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शहीदों को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ी भीड़, हर आंख से बहे आंसू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 31 Mar 2018 09:57 AM IST
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शहीद जवान
- फोटो : अमर उजाला
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अरुणांचल प्रदेश्ा के तमांग और असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में शहीद हुए मथुरा के दो लाल शुक्रवार को पंचतत्व में विलिन हो गए। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
अरुणाचल प्रदेश के तमांग में 28 मार्च को माइंस धमाके में शहीद हुए जवान रोहिताश कुमार (22) पप्पू सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह बलदेव के नगला लोका लाया गया तो हर कोई गमजदा दिखा।
बच्चा हो या बूढ़ा, हर कोई शहीद जवान के दर्शन को ललायित दिखे। शहीद जवान के लिए पार्क, नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग के चलते ग्रामीणों ने तीन घंटे तक अंतिम संस्कार रोके रखा। विधायक पूरन प्रकाश के समझाने के बाद सैनिक सम्मान के साथ शहीद जवान को विदाई दी गई।
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अरुणाचल प्रदेश के तमांग में 28 मार्च को माइंस धमाके में शहीद हुए जवान रोहिताश कुमार (22) पप्पू सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह बलदेव के नगला लोका लाया गया तो हर कोई गमजदा दिखा।
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बच्चा हो या बूढ़ा, हर कोई शहीद जवान के दर्शन को ललायित दिखे। शहीद जवान के लिए पार्क, नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग के चलते ग्रामीणों ने तीन घंटे तक अंतिम संस्कार रोके रखा। विधायक पूरन प्रकाश के समझाने के बाद सैनिक सम्मान के साथ शहीद जवान को विदाई दी गई।
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शहीदों को दी अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
थाना बलदेव के नगला लोका के रोहिताश कुमार 15 नवंबर-2015 में भर्ती हुए थे। राज रायफल्स की 77 इंफेंटरी में अरुणाचल प्रदेश के तमांग क्षेत्र में मुस्तैद जवान रोहिताश कुमार माइंस धमाके में शहीद हो गए।
शहीद होने पर दादा तोप सिंह, पिता पप्पू सिंह, माता राममूर्ति देवी, छोटा भाई भगवान सिंह, बहन रौतानी का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम विदाई सैनिक सम्मान के साथ 101 कोर इंजीनियर के जवानों ने सलामी दी। मुखाग्रि छोटे भाई भगवान सिंह ने दी है।
वहीं राजकीय व सैनिक सम्मान के साथ असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में शहीद हुए कालीचरन को भी शुक्रवार को प्रात: अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शनों को जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अंत्येष्टि स्थल पर मौजूद थे।
शहीद होने पर दादा तोप सिंह, पिता पप्पू सिंह, माता राममूर्ति देवी, छोटा भाई भगवान सिंह, बहन रौतानी का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम विदाई सैनिक सम्मान के साथ 101 कोर इंजीनियर के जवानों ने सलामी दी। मुखाग्रि छोटे भाई भगवान सिंह ने दी है।
वहीं राजकीय व सैनिक सम्मान के साथ असम के डिब्रूगढ़ क्षेत्र में शहीद हुए कालीचरन को भी शुक्रवार को प्रात: अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शनों को जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अंत्येष्टि स्थल पर मौजूद थे।
भीड़ उमड़ पड़ी
दी गई सलामी
- फोटो : अमर उजाला
कस्बे के थमू मोहल्ला निवासी सामंता का पुत्र कालीचरन असोम के तिनसुकिया में 28 मार्च को प्रात: विस्फोट में शहीद हो गया था। शुक्रवार को प्रात: आठ बजे शव चौमुहां पहुंचा तो भीड़ उमड़ पड़ी।
कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायन ने विधायक निधि से 20 लाख रुपये से तेली वाली पोखर पर प्रवेश द्वार बनवाने और पांच लाख रुपये से शहीद की प्रतिमा बनवाने की घोषणा की।
कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मीनारायन ने विधायक निधि से 20 लाख रुपये से तेली वाली पोखर पर प्रवेश द्वार बनवाने और पांच लाख रुपये से शहीद की प्रतिमा बनवाने की घोषणा की।