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भाजपा सरकार में ही शिक्षा व्यवस्था से खुश नहीं सांसद हेमा, बोलीं- 100 बच्चों को पढ़ा रहा एक शिक्षक
Wed, 04 Dec 2019 12:01 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 04 Dec 2019 12:01 AM IST
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मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी (फाइल)
- फोटो : ANI
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मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने भाजपा सरकार में ही शिक्षा व्यवस्था से खुशी नहीं है। उन्होंने मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बदहाल शिक्षा का मुद्दा उठाया। सांसद ने बताया कि मेरे संसदीय क्षेत्र में एक ही स्कूल की इमारत में चार-पांच स्कूल चल रहे हैं। नियमानुसार 30-35 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए लेकिन जिले में 100 छात्रों पर एक शिक्षक पढ़ा रहा है।
हेमामालिनी ने कहा कि कई स्थानों पर हालात यह हैं कि कहीं शिक्षक हैं तो छात्र नहीं और छात्र हैं तो शिक्षकों की संख्या कम है। मैंने देखा है कि आज भी यहां बच्चों का स्कूल पेड़ के नीचे चलता है। पिछले दिनों में मथुरा में प्राथमिक शिक्षा की बदहाल की खबर अमर उजाला ने प्रकाशित की थी।
इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को सांसद हेमामालिनी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। भाजपा सांसद ने कहा कि यह स्थिति मैं कई राज्यों में देख रही हूं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के मेरे संसदीय क्षेत्र मथुरा में भी देखने को मिला है।
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हेमामालिनी ने कहा कि कई स्थानों पर हालात यह हैं कि कहीं शिक्षक हैं तो छात्र नहीं और छात्र हैं तो शिक्षकों की संख्या कम है। मैंने देखा है कि आज भी यहां बच्चों का स्कूल पेड़ के नीचे चलता है। पिछले दिनों में मथुरा में प्राथमिक शिक्षा की बदहाल की खबर अमर उजाला ने प्रकाशित की थी।
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इसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को सांसद हेमामालिनी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया। भाजपा सांसद ने कहा कि यह स्थिति मैं कई राज्यों में देख रही हूं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के मेरे संसदीय क्षेत्र मथुरा में भी देखने को मिला है।
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'शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का काम हो'
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने शिक्षा को बहुत महत्व दिया है। आजादी के 62 साल ही सही 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया गया। फिर भी सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन 62 प्रतिशत से भी कम है।
सांसद हेमामालिनी ने एकीकृत शिक्षा योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए राज्य सरकारों की लापरवाही से इसके क्रियान्वयन न होने पर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकारी निजी पार्टनरशिप के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का काम किया जाए।
सांसद हेमामालिनी ने एकीकृत शिक्षा योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए राज्य सरकारों की लापरवाही से इसके क्रियान्वयन न होने पर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकारी निजी पार्टनरशिप के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का काम किया जाए।