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कासगंज: पति के साथ धरने पर बैठीं नगर पालिका चेयरमैन, एसडीएम के खिलाफ आक्रोश; जानें क्या है मामला
Sun, 05 Oct 2025 01:48 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sun, 05 Oct 2025 01:48 PM IST
सार
कासगंज नगर पालिका चेयरमैन के पति और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने गाली-गलौज और धमकाने के आरोप लगाए हैं।
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फोटो29सदर एसडीएम के खिलाफ तहसील में धरना पर बैठे पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र बौहरे साथ में प
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विस्तार
कासगंज नगर पालिका चेयरमैन मीना माहेश्वरी शनिवार को अपने पति पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र बोहरे और सभासदों व पालिका स्टाफ के साथ सदर तहसील में धरने पर बैठ गईं। उनका आरोप है कि सदर एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने जेल भिजवाने की धमकी भी दी। विवाद के पीछे की वजह डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नामित एजेंसी को वाहन देने के निर्देश बताई गई।
सदर तहसील में शनिवार की दोपहर नगर पालिका चेयरमैन मीना माहेश्वरी अपने पति पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र बोहरे, सभासदों और स्टाफ के साथ धरने पर बैठ गई। इस दौरान नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और चेयरमैन के पति राजेंद्र बोहरे ने आरोप लगाया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन एजेंसी को काम के लिए 14 वाहन दे रखे हैं। सिर्फ चार वाहन नगर पालिका के कर्मचारियों के लिए रखे गए हैं। एसडीएम सदर और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार कल से दबाव बना रहे थे कि ये चारों वाहन भी एजेंसी को दे दिए जाएं।
वह शनिवार को एसडीएम से मिलने के लिए उनके कक्ष में पहुंचे। इस दौरान अतिरिक्त वाहन देने से मना करने पर एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की। थाने से पुलिस बुलाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। वह इससे आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में एडीएम दिग्विजय प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर उन लोगों को समझाकर शांत कराया और धरना खत्म कराया।
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मामले में एसडीएम संजीव कुमार का कहना है कि शनिवार को उनके कक्ष में डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसी का मैनेजर और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मौजूद थे। इस दौरान एजेंसी को अन्य वाहन देने की बात चल रही थी। तभी पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष भड़क गए। मैनेजर से गाली-गलौज करने लगे। इस पर उन्होंने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और मैनेजर को बाहर जाने को कह दिया।
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सदर तहसील में शनिवार की दोपहर नगर पालिका चेयरमैन मीना माहेश्वरी अपने पति पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र बोहरे, सभासदों और स्टाफ के साथ धरने पर बैठ गई। इस दौरान नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और चेयरमैन के पति राजेंद्र बोहरे ने आरोप लगाया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन एजेंसी को काम के लिए 14 वाहन दे रखे हैं। सिर्फ चार वाहन नगर पालिका के कर्मचारियों के लिए रखे गए हैं। एसडीएम सदर और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार कल से दबाव बना रहे थे कि ये चारों वाहन भी एजेंसी को दे दिए जाएं।
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वह शनिवार को एसडीएम से मिलने के लिए उनके कक्ष में पहुंचे। इस दौरान अतिरिक्त वाहन देने से मना करने पर एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की। थाने से पुलिस बुलाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। वह इससे आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में एडीएम दिग्विजय प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर उन लोगों को समझाकर शांत कराया और धरना खत्म कराया।
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मामले में एसडीएम संजीव कुमार का कहना है कि शनिवार को उनके कक्ष में डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसी का मैनेजर और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मौजूद थे। इस दौरान एजेंसी को अन्य वाहन देने की बात चल रही थी। तभी पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष भड़क गए। मैनेजर से गाली-गलौज करने लगे। इस पर उन्होंने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और मैनेजर को बाहर जाने को कह दिया।