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कफन खरीदने को नहीं थे रुपए, ग्रामीणों की मदद से हुआ अंतिम संस्कार, अब परिवार पर भरण-पोषण का संकट
Tue, 31 Mar 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 31 Mar 2020 12:04 AM IST
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झोपड़ी में चार मासूमों संग बेबस बैठी रही महिला
- फोटो : अमर उजाला
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बाह में बकरी हांकने के दौरान जरार के क्रांति नगर में गौतम (30) की रविवार को कुएं में गिरकर मौत हो गई थी। सोमवार को बटेश्वर में अंतिम संस्कार करने तक को महिला के पास रुपये नहीं थे।
ऐसे में पूर्व प्रधान शारदा सिंह ने शव ले जाने के लिए ट्रैक्टर और अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम किया। जबकि भतीजे करतार सिंह ने अन्य सामान जुटाया। फिर 10-12 लोगों की मौजूदगी में बेटे अरमान ने मुखाग्नि दी।
झोपड़ी में रह रही मृतक की पत्नी अनीता 4 बच्चों गुलशन (7), अरमान (5), विजय नंदन (3), गुड्डू (1) की परिवरिश को लेकर चिंतित है। न तो रहने के लिए घर और न दो वक्त की रोटी का जुगाड़। समाज के लोगों ने शासन प्रशासन से अनीता और उसके बच्चों के भरण पोषण की मदद की गुहार लगाई है।
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रविवार की शाम चराते समय एक बकरी खराब पड़े कुएं पर रखी करब पर चढ गई थी। उसे हंकाने के प्रयास में गौतम बकरी समेत कुएं में गिर गया था। सोमवार को पोस्ट मार्टम के बाद शव घर पर पहंचा तो अंतिम संस्कार के लिए खर्च की समस्या खड़ी हो गई।
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ऐसे में पूर्व प्रधान शारदा सिंह ने शव ले जाने के लिए ट्रैक्टर और अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम किया। जबकि भतीजे करतार सिंह ने अन्य सामान जुटाया। फिर 10-12 लोगों की मौजूदगी में बेटे अरमान ने मुखाग्नि दी।
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झोपड़ी में रह रही मृतक की पत्नी अनीता 4 बच्चों गुलशन (7), अरमान (5), विजय नंदन (3), गुड्डू (1) की परिवरिश को लेकर चिंतित है। न तो रहने के लिए घर और न दो वक्त की रोटी का जुगाड़। समाज के लोगों ने शासन प्रशासन से अनीता और उसके बच्चों के भरण पोषण की मदद की गुहार लगाई है।
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रविवार की शाम चराते समय एक बकरी खराब पड़े कुएं पर रखी करब पर चढ गई थी। उसे हंकाने के प्रयास में गौतम बकरी समेत कुएं में गिर गया था। सोमवार को पोस्ट मार्टम के बाद शव घर पर पहंचा तो अंतिम संस्कार के लिए खर्च की समस्या खड़ी हो गई।