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दहेज के लिए कत्ल: पति को आजीवन कारावास, जिंदा जलाकर की थी पत्नी की हत्या; मरने से पहले विवाहिता ने दिए बयान
Mon, 02 Oct 2023 09:58 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Oct 2023 09:58 AM IST
सार
दहेज के लिए विवाहिता की हत्या कर दी गई। मामले में कोर्ट ने मृत्यु के पहले विवाहिता द्वारा दिए बयान और गवाही के आधार पर पति को दोषी करार देते हुआ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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- फोटो : istock
विस्तार
आगरा के ताजगंज थानाक्षेत्र में 8 साल पहले एक महिला की जलाकर हत्या की गई थी। अपर जिला जज अपूर्व सिंह ने पति अंसार उर्फ मुन्ना को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। मृत्यु के पहले महिला के बयान और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई है। वहीं सह अभियुक्त कल्लू के विरुद्ध अपराध साबित न होने पर कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
यहां का है मामला
ताजगंज थाने में 12 जून 2015 को रईसा पत्नी चिराग उद्दीन ने तहरीर दी थी। बताया कि उनकी बेटी फरजाना की शादी पक्की सराय निवासी अंसार उर्फ मुन्ना के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज के लिए उत्पीड़न करने लगे। 12 जून 2015 को सुबह ससुराल में पति अंसार उर्फ मुन्ना, रईस, फहीम, कल्लू, इसरार, पप्पन, ससुर हाजी खलील व अन्य परिवार के लोगों ने बेटी के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी।
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एसएन में रही थी भर्ती
रईसा ने बताया कि पड़ोसियों की सूचना पर वह लोग पहुंचे तो बेटी जली पड़ी थी। एसएन में भर्ती कराया। कुछ दिन बाद मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी शशि शर्मा ने वादिनी सहित 10 गवाह और हत्या से जुड़े सबूत कोर्ट में पेश किए। पुलिस ने विवेचना के बाद केवल अंसार उर्फ मुन्ना व कल्लू के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने सह अभियुक्त कल्लू के विरुद्ध अपराध साबित न होने पर उसे बरी कर दिया।
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यहां का है मामला
ताजगंज थाने में 12 जून 2015 को रईसा पत्नी चिराग उद्दीन ने तहरीर दी थी। बताया कि उनकी बेटी फरजाना की शादी पक्की सराय निवासी अंसार उर्फ मुन्ना के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज के लिए उत्पीड़न करने लगे। 12 जून 2015 को सुबह ससुराल में पति अंसार उर्फ मुन्ना, रईस, फहीम, कल्लू, इसरार, पप्पन, ससुर हाजी खलील व अन्य परिवार के लोगों ने बेटी के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी।
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एसएन में रही थी भर्ती
रईसा ने बताया कि पड़ोसियों की सूचना पर वह लोग पहुंचे तो बेटी जली पड़ी थी। एसएन में भर्ती कराया। कुछ दिन बाद मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी शशि शर्मा ने वादिनी सहित 10 गवाह और हत्या से जुड़े सबूत कोर्ट में पेश किए। पुलिस ने विवेचना के बाद केवल अंसार उर्फ मुन्ना व कल्लू के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने सह अभियुक्त कल्लू के विरुद्ध अपराध साबित न होने पर उसे बरी कर दिया।
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