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228 बीएड कॉलेजों को नोटिस, 15 मार्च तक दूर करें कमियां, नहीं किए जाएंगे काउंसलिंग में शामिल
Wed, 26 Feb 2020 03:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 26 Feb 2020 03:45 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने 228 बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। इन कॉलेजों की संबद्धता 30 जून 2020 को समाप्त होने जा रही है। 15 मार्च तक संस्थान में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की स्थिति में कॉलेजों के नाम बीएड सत्र-2020-22 की काउंसलिंग में शामिल नहीं किया जाएगा। छात्र-छात्राएं आवंटित नहीं हो पाएंगे। सूची में आगरा जिले के 51 कॉलेजों के नाम हैं।
कुलसचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि अस्थायी संबद्धता वाले कॉलेजों को एक वर्ष के लिए संबद्धता बढ़ाने का पत्र दिया गया था। पत्र में कॉलेजों की कमियों का भी उल्लेख किया गया था।
अधिकांश कॉलेजों के निरीक्षण में पाया जाता है कि शिक्षक मानक के अनुरूप अनुमोदित नहीं हैं। अनुमोदित शिक्षकों के नाम विश्वविद्यालय से संबद्ध दूसरे कॉलेजों में भी पाए गए हैं। वहीं कुछ कॉलेजों के सोसाइटी के पंजीकरण और प्रबंध समिति के गठन कालातीत (चुनाव नहीं कराए गए) हो चुका है।
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कुलसचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि अस्थायी संबद्धता वाले कॉलेजों को एक वर्ष के लिए संबद्धता बढ़ाने का पत्र दिया गया था। पत्र में कॉलेजों की कमियों का भी उल्लेख किया गया था।
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अधिकांश कॉलेजों के निरीक्षण में पाया जाता है कि शिक्षक मानक के अनुरूप अनुमोदित नहीं हैं। अनुमोदित शिक्षकों के नाम विश्वविद्यालय से संबद्ध दूसरे कॉलेजों में भी पाए गए हैं। वहीं कुछ कॉलेजों के सोसाइटी के पंजीकरण और प्रबंध समिति के गठन कालातीत (चुनाव नहीं कराए गए) हो चुका है।
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कॉलेजों में प्रयोगशाला तक नहीं
नोटिस में कहा कि है कि कुछ कॉलेजों में अग्निशमन, पेयजल, बिजली और वॉशरूम की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रायोगिक विषय होने के बाद भी कॉलेज में प्रयोगशालाएं नहीं हैं। पुस्तकालयों में पुस्तकों का अभाव है। पंजीकृत छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए कॉलेज में पर्याप्त फर्नीचर तक नहीं है।
तो संबद्धता बढ़ाई नहीं जाएगी
‘निर्धारित समय तक उल्लेखित कमियों को दूर न करने वाले कॉलेजों की संबद्धता बढ़ाई नहीं जाएगी। छात्र-छात्राओं के आवंटन के लिए बीएड की काउंसलिंग कराने वाले विश्वविद्यालय को कॉलेजों के नाम नहीं दिए जाएंगे।’ - डॉ. राजीव कुमार, कुलसचिव, विश्वविद्यालय
नोटिस में कहा कि है कि कुछ कॉलेजों में अग्निशमन, पेयजल, बिजली और वॉशरूम की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रायोगिक विषय होने के बाद भी कॉलेज में प्रयोगशालाएं नहीं हैं। पुस्तकालयों में पुस्तकों का अभाव है। पंजीकृत छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए कॉलेज में पर्याप्त फर्नीचर तक नहीं है।
तो संबद्धता बढ़ाई नहीं जाएगी
‘निर्धारित समय तक उल्लेखित कमियों को दूर न करने वाले कॉलेजों की संबद्धता बढ़ाई नहीं जाएगी। छात्र-छात्राओं के आवंटन के लिए बीएड की काउंसलिंग कराने वाले विश्वविद्यालय को कॉलेजों के नाम नहीं दिए जाएंगे।’ - डॉ. राजीव कुमार, कुलसचिव, विश्वविद्यालय