ताजमहल में बंदरों का उत्पात, फिर किया हमला, बाल-बाल बचे सैलानी
चमेली फर्श पर शाही मस्जिद और मेहमान खाने की ओर बंदरों के झुंड ने पर्यटकों के दो दलों पर हमला किया। गनीमत रही कि पर्यटक बाल-बाल बच गए। बंदर के घुड़की देने पर रूस का एक पर्यटक तो नीचे गिर गया।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
21 अगस्त को इंदौर से आए पर्यटक समूह में शामिल बच्चों पर बंदरों ने हमला कर दिया। म्यूजियम की ओर पेड़ों के बीच से अचानक किए गए हमले से बच्चे घबरा गए और रोने-चिल्लाने लगे। ग्रुप में शामिल कई पर्यटकों ने बंदरों को भगाया।
27 अगस्त को ताजमहल देखने आई चीन की पर्यटक पर बंदर ने हमला कर दिया। वो अपने दल के सदस्यों के साथ पूर्वी गेट की ओर पैदल जा रही थी। यहां आसपास बंदरों के फोटो अपने कैमरे से खींच रही थी। इसी दौरान बंदर ने पीठ में दांत मार दिए।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
दशहरा घाट मंदिर की ओर से हर दिन सुबह और शाम को खाने की तलाश में बंदरों का बड़ा झुंड ताजमहल में पहुंचता है और अब तक 10 से ज्यादा सैलानियों को काट चुका है। वहीं स्थानीय लोगों भी इन बंदरों से परेशान हैं।
प्रदेश के पर्यटन महानिदेशक, प्रमुख सचिव, आगरा के डीएम और कमिश्नर को कई बार पत्र भेजकर ताज और किला पर बंदरों का आतंक खत्म करने को कह चुके हैं, लेकिन किसी विभाग ने मई से लेकर अब तक पांच महीनों में कोई कार्रवाई नहीं की।