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अच्छी खबर: समय से पहले जन्मे नवजातों की जिंदगी बचा रही कंगारू थेरेपी, सामने आए नतीजे
Mon, 06 Jan 2020 10:29 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 06 Jan 2020 10:29 AM IST
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नवजात शिशु
- फोटो : social media
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कंगारू-मदर थेरेपी समय से पहले जन्मे नवजात की जिंदगी बचा रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की स्टडी में 12 फीसदी शिशु अन्य के मुकाबले जल्द स्वस्थ हुए हैं। चिकित्सक प्रसूताओं और परिजनों को इसका लाभ बताकर थेरेपी देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
बाल रोग विभाग में प्री-मैच्योर डिलीवरी के 50 बच्चों पर स्टड़ी की। यह शिशु नौ महीने से पहले पैदा होने वाले थे, अधिकांश सात महीने के रहे। इनको कंगारू-मदर थेरेपी दी गई, जिससे अन्य नवजात की तुलना में यह जल्द स्वस्थ हुए और मौत भी कम हुई। स्टडी करने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीरज यादव ने बताया कि यह नवजात एक से 28 दिन के रहे।
इनको इलाज के साथ मां या फिर खून के रिश्तों वाले परिजनों की सीने पर लिटाकर कंगारू थेरेपी दी गई। इसमें पाया कि नवजात में संक्रमण तेजी से खत्म हुआ और नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में ज्यादा दिन भर्ती रखने की जरूरत नहीं पड़ी।
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बाल रोग विभाग में प्री-मैच्योर डिलीवरी के 50 बच्चों पर स्टड़ी की। यह शिशु नौ महीने से पहले पैदा होने वाले थे, अधिकांश सात महीने के रहे। इनको कंगारू-मदर थेरेपी दी गई, जिससे अन्य नवजात की तुलना में यह जल्द स्वस्थ हुए और मौत भी कम हुई। स्टडी करने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीरज यादव ने बताया कि यह नवजात एक से 28 दिन के रहे।
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इनको इलाज के साथ मां या फिर खून के रिश्तों वाले परिजनों की सीने पर लिटाकर कंगारू थेरेपी दी गई। इसमें पाया कि नवजात में संक्रमण तेजी से खत्म हुआ और नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में ज्यादा दिन भर्ती रखने की जरूरत नहीं पड़ी।
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यह हैं कंगारू थेरेपी
प्री-मैच्योर डिलीवरी वाले नवजात को मां, दादी, नानी, मौसी, बुआ के सीने पर लिटाया जाता है। एक बार 20-30 मिनट की थेरेपी दी जाती है। यह दिन में पांच से सात बार तक दी जाती है। इसके लिए एसएन के बाल रोग विभाग में स्पेशल यूनिट बनी हुई है।
कंगारू मदर थेरेपी से यह है फायदा:
- संक्रमण से बचाव: नवजात में संक्रमण होने पर मां के सीने पर लिटाए जाने से मां में एंटीबॉडी बनने लगते हैं। इससे नवजात को स्तन पान कराने से संक्रमण से बचाव होता है।
- प्राकृतिक तापमान: मां या फिर परिजनों की सीने पर नवजात के लेटने से उसे प्राकृतिक तापमान मिलता है। इससे नवजात जल्द स्वस्थ होता है, गतिविधियां तेजी से करने लगता है।
स्तनपान: कंगारू थेरेपी से नवजात की स्तनपान की क्षमता बढ़ती है। वह तेजी से स्तनपान करता है, जिससे वह स्वस्थ होता है। परिजनों से भावनात्मक जुड़ाव होता है।
प्री-मैच्योर डिलीवरी वाले नवजात को मां, दादी, नानी, मौसी, बुआ के सीने पर लिटाया जाता है। एक बार 20-30 मिनट की थेरेपी दी जाती है। यह दिन में पांच से सात बार तक दी जाती है। इसके लिए एसएन के बाल रोग विभाग में स्पेशल यूनिट बनी हुई है।
कंगारू मदर थेरेपी से यह है फायदा:
- संक्रमण से बचाव: नवजात में संक्रमण होने पर मां के सीने पर लिटाए जाने से मां में एंटीबॉडी बनने लगते हैं। इससे नवजात को स्तन पान कराने से संक्रमण से बचाव होता है।
- प्राकृतिक तापमान: मां या फिर परिजनों की सीने पर नवजात के लेटने से उसे प्राकृतिक तापमान मिलता है। इससे नवजात जल्द स्वस्थ होता है, गतिविधियां तेजी से करने लगता है।
स्तनपान: कंगारू थेरेपी से नवजात की स्तनपान की क्षमता बढ़ती है। वह तेजी से स्तनपान करता है, जिससे वह स्वस्थ होता है। परिजनों से भावनात्मक जुड़ाव होता है।