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UP: बिजली कर्मियों की करतूत...वेतन के नाम पर 2.17 करोड़ रुपये का घोटाला, एफआईआर हुई दर्ज
Tue, 02 Sep 2025 07:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 02 Sep 2025 07:42 AM IST
सार
आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के कमला नगर जोन में तैनात तीन बिजली कर्मियों के खिलाफ 2.17 करोड़ रुपये के वेतन गबन का मामला सामने आया है।
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घोटाला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के आगरा जोन में तैनाती के दौरान 2.17 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोपी तीन बिजली कर्मियों के खिलाफ कमला नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गबन की पुष्टि के बाद एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
डीवीवीएनएल झांसी के अधिशासी अभियंता विजय प्रकाश व लेखाकार गौरव कुमार के अनुसार मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के बसौली गांव निवासी टेक्निकल ग्रेड (टीजी-2) पवन कुमार आगरा में गुरु का ताल गुरुद्वारे के पीछे स्थित ककरेठा में भाेपाल यादव के मकान में किराए पर रह रहा था।
घपले के समय वह कमला नगर विद्युत परीक्षण खंड में वेतन लिपिक के तौर पर ईआरपी सिस्टम के जरिये वेतन संबंधी काम करता था। खंड के लेखाकार गौरव कुमार ने साल 2021-22 के वेतन के बकाये के रूप में फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच सामान्य से ज्यादा भुगतान करने की बात उच्चाधिकारियों के सामने रखी।
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पता चला कि इस काम को करने के लिए पवन ने गौरव व विजय प्रकाश के अलावा उसके बाद तैनात रहे अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह की सैप आईडी का पासवर्ड हासिल कर 1.18 करोड़ रुपये का भुगतान अपने बैंक खाते में करा लिया। यही नहीं, उसने दयालबाग रोड स्थित दुर्गा नगर निवासी कार्यकारी सहायक पिंकी देवी को 64.51 लाख और रुई की मंडी निवासी सफाईकर्मी छिंगा को 34.57 लाख रुपये का भुगतान करा दिया।
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डीवीवीएनएल झांसी के अधिशासी अभियंता विजय प्रकाश व लेखाकार गौरव कुमार के अनुसार मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के बसौली गांव निवासी टेक्निकल ग्रेड (टीजी-2) पवन कुमार आगरा में गुरु का ताल गुरुद्वारे के पीछे स्थित ककरेठा में भाेपाल यादव के मकान में किराए पर रह रहा था।
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घपले के समय वह कमला नगर विद्युत परीक्षण खंड में वेतन लिपिक के तौर पर ईआरपी सिस्टम के जरिये वेतन संबंधी काम करता था। खंड के लेखाकार गौरव कुमार ने साल 2021-22 के वेतन के बकाये के रूप में फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच सामान्य से ज्यादा भुगतान करने की बात उच्चाधिकारियों के सामने रखी।
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पता चला कि इस काम को करने के लिए पवन ने गौरव व विजय प्रकाश के अलावा उसके बाद तैनात रहे अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह की सैप आईडी का पासवर्ड हासिल कर 1.18 करोड़ रुपये का भुगतान अपने बैंक खाते में करा लिया। यही नहीं, उसने दयालबाग रोड स्थित दुर्गा नगर निवासी कार्यकारी सहायक पिंकी देवी को 64.51 लाख और रुई की मंडी निवासी सफाईकर्मी छिंगा को 34.57 लाख रुपये का भुगतान करा दिया।