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नई व्यवस्था: अब कोरोना के लक्षण दिखने पर ही लिए जाएंगे सैंपल
Fri, 05 Jun 2020 12:11 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 05 Jun 2020 12:11 AM IST
सार
अगर लक्षण नहीं मिले, तो जांच नहीं होगी
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोरोना के सैंपल अब तभी लिए जाएंगे, जब लक्षण दिखाए देंगे। आईसीएमआर ने इसकी गाइड लाइन जारी की है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच में पांच से आठ लग सकते हैं। अगर लक्षण नहीं मिले, तो जांच नहीं होगी।
गाइडलाइन का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग का तरीका बदल दिया है। ताजनगरी में मार्च और अप्रैल में जब कोरोना संक्रमण का फैलाव हुआ तो स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासन एक-एक संदिग्ध को घर से खोज कर उनकी जांच कर रहा था।
तब 70 प्रतिशत से अधिक ऐसे संक्रमित मिले जिनमें लक्षण नहीं थे। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि नए मरीजों के संपर्क में आए लोगों को पहले दिन से ही होम क्वारंटीन करते हैं। 18 घंटे में कॉन्टेक्ट सर्विलांस और दूसरे दिन संपर्कों की थर्मल व ऑक्सीजन स्तर की जांच होती है। फिर पांच से आठ दिन बाद इनमें लक्षण प्रकट होने पर इनकी सैंपलिंग कराई जाती है। लक्षण प्रकट नहीं होने पर सैंपलिंग भी नहीं होती।
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गाइडलाइन का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग का तरीका बदल दिया है। ताजनगरी में मार्च और अप्रैल में जब कोरोना संक्रमण का फैलाव हुआ तो स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासन एक-एक संदिग्ध को घर से खोज कर उनकी जांच कर रहा था।
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तब 70 प्रतिशत से अधिक ऐसे संक्रमित मिले जिनमें लक्षण नहीं थे। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि नए मरीजों के संपर्क में आए लोगों को पहले दिन से ही होम क्वारंटीन करते हैं। 18 घंटे में कॉन्टेक्ट सर्विलांस और दूसरे दिन संपर्कों की थर्मल व ऑक्सीजन स्तर की जांच होती है। फिर पांच से आठ दिन बाद इनमें लक्षण प्रकट होने पर इनकी सैंपलिंग कराई जाती है। लक्षण प्रकट नहीं होने पर सैंपलिंग भी नहीं होती।
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नए मरीजों के संपर्क में तत्काल उन्हीं लोगों की सैंपलिंग कराई जा रही हैं जिनमें जोखिम अधिक है। इनमें हृदय, मधुमेह, सांस, गुर्दा, कैंसर व अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज शामिल हैं। या ऐसे लोग जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है।
हर दिन 400 सैंपल लेने के निर्देश
रोज 400 सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। नए मरीज मिलने पर वहां कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। जब तक संपर्कों की सैंपलिंग न हो, लक्षण न दिखें उन्हें होम क्वारंटीन में रखा जाए। - अनिल कुमार, मंडलायुक्त
हर दिन 400 सैंपल लेने के निर्देश
रोज 400 सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। नए मरीज मिलने पर वहां कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं ताकि संक्रमण का फैलाव न हो सके। जब तक संपर्कों की सैंपलिंग न हो, लक्षण न दिखें उन्हें होम क्वारंटीन में रखा जाए। - अनिल कुमार, मंडलायुक्त