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मकर संक्रांतिः इतने बजे शुरू हो जाएगा पुण्य काल, राशियों पर ये प्रभाव डालेंगे सूर्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:26 AM IST
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मकर संक्रांति
- फोटो : अमर उजाला
सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति कहते हैं। इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और शुभ कार्यों का श्रीगणेश हो जाता है। मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान, तीर्थ स्थलों की यात्रा, दान और अनुष्ठान का अत्यधिक महत्व है।
आचार्य हरिकृष्ण पाराशर ने बताया कि निर्णय सागर पंचांग के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दिन के 1.45 बजे होगा। इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी दोपहर 1.13 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसी दिन भगवान शंकर का प्रदोष व्रत भी है।
ज्येष्ठा नक्षत्र 1.13 बजे तक रहेगा उसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। 14 जनवरी को पुण्य काल संक्रांति लगने से साढ़े पांच घंटे प्रारंभ हो जाएगा। यह योग सभी राशियों के लिए शुभ फलदायी होगा।
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उधर कानपुर निवासी आदित्य पांडेय का कहना है कि मकर संक्रांति के दिन ध्रुव योग बन रहा है। इसी दिन उत्तराषाढ़ नक्षत्र और प्रदोष भी है। ऐसे में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष लाभ होगा। सूर्य के उत्तरायण होते ही धनात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। साथ ही शिशिर ऋतु प्रारंभ हो जाती है।
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आचार्य हरिकृष्ण पाराशर ने बताया कि निर्णय सागर पंचांग के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दिन के 1.45 बजे होगा। इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी दोपहर 1.13 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसी दिन भगवान शंकर का प्रदोष व्रत भी है।
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ज्येष्ठा नक्षत्र 1.13 बजे तक रहेगा उसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। 14 जनवरी को पुण्य काल संक्रांति लगने से साढ़े पांच घंटे प्रारंभ हो जाएगा। यह योग सभी राशियों के लिए शुभ फलदायी होगा।
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उधर कानपुर निवासी आदित्य पांडेय का कहना है कि मकर संक्रांति के दिन ध्रुव योग बन रहा है। इसी दिन उत्तराषाढ़ नक्षत्र और प्रदोष भी है। ऐसे में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष लाभ होगा। सूर्य के उत्तरायण होते ही धनात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। साथ ही शिशिर ऋतु प्रारंभ हो जाती है।
कैसे करें मकर संक्रांति पर्व पर पूजन
makar sakranti
- फोटो : self
आचार्य हरिगोपाल शास्त्री के मुताबिक मकर संक्रांति के दिन प्रात:काल उठकर स्नान करें। भगवान सूर्य को तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें गुड़, लाल चंदन, लाल पुष्प भगवान सूर्य को अर्पित करें। प्रसाद के रूप में भी तिल चखें। इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है।
मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व है। इस दिन तिल, कंबल, लाल कपड़ा, लाल मिठाई आदि का दान कर सकते हैं। चावल, मूंग और काली उड़द की दाल का दान करना चाहिए। गरीबों को कंबल दान करना चाहिए। खिचड़ी के भंडारे भी आयोजित करने का चलन है।
मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व है। इस दिन तिल, कंबल, लाल कपड़ा, लाल मिठाई आदि का दान कर सकते हैं। चावल, मूंग और काली उड़द की दाल का दान करना चाहिए। गरीबों को कंबल दान करना चाहिए। खिचड़ी के भंडारे भी आयोजित करने का चलन है।
सूर्य का राशियों पर असर
astrology
- फोटो : amarujala
मेष राशि- धन हानि के योग, ठग और चोरों से सावधान रहें, नई योजना और यात्रा के सुखद परिणाम, संतान पक्ष की ओर से चिंता।
वृष- आर्थिक तंगी, भाई से सुख, मित्र से कष्ट, स्त्री पक्ष से चिंता, व्यवसाय में सुधार की संभावना।
मिथुन- पहले धन लाभ फिर हानि, गुप्त चिंता, मित्र सहयोग, नई योजना से हानि, संतान पक्ष से चिंता।
कर्क- सेहत ठीक, धन लाभ, मित्र से कष्ट, स्त्री सुख, गुप्त शत्रु से सावधान रहने की जरूरत।
वृष- आर्थिक तंगी, भाई से सुख, मित्र से कष्ट, स्त्री पक्ष से चिंता, व्यवसाय में सुधार की संभावना।
मिथुन- पहले धन लाभ फिर हानि, गुप्त चिंता, मित्र सहयोग, नई योजना से हानि, संतान पक्ष से चिंता।
कर्क- सेहत ठीक, धन लाभ, मित्र से कष्ट, स्त्री सुख, गुप्त शत्रु से सावधान रहने की जरूरत।
सिंह- शत्रु भय, मानसिक तनाव, धन लाभ लेकिन खर्च भी अधिक, नीच से अपमान भय, कालांतर में लाभ।
कन्या- स्वास्थ्य लाभ, आर्थिक स्थित सामान्य, संतान से चिंता, मन अशांत लेकिन मांगलिक कार्य होने से खुशी।
तुला- उदर विकार, स्त्री पक्ष से चिंता, कारोबार प्रगति, धन लाभ, यात्रा में कष्ट, मित्र से मेल।
वृश्चिक- सेहत ठीक, घरेलू झगड़ों से मन खिन्न, कार्य परिवर्तन से लाभ, बंधु सहयोग, संतान पक्ष से खुशी।
कन्या- स्वास्थ्य लाभ, आर्थिक स्थित सामान्य, संतान से चिंता, मन अशांत लेकिन मांगलिक कार्य होने से खुशी।
तुला- उदर विकार, स्त्री पक्ष से चिंता, कारोबार प्रगति, धन लाभ, यात्रा में कष्ट, मित्र से मेल।
वृश्चिक- सेहत ठीक, घरेलू झगड़ों से मन खिन्न, कार्य परिवर्तन से लाभ, बंधु सहयोग, संतान पक्ष से खुशी।
धनु- स्वास्थ्य ठीक, धन लाभ, व्यय भी अधिक, भाई को कष्ट, संपत्ति लाभ, व्यापार में प्रगति।
मकर- नई योजना, संपत्ति लाभ के योग, साजिश से सावधान, सम्मान, कार्यांतर से लाभ के योग।
कुंभ- मानसिक परेशानी, धन लाभ के योग, मातृ सुख, स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं।
मीन- वायु विकार से परेशानी, बंधु सुख, नई योजना से लाभ, कारोबार ठीक, गुप्त शत्रु से सावधान, स्त्री सुख।
मकर- नई योजना, संपत्ति लाभ के योग, साजिश से सावधान, सम्मान, कार्यांतर से लाभ के योग।
कुंभ- मानसिक परेशानी, धन लाभ के योग, मातृ सुख, स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं।
मीन- वायु विकार से परेशानी, बंधु सुख, नई योजना से लाभ, कारोबार ठीक, गुप्त शत्रु से सावधान, स्त्री सुख।