{"_id":"5d74e7028ebc3e93b434487c","slug":"murder-accused-arrested-after-35-years-in-etah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एटा: 35 साल बाद पकड़ा गया हत्यारोपी सेवानिवृत्ति फौजी, दिल्ली के नजफगढ़ में बनाया था ठिकाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटा: 35 साल बाद पकड़ा गया हत्यारोपी सेवानिवृत्ति फौजी, दिल्ली के नजफगढ़ में बनाया था ठिकाना
Sun, 08 Sep 2019 05:03 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 08 Sep 2019 05:03 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
एटा जिले में पुलिस ने रंगदारी और हत्या के मामले में 76 वर्षीय सेवानिवृत्ति फौजी को गिरफ्तार किया है। जब उससे पूछताछ की गई तो उसके बारे में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पकड़ा गया आरोपी 35 साल पहले हुए हत्याकांड में भी वांछित था।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि थाना राजा का रामपुर के गांव सिमरई निवासी श्रीपाल सिंह पुत्र सरदार सिंह को पुलिस ने रविवार को पीपल अड्डा थाना कोतवाली नगर से गिरफ्तार किया है। उस पर पांच सितंबर को गांव के ही सुग्रीव पुत्र अनेकपाल सिंह ने 25 हजार रुपये रंगदारी मांगने और न देने पर परिवार सहित हत्या करने का आरोप लगाया था।
श्रीपाल पर 12 दिसंबर 1984 को गांव के ही साहब सिंह पुत्र रतिभान सिंह की हत्या करने का आरोप लगा है। जिसका मुकदमा दीपसिंह पुत्र साहब सिंह ने थाना राजा का रामपुर में दर्ज कराया था। पुलिस ने फरार घेषित करते हुए अदालत के आदेश पर तीन जनवरी 1985 को श्रीपाल की कुर्की भी की थी।
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एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि थाना राजा का रामपुर के गांव सिमरई निवासी श्रीपाल सिंह पुत्र सरदार सिंह को पुलिस ने रविवार को पीपल अड्डा थाना कोतवाली नगर से गिरफ्तार किया है। उस पर पांच सितंबर को गांव के ही सुग्रीव पुत्र अनेकपाल सिंह ने 25 हजार रुपये रंगदारी मांगने और न देने पर परिवार सहित हत्या करने का आरोप लगाया था।
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श्रीपाल पर 12 दिसंबर 1984 को गांव के ही साहब सिंह पुत्र रतिभान सिंह की हत्या करने का आरोप लगा है। जिसका मुकदमा दीपसिंह पुत्र साहब सिंह ने थाना राजा का रामपुर में दर्ज कराया था। पुलिस ने फरार घेषित करते हुए अदालत के आदेश पर तीन जनवरी 1985 को श्रीपाल की कुर्की भी की थी।
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श्रीपाल 1965 और 1971 का युद्ध भी लड़ा था
श्रीपाल सिंह 16 फरवरी 1963 को सेना में भर्ती हुआ था। आरटलरी 73 नंगधार में सिपाही की जिम्मेदारी निभाने के साथ ही 1965 और 1971 का युद्ध भी लड़ा था। इसके बाद श्रीपाल फरवरी 1983 में सेवानिवृत्त होकर अपने घर आ गया। दिसंबर 1984 में उसके साहब सिंह की हत्या करने का आरोप लगा।
साहब सिंह की हत्या करने के बाद फरार हुआ श्रीपाल ने दिल्ली के नजफगढ़ में अपना नया ठिकाना बनाया। सेना से सेवानिवृत्त होना का प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड होने के चलते सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी करता था। लेकिन कुछ दिनों से एटा आना-जाना शुरू हुआ तो रंगदारी मांगने लगा।
साहब सिंह की हत्या करने के बाद फरार हुआ श्रीपाल ने दिल्ली के नजफगढ़ में अपना नया ठिकाना बनाया। सेना से सेवानिवृत्त होना का प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड होने के चलते सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी करता था। लेकिन कुछ दिनों से एटा आना-जाना शुरू हुआ तो रंगदारी मांगने लगा।