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मैनपुरी: बर्बाद हो गई किसानों की फसल, हाथ पर हाथ धरे बैठा है प्रशासन
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बरनाहल में खेतों में भरे पानी को बाल्टी से बाहर निकालता किसान।
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। बरनाहल क्षेत्र के बदनपुर रजबहा में खंदी लगने से बृहस्पतिवार को किसानों की पांच सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। पहले जहां खंदी भी जिम्मेदारों ने बंद नहीं कराई तो वहीं दो दिन बार भी नुकसान के आंकलन के लिए कोई भी कर्मचारी या अधिकारी नहीं पहुंचा। परेशान किसान निजी संसाधनों से खेतों में भरा पानी निकालने में जुटे हैं।
बुधवार को आधी रात के बाद बदनपुर रजबहा में खंदी कट गई थी। इससे गांव कैलाशपुरा, ककर्रा और गढ़िया के किसानों की पांच सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। इसमें गेहूं, आलू और सरसों की फसल चौपट हो गई।
प्रशासन की लापरवाही के चलते किसानों को खंदी स्वयं ही चंदा कर बंद करानी पड़ी। वहीं दो दिन बाद भी प्रशासन ने किसानों की सुधि नहीं ली है। अब तक तहसील प्रशासन की ओर से कोई भी कर्मचारी और अधिकारी नुकसान का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंचा। इससे किसान आक्रोशित हैं। फसलों की लागत भी जहां डूब चुकी है तो वहीं खेतों में दो फीट पानी भरा होने से दूसरी फसल की बुवाई भी नहीं हो सकेगी।
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शनिवार को किसान पंपसेट और हाथों से खेतों में भरा पानी निकालने की कोशिश करते रहे। किसानों को उम्मीद है कि पानी निकालने से शायद, गेहूं की फसल कुछ बच जाए। किसानों ने जिलाधिकारी से फसल में हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। मांग करने वालों में राजू सिंह, लालसिंह, आमोद कुमार, प्रदीप, राजेश कुमार, प्रताप, देवेंद्र कुमार आदि शामिल हैं।
अमर उजाला के माध्यम से खंदी कटने से फसलें बर्बाद होने की जानकारी मिली है। सिंचाई विभाग और लेखपालों को नुकसान के आंकलन के निर्देश दिए हैं। जल्द ही टीम गांव में पहुंचकर कार्य करेगी।
- गोपाल शर्मा, एसडीएम करहल।
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बुधवार को आधी रात के बाद बदनपुर रजबहा में खंदी कट गई थी। इससे गांव कैलाशपुरा, ककर्रा और गढ़िया के किसानों की पांच सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। इसमें गेहूं, आलू और सरसों की फसल चौपट हो गई।
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प्रशासन की लापरवाही के चलते किसानों को खंदी स्वयं ही चंदा कर बंद करानी पड़ी। वहीं दो दिन बाद भी प्रशासन ने किसानों की सुधि नहीं ली है। अब तक तहसील प्रशासन की ओर से कोई भी कर्मचारी और अधिकारी नुकसान का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंचा। इससे किसान आक्रोशित हैं। फसलों की लागत भी जहां डूब चुकी है तो वहीं खेतों में दो फीट पानी भरा होने से दूसरी फसल की बुवाई भी नहीं हो सकेगी।
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शनिवार को किसान पंपसेट और हाथों से खेतों में भरा पानी निकालने की कोशिश करते रहे। किसानों को उम्मीद है कि पानी निकालने से शायद, गेहूं की फसल कुछ बच जाए। किसानों ने जिलाधिकारी से फसल में हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। मांग करने वालों में राजू सिंह, लालसिंह, आमोद कुमार, प्रदीप, राजेश कुमार, प्रताप, देवेंद्र कुमार आदि शामिल हैं।
अमर उजाला के माध्यम से खंदी कटने से फसलें बर्बाद होने की जानकारी मिली है। सिंचाई विभाग और लेखपालों को नुकसान के आंकलन के निर्देश दिए हैं। जल्द ही टीम गांव में पहुंचकर कार्य करेगी।
- गोपाल शर्मा, एसडीएम करहल।