'पति को छोड़ सकती हूं, मोबाइल को नहीं', परिवारों में उथल-पुथल, महिला थाने में आए 100 मामले
- लॉकडाउन में मोबाइल चलाने की पड़ गई आदत, अब दंपतियों के बीच हो रहे झगड़े, छह महीने में महिला थाने में आए सौ मामले
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पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन झगड़े की वजह बन रहा है। पत्नी की फेसबुक और व्हाट्सएप पर व्यस्तता पति को नागवार गुजर रही है। बात घर तक ही सीमित नहीं है, शिकायतें थाने तक पहुंच रही हैं। छह महीने में आगरा के महिला थाने में पति-पत्नी के झगड़ों के 100 मामले पहुंचे हैं। 50 फीसदी में पुलिस समझौता कराकर दंपती को एक कर चुकी है। बाकी में अभी काउंसिलिंग चल रही है। एक मामले में पत्नी ने यहां तक कह दिया कि वह पति को छोड़ सकती है, लेकिन मोबाइल को नहीं।
केस : 1
थाना हरीपर्वत क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी फरवरी में लखनऊ निवासी युवक से हुई थी। युवक व्यापार करता है। एक सप्ताह पहले महिला थाना में दोनों का मामला आया। युवती की शिकायत थी कि पति झगड़ा करता है। दहेज की मांग की जाती है। पति को बुलाकर बात की गई। दोनों को आमने-सामने भी बैठाया गया।
पति ने बताया कि पत्नी रात दो बजे तक फेसबुक और व्हाट्सएप पर व्यस्त रहती है। इस कारण सुबह नौ बजे तक उठ पाती है। सुबह का काम नहीं करती है। शादी के दो महीने बाद तक तो कुछ नहीं कहा। मगर, जब टोका तो पत्नी ने झगड़ा शुरू कर दिया। जुलाई में पत्नी मायके आ गई। तब से ससुराल नहीं गई है। इस पर दोनों को समझाया गया। 15 दिन बाद फिर से बुलाया गया है।
केस : 2
थाना रकाबगंज क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी दो साल पहले न्यू आगरा क्षेत्र के युवक से हुई थी। युवक प्राइवेट नौकरी करता है। उनके कोई संतान नहीं है। लॉकडाउन में पति कई दिन घर में ही रहा। तब उसे पता चला कि पत्नी पूरे दिन मोबाइल पर व्यस्त रहती है। वह टोकता है तो झगड़ा करने लगती है। घर के काम भी नहीं करती है।
एक महीने पहले जब उसे मोबाइल चलाने से मना किया तो मायके आ गई। अब पुलिस को दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी। पुलिस ने दोनों परिवारों को बैठाकर काउंसिलिंग की तो मोबाइल पर ऑनलाइन रहने की बात सामने आई। युवती का कहना था कि वह पति को छोड़ सकती है मोबाइल को नहीं। इस पर पुलिस ने दोनों को समझाया। अगली तारीख पर फिर से बुलाया गया है।
लॉकडाउन में बढ़ गई मोबाइल की आदत
महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक अलका सिंह ने बताया कि काउंसिलिंग में सामने आया है कि लॉकडाउन में लोगों को अपने घर में रहना पड़ा। इस दौरान पति मोबाइल चलाते थे। पत्नी भी ऑनलाइन रहती थी। पति घर में होते थे, इस कारण वो पत्नी को टोकते थे। इस बात पर झगड़े होने लगे। लॉकडाउन के दौरान मोबाइल पर व्यस्त रहने के सौ से अधिक मामले आए हैं। इनमें काउंसिलिंग की गई। पति-पत्नी के बीच समझौता कराने की कोशिश की गई। 50 फीसदी में समझौता हो गया। बाकी में सुनवाई हो रही है।