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घोटाले में फंसे अधिकारी एसआईटी ने तलब किए
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 03 Nov 2015 01:57 AM IST
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डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के चर्चित मार्कशीट घोटाले की एफआईआर में नामजद किए गए पांचों अधिकारियों को एसआईटी ने चार नवंबर को तलब किया है। इन्हें जांच एजेंसी के लखनऊ स्थित दफ्तर में अपनी सफाई पेश करनी है। अगर ये नहीं जाते हैं तो एसआईटी इनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी कराने के लिए प्रार्थना पत्र देगी। इसके बाद गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाएगी।
इनमें शिव पूजन (तत्कालीन रजिस्ट्रार), शिवदत्त शर्मा (तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार), हरीश कसाना (तत्कालीन चार्ट रूम प्रभारी), महिपाल सिंह (तत्कालीन बीएड सेक्शन प्रभारी) और तत्कालीन गोपनीय चार्ट प्रभारी शामिल हैं। इनके खिलाफ एसआईटी ने लखनऊ स्थित अपने थाने में केस दर्ज किया है।
केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पांचों के नाम नोटिस जारी किया गया है। इन पर 2005 में 450 छात्रों को जाली मार्कशीट जारी कर उसका रिकार्ड गोपनीय चार्ट में दर्ज करने का आरोप है। इन 450 में से 225 को सहायक अध्यापक की नौकरी मिल चुकी है। इनका बयान हो जाने के बाद अध्यापकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया जा सकता है।
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अगर ये लोग नहीं जाते हैं तो चार नवंबर के बाद किसी भी दिन पुलिस बल के साथ एसआईटी विवि आ सकती है। उधर, एसआईटी ने 2005 के आगे 2009 तक की जांच भी तेज कर दी है।
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इनमें शिव पूजन (तत्कालीन रजिस्ट्रार), शिवदत्त शर्मा (तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार), हरीश कसाना (तत्कालीन चार्ट रूम प्रभारी), महिपाल सिंह (तत्कालीन बीएड सेक्शन प्रभारी) और तत्कालीन गोपनीय चार्ट प्रभारी शामिल हैं। इनके खिलाफ एसआईटी ने लखनऊ स्थित अपने थाने में केस दर्ज किया है।
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केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पांचों के नाम नोटिस जारी किया गया है। इन पर 2005 में 450 छात्रों को जाली मार्कशीट जारी कर उसका रिकार्ड गोपनीय चार्ट में दर्ज करने का आरोप है। इन 450 में से 225 को सहायक अध्यापक की नौकरी मिल चुकी है। इनका बयान हो जाने के बाद अध्यापकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया जा सकता है।
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अगर ये लोग नहीं जाते हैं तो चार नवंबर के बाद किसी भी दिन पुलिस बल के साथ एसआईटी विवि आ सकती है। उधर, एसआईटी ने 2005 के आगे 2009 तक की जांच भी तेज कर दी है।