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Nutritional Scams: अधिकारी मांगते हैं कमीशन...इसलिए बिक रहा पुष्टाहार, खुलकर सामने आईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
Sat, 05 Oct 2024 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 05 Oct 2024 10:06 AM IST
सार
एक तरह पुष्टाहार वितरण में घोटाले का शोर मचा हुआ है, तो वहीं अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी विरोध में खड़ी हो गईं हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी कमीशन मांगते हैं। इसलिए राशन बिक रहा है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुष्टाहार वितरण में घोटाला सामने आने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीडीपीओ, सुपरवाइजर समेत 17 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निलंबित होने के बाद महिला आंगनबाड़ी संघ ने सिकंदरा स्मारक पर बैठक की। कहा कि अधिकारी कमीशन मांगते हैं, इसलिए पुष्टाहार बाजार में बिक रहा है। उन्होंने पुष्टाहार वितरण का बहिष्कार करने का एलान किया और तय किया कि शनिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम को सच्चाई बताएंगी।
पुष्टाहार में भ्रष्टाचार के मामले में तीन लोग जेल जा चुके हैं। शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सामने आईं और कालाबाजारी का कच्चा चिट्ठा खोला। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी और पुष्टाहार वितरण के बहिष्कार का एलान किया। कहा कि अधिकारी उन पर दबाव डालते हैं। किसी से 2 हजार तो किसी से 3 हजार रुपये पुष्टाहार के बदले मांगते हैं। जो नहीं देता उसे परेशान किया जाता है। काम में तमाम कमियां गिनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ता को सरकार से महज 5000 रुपये मानदेय मिलता है। बच्चों को पढ़ाने से लेकर गर्भवतियों की देखभाल, डिलीवरी के अलावा चुनाव में बीएलओ ड्यूटी करनी पड़ती है। अधिकारियों का कमीशन बंद हो जाए तो ईमानदारी से पुष्टाहार का वितरण होगा।
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पुष्टाहार में भ्रष्टाचार के मामले में तीन लोग जेल जा चुके हैं। शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सामने आईं और कालाबाजारी का कच्चा चिट्ठा खोला। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी और पुष्टाहार वितरण के बहिष्कार का एलान किया। कहा कि अधिकारी उन पर दबाव डालते हैं। किसी से 2 हजार तो किसी से 3 हजार रुपये पुष्टाहार के बदले मांगते हैं। जो नहीं देता उसे परेशान किया जाता है। काम में तमाम कमियां गिनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ता को सरकार से महज 5000 रुपये मानदेय मिलता है। बच्चों को पढ़ाने से लेकर गर्भवतियों की देखभाल, डिलीवरी के अलावा चुनाव में बीएलओ ड्यूटी करनी पड़ती है। अधिकारियों का कमीशन बंद हो जाए तो ईमानदारी से पुष्टाहार का वितरण होगा।
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बोलीं- पुलिस कर रही टॉर्चर
शुक्रवार को 11 निलंबित कार्यकर्ता सामने आईं। उन्होंने कहा कि उनका नाई की मंडी कांड से कोई लेना-देना नहीं। फिर भी पुलिस बिना वजह उत्पीड़न कर रही है। रात में कई महिलाओं को पुलिस पूछताछ के बहाने ले गई। उन्हें टॉचर किया गया। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने तंग आकर आत्महत्या की कोशिश की। यही हाल रहा तो सामूहिक आत्मदाह के लिए मजबूर हाेंगे। निर्दोष कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
शुक्रवार को 11 निलंबित कार्यकर्ता सामने आईं। उन्होंने कहा कि उनका नाई की मंडी कांड से कोई लेना-देना नहीं। फिर भी पुलिस बिना वजह उत्पीड़न कर रही है। रात में कई महिलाओं को पुलिस पूछताछ के बहाने ले गई। उन्हें टॉचर किया गया। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने तंग आकर आत्महत्या की कोशिश की। यही हाल रहा तो सामूहिक आत्मदाह के लिए मजबूर हाेंगे। निर्दोष कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
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दो महीने पहले डीएम को किया था आगाह
महिला आंगनबाड़ी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डालचंद चौधरी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो माह पहले कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया था। अधिकारियों की ओर से दवाब डालने और कमीशन के प्रति जिलाधिकारी को आगाह किया था। पर, उनकी सुनवाई नहीं हुई। नाई की मंडी में जब गोदाम से पुष्टाहार पकड़ा गया, तब कार्रवाई की याद आई। इस मामले में जल्द एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। निर्दोष का उत्पीड़न हुआ तो प्रदेशव्यापी हड़ताल और आंदोलन होगा।
महिला आंगनबाड़ी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डालचंद चौधरी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दो माह पहले कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया था। अधिकारियों की ओर से दवाब डालने और कमीशन के प्रति जिलाधिकारी को आगाह किया था। पर, उनकी सुनवाई नहीं हुई। नाई की मंडी में जब गोदाम से पुष्टाहार पकड़ा गया, तब कार्रवाई की याद आई। इस मामले में जल्द एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। निर्दोष का उत्पीड़न हुआ तो प्रदेशव्यापी हड़ताल और आंदोलन होगा।
आज डीएम से मिलेंगी कार्यकर्ता
संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मुन्ना मिश्रा ने कहा कि जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शनिवार को कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होंगी। जिलाधिकारी से भेंट कर उन्हें वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा।
संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मुन्ना मिश्रा ने कहा कि जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शनिवार को कलेक्ट्रेट में इकट्ठा होंगी। जिलाधिकारी से भेंट कर उन्हें वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा।
अलबतिया केंद्र पर रहा सन्नाटा
निलंबित सीडीपीओ विमल चौबे अलबतिया रोड स्थित कार्यालय में बैठते थे। शुक्रवार को वहां सन्नाटा रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यहां मौजूद थीं, लेकिन सब चुप्पी साधे थीं। नाई की मंडी स्थित गोदाम में पुष्टाहार मिलने पर डीपीओ आदीश मिश्रा के साथ सबसे पहले सीडीपीओ विमल चौबे ही एफआईआर लिखवाने पहुंचे थे। पर, नाई की मंडी पुलिस ने एफआईआर नहीं लिखी थी।
निलंबित सीडीपीओ विमल चौबे अलबतिया रोड स्थित कार्यालय में बैठते थे। शुक्रवार को वहां सन्नाटा रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यहां मौजूद थीं, लेकिन सब चुप्पी साधे थीं। नाई की मंडी स्थित गोदाम में पुष्टाहार मिलने पर डीपीओ आदीश मिश्रा के साथ सबसे पहले सीडीपीओ विमल चौबे ही एफआईआर लिखवाने पहुंचे थे। पर, नाई की मंडी पुलिस ने एफआईआर नहीं लिखी थी।