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पुराने पन्नों से: जब विरोधियों ने एक-दूसरे के लिए मांगे थे वोट, तालमेल देख चकरा गई थी जनता
Mon, 08 Apr 2024 05:04 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
यथार्थ मिश्रा, आगरा
यथार्थ मिश्रा, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 08 Apr 2024 05:04 PM IST
सार
एक समय ऐसा था जब विरोधियों ने एक-दूसरे के लिए वोट मांगे थे। जनसंघ और कांग्रेस का तालमेल देख जनता भी चकरा गई थी।
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जब विरोधियों ने एक-दूसरे के लिए मांगे थे वोट
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव
विस्तार
देश में आम चुनाव का आगाज हो चुका है। प्रत्याशियों में जीत की ललक उनकी तैयारियों से साफ दिखाई दे रही है। नेता जनसंपर्क कर जनता से अपनी पार्टी के लिए समर्थन मांग रहे हैं। राजनीति में कब क्या हो जाए, किसी को नहीं मालूम। जनसंघ और कांग्रेस हमेशा से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। लेकिन, आगरा में एक ऐसा भी वाकया हुआ जब दो विरोधी पार्टियों के उम्मीदवारों ने एक-दूसरे के लिए वोट मांगे।
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हम बात कर रहे है आम चुनाव 1962 की। यह खबर अमर उजाला संस्करण के 15 फरवरी 1962 के अंक में प्रकाशित है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि तीसरे आम चुनाव में आगरा में विरोधियों ने एक दूसरे के लिए समर्थन मांगा था। आजादी के बाद से लेकर सन 2000 के बाद हुए चुनावों में कई बदलाव देखे जा सकते हैं। चाहे वो पार्टी को लेकर हों, प्रत्याशियों के बीच आपसी सद्भावना को लेकर हों या फिर मुकाबले को लेकर हों।
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यह सब चुनावी माहौल में संभव हो सकता है, परंतु जब कोई प्रत्याशी या कोई पार्टी अपने प्रतिद्वंदी के समर्थन में वोट मांगे तो यह चौंकाने वाली स्थिति हो जाती है। ऐसा ही एक किस्सा है सन 1962 में हुए आम चुनाव का जहां जनसंघ और कांग्रेस पार्टी के बीच ऐसा प्रेम देखा गया कि जनता भी चौंक गई और सोचने पर मजबूर हो गई कि ये हो क्या रहा है।
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आइए बताते हैं आपको वो दिलचस्प बात जब दो विरोधी पार्टी एक दूसरे की जीत के लिए जनता से अपने हक की जगह विरोधी पार्टी के पक्ष में वोट मांगने लगीं। आगरा जनपद में पार्टियों की तैयारियां, जनसंपर्क, पार्टी की रैलियां और कार्यकर्ताओं का जोश सब हुजूम पर था। उस समय लोकसभा और प्रदेश विधान सभा चुनाव एक साथ हुए थे।
फिरोजाबाद आगरा जिले का हिस्सा था। फिरोजाबाद विधानसभा क्षेत्र से आफताब अहमद कांग्रेस उम्मीदवार थे, तो वहीं जनसंघ ने जगदीश उपाध्याय पर दांव खेला था। इस बीच कई क्षेत्रों में कांग्रेस और जनसंघ के बीच ताल मेल देख जनता चकित रह गई।
फिरोजाबाद क्षेत्र में कई कांग्रेस कार्यकर्ता खुलकर जनसंघ के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे तो बाह में कांग्रेस ने विद्यावती राठौर को मैदान में उतारा। इंद्रजीत शर्मा जनसंघ के प्रत्याशी थे। बाह क्षेत्र में भी यही जुगलबंदी देखने को मिली। जनसंघ विधानसभा उम्मीदवार के समर्थक लोकसभा का वोट जनसंघ उम्मीदवार के लिए न मांगकर कांग्रेस उम्मीदवार के लिए मांग रहे थे।