्ट्रोल व संतृप्त वसा की मात्रा कम रखें, स्वस्थ वजन बनाए रखें, मधुमेह पर नियंत्रण करें, फलों और हरी सब्जियों का सेवन करें, नियमित रूप से व्यायाम करें, ज्यादा तंबाकू व शराब के सेवन से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अवैध नशीले पदार्थों के सेवन से बचें। 

जनता के सवाल... विशेषज्ञों के जवाब 

सवाल: अंगदान की प्रक्रिया बहुत कठिन है, एप्निया टेस्ट आदि समस्याएं आती हैं। इसे कैसे आसान बनाया जा सकता है? (मुकेश जैन)
जवाब: एप्निया टेस्ट आसान है। अंगदान के लिए प्रदेश में सोटो व राष्ट्रीय स्तर पर नोटो से संपर्क किया जा सकता है। तीन माह के बच्चे की किडनी भी दूसरों के काम आ सकती है। 



सवाल: लोगों में खर्राटे की समस्या की मुख्य वजह क्या है?   (डॉ. राजकुमार उपाध्याय)
जवाब: गले की मांसपेशियों के कमजोर होने, मोटापे की वजह से वसा का जमाव होने से खर्राटे आते हैं। मशीन लगाकर व ऑपरेशन के जरिये तालू का मांस कम करके समस्या दूर की जा सकती है। 

सवाल: अचानक मौत की घटनाएं बढ़ी हैं क्या वजह है?
जवाब: हार्ट अटैक व ब्रेन अटैक में कई बार लोगों को अस्पताल तक पहुंचने का मौका नहीं मिलता। हो सकता है कि व्यक्ति को पहले से कोई परेशानी हो जांच न कराई हो। समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए।

सवाल: ब्रेन स्ट्रोक क्यों होता है? (दीपक)
जवाब: ब्रेन स्ट्रोक की मुख्य वजह उच्च रक्तचाप है। अन्य कई कारण हैं। कोरोना के बाद महिलाओं की प्रेगनेंसी के बाद भी स्ट्रोक के मामले आ रहे हैं। 

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