{"_id":"632dec8daa7e8600650547cb","slug":"life-time-impresior-meant-mainpuri-news-agr5478616174","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुत्रवधू की हत्या में सास-ससुर समेत पांच को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुत्रवधू की हत्या में सास-ससुर समेत पांच को आजीवन कारावास
सार
12 दिसंबर 2017 को ससुराल के लोगों ने पारो को जला दिया। एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने पैरवी करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पारो का मृत्यु पूर्व बयान एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी के समक्ष पेश किया।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र में पंाच साल पहले पुत्रवधू की जलाकर हत्या करने वाले सास, ससुर, जेठ, जेठानी, चचिया ससुर को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पुरानी चुरंगी के निकट जीटी रोड कुरावली सचिन मिश्रा की शादी पारो उर्फ जोशना निवासी निगोह हसनपुर थाना मलावन एटा के साथ हुई थी। पारो के दो बच्चे थे। मां बाप के उत्पीड़न से तंग आकर सचिन ने आत्महत्या कर ली थी। पति की मौत के बाद पारो का उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। घर से निकालने की कोशिश की। 12 दिसंबर 2017 को ससुराल के लोगों ने पारो को जला दिया। 13 दिसंबर को सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई।
पारो की मां सुनीता देवी ने ससुर प्रेमचंद्र, सास आशा, जेठ नितिन, जेठानी शोभा, चचिया ससुर उदयचंद्र के खिलाफ पारो की जलाकर हत्या करने की रिपोर्ट लिखाई। एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने पैरवी करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की।
विज्ञापन
मृत्यु पूर्व बयान पर हुई सजा
पारो ने अस्पताल में तहसीलदार को अपना बयान दिया। मृत्यु से पूर्व तहसीलदार को दिए गए बयान में पारो ने पांचों पर जलाने का आरोप लगाया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पारो का मृत्यु पूर्व बयान एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी के समक्ष पेश किया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने पारो के मृत्यु पूर्व बयान को आधार मानकर पांचों को सजा सुना दी।
विज्ञापन
पुरानी चुरंगी के निकट जीटी रोड कुरावली सचिन मिश्रा की शादी पारो उर्फ जोशना निवासी निगोह हसनपुर थाना मलावन एटा के साथ हुई थी। पारो के दो बच्चे थे। मां बाप के उत्पीड़न से तंग आकर सचिन ने आत्महत्या कर ली थी। पति की मौत के बाद पारो का उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। घर से निकालने की कोशिश की। 12 दिसंबर 2017 को ससुराल के लोगों ने पारो को जला दिया। 13 दिसंबर को सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
पारो की मां सुनीता देवी ने ससुर प्रेमचंद्र, सास आशा, जेठ नितिन, जेठानी शोभा, चचिया ससुर उदयचंद्र के खिलाफ पारो की जलाकर हत्या करने की रिपोर्ट लिखाई। एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने पैरवी करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की।
विज्ञापन
मृत्यु पूर्व बयान पर हुई सजा
पारो ने अस्पताल में तहसीलदार को अपना बयान दिया। मृत्यु से पूर्व तहसीलदार को दिए गए बयान में पारो ने पांचों पर जलाने का आरोप लगाया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पारो का मृत्यु पूर्व बयान एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी के समक्ष पेश किया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने पारो के मृत्यु पूर्व बयान को आधार मानकर पांचों को सजा सुना दी।