ऑक्सीजन संकट के बीच धांधली: आगरा में प्रशासन ने भिजवाए 810 सिलिंडर, अस्पतालों को नहीं मिले
अमर उजाला पड़ताल में पता चला कि अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिले। उनके नाम पर फर्जीवाड़ा हो गया है। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में ऑक्सीजन किल्लत के बीच सिलिंडर की धांधली का ‘खेल’ सामने आया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने पांच अस्पतालों में पांच दिन में 810 सिलिंडर की आपूर्ति की जांच के आदेश दिए। अमर उजाला पड़ताल में पता चला कि अस्पतालों को सिलिंडर नहीं मिले। उनके नाम पर फर्जीवाड़ा हो गया।
जिले में दो ऑक्सीजन प्लांट हैं। सिकंदरा पर एसडीएम सदर वीके गुप्ता की ड्यूटी है जबकि टेढ़ी बगिया में एसडीएम एत्मादपुर प्रियंका सिंह की निगरानी में सिलिंडर दिए जाते हैं। दोनों प्लांटों पर प्रशासनिक अधिकारी समेत तीन शिफ्ट में 12 अफसरों की ड्यूटी है।
शुक्रवार शाम डीएम प्रभु नारायण सिंह ने पांच अस्पतालों की सूची जारी करते हुए इनमें 30 अप्रैल से 4 मई तक 810 सिलिंडर आपूर्ति का दावा करते हुए जांच के निर्देश दिए। एसीएमओ, औषधि निरीक्षक ने पांच अस्पतालों का ऑडिट किया तो उनका सिलिंडर के सच से सामना हुआ। अस्पतालों में सिलिंडर आपूर्ति के साक्ष्य नहीं मिले।
161 सिलिंडर भिजवाने का दावा, मिला एक भी नहीं
सिकंदरा लाइफ लाइन नॉन कोविड अस्पताल में पिछले पांच दिनों में 161 सिलिंडर आपूर्ति का दावा किया गया, जबकि अमर उजाला ने हॉस्पिटल संचालक मानवंद्र शर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया पिछले एक महीने से एक भी मरीज भर्ती नहीं किया है। अस्पताल में सिर्फ दो खाली सिलिंडर हैं, उन्हें कोई सिलिंडर नहीं मिला।
इसी तरह ट्रांसयमुना स्थित कबीर हॉस्पिटल में पांच दिनों में 95 सिलिंडर आपूर्ति की बात कही गई। जांच में पता चला कि अस्पताल को पांच दिन में आठ सिलिंडर मिले हैं। कालिंदी विहार स्थित श्रीजी हॉस्पिटल में प्रशासन ने 274 सिलिंडर आपूर्ति बताई। संचालक एके चौहान ने कहा कि मेरा हॉस्पिटल ईएनटी मरीज देखता है। एक महीने से हमने कोई मरीज भर्ती नहीं किया। पूरी साल में 72 सिलिंडर मिले हैं फिर पांच दिन में 274 सिलिंडर कैसे मिल सकते हैं।
सदाशिव हॉस्पिटल संचालक एसके वर्मा ने बताया कि एक महीने में 52 सिलिंडर मिले हैं। प्रशासन ने यहां 200 सिलिंडर आपूर्ति का दावा करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
पांच अस्पतालों में पांच दिन में 810 सिलिंडर आपूर्ति की पड़ताल में पता चला कि कबीर और सदाशिव हॉस्पिटल को छोड़ बाकी तीन नॉन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई। ऐसे में सिलिंडर की आपूर्ति में धांधली के आरोप प्रशासनिक अधिकारियों पर लग रहे हैं।
दोनों ऑक्सीजन प्लांटों पर एसडीएम समेत 4-4 अधिकारियों की टीम है। प्लांट से ऑक्सीजन सिलिंडर देते समय वाहन नंबर व अन्य जानकारियों दर्ज होती हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या इन पांच अस्पतालों के नाम पर अन्य अस्पतालों को आपूर्ति की गई। जिसका जवाब प्रशासन के पास भी नहीं है।
सीएमओ को दर्ज कराए बयान
पांच अस्पतालों में शुक्रवार को एसीएमओ, औषधि निरीक्षक ने ऑडिट किया तो उन्हें सिलिंडर की आपूर्ति और उपलब्धता के साक्ष्य नहीं मिले। अस्पतालों संचालकों ने प्रशासन की सूची को फर्जी करार दिया है। अस्पताल संचालकों ने इस संबंध में अपने बयान भी दर्ज कराए हैं।
पता करेंगे कैसे हुई चूक
जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि हमने जांच की तभी पता चला कि इन पांच अस्पतालों में 810 सिलिंडर आपूर्ति हुई। अस्पताल संचालक मना कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट मंगाई है। कहां गड़बड़ी है इसकी जांच कराई जाएगी। चूक कैसे हुई ये पता किया जा रहा है।